{"_id":"56eb13f84f1c1b56258b4b75","slug":"farmer-s-cut-throat-and-killed","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान की गला काट कर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
किसान की गला काट कर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 18 Mar 2016 02:01 AM IST
विज्ञापन
हत्या राजेंद्र की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन से लापता युवा किसान की रंजिशन गला रेतकर हत्या करने के बाद शव नहर किनारे फेंक दिया। घरवालों ने आग लगाने की रंजिश में हत्या का आरोप लगाकर गांव के ही चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने उनमें से दो को दबोचकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल का एसपी देहात ने भी मुआयना किया। गांव में ही खोजी कुत्ता सुखलाल के घर के पास जाकर रुका तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला रेत कर हत्या करने की पुष्टि हुई है।
गांव पचौमी में भगवान दास उर्फपटे के घर दो माह पूर्व आग लगने से भैंस जल गई थी। इस दौरान भगवानदास के घर का और भी सामान जलकर स्वाह हो गया था। आग लगाने का आरोप गांव के ही राजेंद्र पुत्र दुलार पर आया। गांव वालों ने कई बार समझौते का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। आरोप है कि भगवानदास लगातार राजेंद्र को जान से मारने की धमकी दे रहा था। 15 मार्च की रात आठ बजे राजेंद्र अपने खेत पर बैंगन की रखवाली करने गया था। वहां भगवान दास, रामकीरत, उदयवीर तथा एक अन्य बात करते रहे और राजेंद्र गायब हो गया। तब से घरवाले उसे तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह कुछ लोग पचौमी के पास भोजपुर की नहर पर जानवर चरा रहे थे। उन्होंने नहर किनारे एक शव पड़ा देखा। सूचना पर पचौमी के भी लोग आ गए। लोगों ने शव की पहचान राजेंद्र के रूप में की। उसका गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था। शव के पास ही उसकी चप्पलें व टार्च पड़ी थीं। गांव वालों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एएसपी अभिनंदन, सीओ धर्मसिंह मार्छाल, प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद मय फोर्स के मौके पर पहुंच गये। पुलिस ने खोजी कुत्ता भी बुलाया जो गांव के बाहर सुखलाल के मकान तक गया। पुलिस ने सुखलाल को हिरासत में ले लिया। दो अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। राजेंद्र के भाई महेश ने भगवान दास समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
अंधी मां और बहन का सहारा था
-राजेंद्र के पिता दुलार का पूर्व में ही निधन हो गया था। उसकी मां अंधी है, जिस कारण राजेंद्र पर ही घर परिवार की जिम्मेदारी थी। मां को बेटे की हत्या की जानकारी मिली तो वह पछाड़ खाकर गिर पड़ी। बता दें कि राजेंद्र ने बहन सतानू शादी 24 अप्रैल को तय कर दी थी।
विज्ञापन
आखिर कहां गए पचास हजार रुपये
-प्रभारी निरीक्षक ने जांच में पाया कि दो दिन पूर्व राजेंद्र ने गांव की बड़ौदा बैंक से पचास हजार रुपये का लोन लेकर निकाल भी लिए थे। पुलिस जानकारी जुटा रही है कि पचास हजार रुपये उसने बहन की शादी के लिये निकाले थे या किसी और वजह से। रुपये इस समय किसके पास हैं, यह भी पता नहीं चल सका है। तफ्तीश हो रही है कि कहीं रुपये के लिए तो हत्या नहीं की गई।
हत्या में नामजद रिपोर्ट तो दर्ज हो गई है पर पुलिस खुद भी सुराग जुटाकर कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है। सटीक खुलासा कर सही आरोपियों को जेल भेजा जायेगा। - अभिनंदन, एएसपी, प्रभारी कोतवाल फरीदपुर
विज्ञापन
गांव पचौमी में भगवान दास उर्फपटे के घर दो माह पूर्व आग लगने से भैंस जल गई थी। इस दौरान भगवानदास के घर का और भी सामान जलकर स्वाह हो गया था। आग लगाने का आरोप गांव के ही राजेंद्र पुत्र दुलार पर आया। गांव वालों ने कई बार समझौते का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। आरोप है कि भगवानदास लगातार राजेंद्र को जान से मारने की धमकी दे रहा था। 15 मार्च की रात आठ बजे राजेंद्र अपने खेत पर बैंगन की रखवाली करने गया था। वहां भगवान दास, रामकीरत, उदयवीर तथा एक अन्य बात करते रहे और राजेंद्र गायब हो गया। तब से घरवाले उसे तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह कुछ लोग पचौमी के पास भोजपुर की नहर पर जानवर चरा रहे थे। उन्होंने नहर किनारे एक शव पड़ा देखा। सूचना पर पचौमी के भी लोग आ गए। लोगों ने शव की पहचान राजेंद्र के रूप में की। उसका गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था। शव के पास ही उसकी चप्पलें व टार्च पड़ी थीं। गांव वालों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एएसपी अभिनंदन, सीओ धर्मसिंह मार्छाल, प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद मय फोर्स के मौके पर पहुंच गये। पुलिस ने खोजी कुत्ता भी बुलाया जो गांव के बाहर सुखलाल के मकान तक गया। पुलिस ने सुखलाल को हिरासत में ले लिया। दो अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। राजेंद्र के भाई महेश ने भगवान दास समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
विज्ञापन
अंधी मां और बहन का सहारा था
-राजेंद्र के पिता दुलार का पूर्व में ही निधन हो गया था। उसकी मां अंधी है, जिस कारण राजेंद्र पर ही घर परिवार की जिम्मेदारी थी। मां को बेटे की हत्या की जानकारी मिली तो वह पछाड़ खाकर गिर पड़ी। बता दें कि राजेंद्र ने बहन सतानू शादी 24 अप्रैल को तय कर दी थी।
विज्ञापन
आखिर कहां गए पचास हजार रुपये
-प्रभारी निरीक्षक ने जांच में पाया कि दो दिन पूर्व राजेंद्र ने गांव की बड़ौदा बैंक से पचास हजार रुपये का लोन लेकर निकाल भी लिए थे। पुलिस जानकारी जुटा रही है कि पचास हजार रुपये उसने बहन की शादी के लिये निकाले थे या किसी और वजह से। रुपये इस समय किसके पास हैं, यह भी पता नहीं चल सका है। तफ्तीश हो रही है कि कहीं रुपये के लिए तो हत्या नहीं की गई।
हत्या में नामजद रिपोर्ट तो दर्ज हो गई है पर पुलिस खुद भी सुराग जुटाकर कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है। सटीक खुलासा कर सही आरोपियों को जेल भेजा जायेगा। - अभिनंदन, एएसपी, प्रभारी कोतवाल फरीदपुर