{"_id":"58123c784f1c1b944ebc4129","slug":"home-guard-s-eye-chili-jonkkr-muljim-ran-caught","type":"story","status":"publish","title_hn":"होमगार्ड की आंख में मिर्च झोंककर भागा मुल्जिम, पकड़ा गया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
होमगार्ड की आंख में मिर्च झोंककर भागा मुल्जिम, पकड़ा गया
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Fri, 28 Oct 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
Home Guard's eye chili Jonkkr Muljim ran, caught
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेशी पर लाए गए रेप के आरोपी ने होमगार्ड की आंख में मिर्च झोंककर भागने की कोशिश की। कचहरी परिसर में ही पुलिस ने अधिवक्ताओं की मदद से उसे दबोच लिया। इस मामले में सिपाही की ओर से मुल्जिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना सुभाषनगर के गंदे नाले इलाके के पास रहने वाला मयूर खां नाबालिग लड़की के रेप के मामले में जिला जेल में है। उसके खिलाफ रेप और पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने जेल भेजा था। बृहस्पतिवार को सिपाही असगर अली, होमगार्ड डालचंद के साथ मयूर खां को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सैयद सरवर हुसैन रिजवी के न्यायालय में पेशी को ले जा रहे थे। इस दौरान सीढ़ी पर चढ़ते समय मयूर खां से दो लोग मिले। इससे पहले परिवार के लोगों की भी उसके मुलाकात हो चुकी थी। सूत्रों के मुताबिक सीढ़ी पर मिले लोगों ने मयूर को पिसी हुई मिर्च दे दी और चले गए। मयूर की पुलिस कस्टडी से भागने की प्लानिंग थी। मुलाकात से चंद मिनट बाद ही उसने चलते-चलते होमगार्ड डालचंद को पुकारा और उनकी आंख में मिर्च झोंककर भाग गया। इससे सिपाही असगर को पसीना छूट गया। उसने थोड़ी दूरी पर खड़े सिपाही हारुन को इशारा करके मयूर को पकड़ने को कहा। हारुन उसकी तरफ दौड़ा तो और तेज भागने लगा। शोर मचाने पर वकीलों ने आरोपी को घेर लिया। इसके बाद वह कचहरी से निकल कर भाग नहीं पाया। कुछ देर कचहरी में अफरा-तफरी मची रही। प्रभारी निरीक्षक कमल कांत वर्मा ने बताया कि मामले में सिपाही की तरफ से आरोपी मयूर खां के खिलाफ पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कचहरी में पुलिस से दोस्ती करके ही मुल्जिम भाग जाते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि मुल्जिम कचहरी में घर का खाना खाते नजर आते हैं। परिवार वालों से उनकी मुलाकात यहां आसानी से हो जाती है। हालांकि इस सुविधा के लिए उन्हें कुछ न कुछ देना होता है। कुछ मुल्जिमों को मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए भी परिवार के लोगों और दोस्तों से मिलवा दिया जाता है। मुल्जिमों के भागने की बात की जाए तो हर मामले में यह बात ही सामने आती है कि पुलिस की लापरवाही रही है। इसके बाद भी पुलिस कर्मी मुल्जिमों को लेकर संजीदा नहीं रहते हैं। नतीजा यही निकलता है कि मुल्जिम भाग जाते हैं। सिपाही और होमगार्ड ने परिवार वालों से मिलवाने में लचीलापन नहीं दिखाया होता यह नौबत ही नहीं आती।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना सुभाषनगर के गंदे नाले इलाके के पास रहने वाला मयूर खां नाबालिग लड़की के रेप के मामले में जिला जेल में है। उसके खिलाफ रेप और पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने जेल भेजा था। बृहस्पतिवार को सिपाही असगर अली, होमगार्ड डालचंद के साथ मयूर खां को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सैयद सरवर हुसैन रिजवी के न्यायालय में पेशी को ले जा रहे थे। इस दौरान सीढ़ी पर चढ़ते समय मयूर खां से दो लोग मिले। इससे पहले परिवार के लोगों की भी उसके मुलाकात हो चुकी थी। सूत्रों के मुताबिक सीढ़ी पर मिले लोगों ने मयूर को पिसी हुई मिर्च दे दी और चले गए। मयूर की पुलिस कस्टडी से भागने की प्लानिंग थी। मुलाकात से चंद मिनट बाद ही उसने चलते-चलते होमगार्ड डालचंद को पुकारा और उनकी आंख में मिर्च झोंककर भाग गया। इससे सिपाही असगर को पसीना छूट गया। उसने थोड़ी दूरी पर खड़े सिपाही हारुन को इशारा करके मयूर को पकड़ने को कहा। हारुन उसकी तरफ दौड़ा तो और तेज भागने लगा। शोर मचाने पर वकीलों ने आरोपी को घेर लिया। इसके बाद वह कचहरी से निकल कर भाग नहीं पाया। कुछ देर कचहरी में अफरा-तफरी मची रही। प्रभारी निरीक्षक कमल कांत वर्मा ने बताया कि मामले में सिपाही की तरफ से आरोपी मयूर खां के खिलाफ पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
कचहरी में पुलिस से दोस्ती करके ही मुल्जिम भाग जाते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि मुल्जिम कचहरी में घर का खाना खाते नजर आते हैं। परिवार वालों से उनकी मुलाकात यहां आसानी से हो जाती है। हालांकि इस सुविधा के लिए उन्हें कुछ न कुछ देना होता है। कुछ मुल्जिमों को मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए भी परिवार के लोगों और दोस्तों से मिलवा दिया जाता है। मुल्जिमों के भागने की बात की जाए तो हर मामले में यह बात ही सामने आती है कि पुलिस की लापरवाही रही है। इसके बाद भी पुलिस कर्मी मुल्जिमों को लेकर संजीदा नहीं रहते हैं। नतीजा यही निकलता है कि मुल्जिम भाग जाते हैं। सिपाही और होमगार्ड ने परिवार वालों से मिलवाने में लचीलापन नहीं दिखाया होता यह नौबत ही नहीं आती।
विज्ञापन