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पेट्रोल के खिलाड़ियों के टैंकर तो अब भी दौड़ रहे

Mon, 06 Mar 2017 12:59 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Mon, 06 Mar 2017 12:59 AM IST
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If players still running petrol tanker
पेट्रोल के खिलाड़ियों के टैंकर तो अब भी दौड़ रहे - फोटो : If players still running petrol tanker
बरेली। नकली पेट्रोल के खिलाड़ियों के टैंकर तो छह दिन बाद भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। अफसरों ने इनके टैंकरों को ब्लैक लिस्टेड करने की बातें तो कीं लेकिन कार्रवाई में ढिलाई बरती गई। हैरानी की बात यह है कि तेल के खेल का बड़ा खुलासा होने के बाद भी इंडियन ऑयल कारपोरेशन के अफसरों को पुलिस से रिपोर्ट आने का इंतजार है। तेल के असली पांच खिलाड़ियों में अबतक पुलिस सिर्फ एक को ही पकड़ सकी है। बाकी अन्य जिन छह को जेल भेजा गया है वह उनके नौकर हैं। अब मुकदमे में फर्जी दस्तावेज बनाकर गुजरात से कानपुर जाने वाले नेफ्था को देवचरा लाने की धाराएं बढ़ाई जा सकती है। 
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27 फरवरी की रात को बदायूं रोड पर थाना भमौरा के भोलापुर गांव के पास स्नेह कोल्ड स्टोरेज में नकली पेट्रोल का कारोबार पकड़ा गया था। निगोही(शाहजहांपुर) का वीरेंद्र पाल अकेला तेल का खिलाड़ी जेल गया है। वह भी मौके पर ही पुलिस को मिल गया था। कोल्ड स्टोरेज के मालिक केके गुप्ता, उनके बडे़ बेटे सौरभ गुप्ता और छोटा बेटा अंकुर गुप्ता को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई है। हालांकि आरोपियों के घर दबिश दिए जाने का दावा किया जा रहा है। तेल के इस खेल में सबसे बड़ा गेम टैंकरों के टेंडर का है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन में ही दागी नितिल कंसल, वीरेंद्र पाल और केके  गुप्ता के करीब तीस टैंकर लगे हैं। बाकी उन्होंने अपने रिश्तेदारों और मिलने वालों के टैंकर भी लगवा रखे हैं। तेल के इस खेल में असली रोल तो टैंकरों के  चालकों का ही है। चालकों से सांठगांठ करके ही नितिन और उनके साथी उन्हें कोल्ड स्टोरेज में बुला लेते थे। यहां तेल के खिलाड़ी टैंकर से आधा तेल निकालने के बाद अपने प्लांट में तैयार किया गया नकली पेट्रोल मिला देते हैं। आईओसी के पंपों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बाद भी दागियों के टैंकर सड़कों पर लगातार दौड़ रहे हैं। बरेली में ही आईओसी के चीफ मैनेजर स्तर के अधिकारी बैठते हैं। तेल के खिलाड़ियों के नेटवर्क सुर्खियां बना हुआ है लेकिन आईओसी अधिकारियों को इसके बाद भी शिकायत आने का इंतजार है। 
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 हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं दागी
पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए दागी हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। कई अधिवक्ताओं से तेल के खिलाड़ियों ने मशविरा किया है। नितिन अपने चार खास दोस्तों के अलावा किसी के संपर्क में नहीं है। वह व्हाट्सऐप पर कॉल करके बात कर रहा है। ताकि उसकी कॉल डिटेल के बारे में पुलिस भी आसानी से पता नहीं लगा पाए। 
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 आईजी करेंगे तेल के खेल की समीक्षा
आईजी विजय प्रकाश ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज में नकली पेट्रोल बनाकर बेचने के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर किसी भी स्तर से कोताही नहीं होनी चाहिए। यह बड़ा मामला है, आईओसी के पंप पर भी नकली पेट्रोल की सप्लाई होने की बात प्रकाश में आई है। इसलिए इस मामले को और अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है। सोमवार को वह विवेचक और अधिकारियों को बुलाकर इस मामले में हो रही कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। 

कानूनी राय के बाद बढ़ेगी धाराएं
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि गुजरात से नेफ्था का टैंकर कानपुर की फर्म के लिए चला था। वहां जाने के बजाए वह बरेली आ गया। इस दौरान दस्तावेजों में हेराफेरी होने की संभावना है। दस्तावेजों में हेराफेरी की बात कानूनी राय में साबित हो जाने पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468 और 471 बढ़ा दी जाएगी। इसके अलावा वह आईओसी के चेयरमैन और स्टेट ऑफिस को चिट्ठी लिख रहे हैं। चिट्ठी में उन्हें यह बताया जाएगा कि आपका टैंकरों का टेंडर लेकर नितिन और उसके साथी नकली पेट्रोल बनाने का धंधा कर रहे हैं। ताकि आरोपियों के टैंकरों को ब्लैक लिस्टिड करने की कार्रवाई हो सके। 
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