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फर्जी यूनिवर्सिटी के कोर्स और लाखों का गोलमाल! 

Thu, 20 Apr 2017 01:26 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Thu, 20 Apr 2017 01:26 AM IST
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False University course and millions of breakups!
फर्जी यूनिवर्सिटी के कोर्स और लाखों का गोलमाल!  - फोटो : False University course and millions of breakups!
फर्जी यूनिवर्सिटी के कोर्स कराने के नाम पर लाखों का गोलमाल करने का मामला सामने आया है। विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी दिल्ली से संबद्धता दिखाकर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स कराने के नाम पर राइट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल, आईटी संस्था संचालक स्कालरशिप का लाखों रुपये डकार गए। बुधवार को कई छात्र संस्था पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। बाद में 100 नंबर डायल कर पुलिस को भी बुला लिया। उस दौरान संस्था में महज एक व्यक्ति मौजूद था। पुलिस ने जब उसको हिरासत में लिया तो वह चकमा देकर भाग गया। छात्रों ने 100 नंबर पर शिकायत भी सौंप दी है। छात्रों का कहना है कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। छात्रों ने बताया कि संस्था में करीब तीन सौ छात्र पंजीकृत हैं। करीब बीस लाख रुपये से ज्यादा की स्कालरशिप का गोलमाल किया गया है।
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एक साल में ही बदल दी जगह
राइट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल, आईटी संस्था एक साल पहले मॉडन टाउन रेलवे क्रासिंग अतर सिंह डेयरी के सामने खोली गई। एक साल में ही संस्था संचालकों ने किराये के भवन में चलने वाली संस्था का स्थान बदल दिया। अब यह संस्थान मॉडल टाउन की जगह मुंशीनगर में चलता है। संस्था के पंफलेट में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, पैरामेडिकल के पचास से ज्यादा कोर्स दर्ज हैं। टीचिंग ट्रेनिंग, पैरामेडिकल कोर्स में जीएमएम, फिजियोथेरेपी, डिप्लोमा कोर्स में टेक्स टाइल्स, ब्यूटीशियन जैसे कोर्स शामिल हैं।
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 4.5 हजार से 20 हजार में कराते हैं कोर्स 
पैरामेडिकल कोर्स की फीस बीस हजार, छह माह के प्रशिक्षण कोर्स की फीस लड़कियों के लिए 4.5 हजार और लड़कों के लिए 5.5 हजार, तीन माह के प्रशिक्षण कोर्स के लिए 4.5 से 5.5 हजार फीस निर्धारित कर रखी है। दो वर्षीय प्रशिक्षण कोर्स के लिए 10.5 से 12.5 हजार, एक वर्षीय के लिए 6560 से 8500 रुपये निर्धारित की है।
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बिना फीस लेते हैं प्रवेश
बिना फीस छात्रों का यहां प्रवेश लिया जाता है। छात्रों का कहना है कि उनसे शपथपत्र लिया गया जिसमें लिखवाया गया कि स्लाकरशिप संस्था को दी दी जाए। कोर्स भी नहीं कराया और छात्रों की स्कालरशिप भी निकाल ली। छात्रों की स्कालरशिप नेशनल स्कालरशिप पोर्टल से आई है। अब बड़ा सवाल उठता है कि फर्जी यूनिवर्सिटी के कोर्स से स्कालरशिप कैसे आ गई। छात्र नेता मुस्तफा हैदर ने मामले को उठाया। उनका कहना कि फर्जी यूनिवर्सिटी के कोर्स वैध कैसे हो सकते हैं। छात्रों का कहना है कि मामला पुलिस में दर्ज कराएंगे।

प्रवेश लेते वक्त छात्रों को कह दिया था कि फीस नहीं लेंगे पर स्कालरशिप संस्था अपने पास रख लेगी। विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी फर्जी है इसकी जानकारी नहीं है। विश्वकर्मा और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से मान्यता है। छात्रों के आरोप गलत हैं।
- प्रेम बाबू, इंस्टीट्यूट संचालक 
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