फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Debt- ridden farmer's death

कर्ज के बोझ से दबे किसान की मौत

Mon, 15 Feb 2016 01:24 AM IST
बरेली
बरेली Updated Mon, 15 Feb 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
Debt- ridden farmer's death
बहेड़ी। सकरस गांव में पांच लाख के कर्ज से दबे एक किसान की मौत हो गई। मौत के बाद परिवार ने तहसील के संग्रह अमीन पर आरसी वसूलने की खातिर प्रताड़ित करने की वजह से हार्टअटैक होने का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी। हालांकि पोस्टमार्टम कराये बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन

सकरस निवासी 50 वर्षीय मोहम्मद इशहाक खां ने वर्ष 2009 में पंजाब एंड सिंध बैंक से करीब पांच लाख रुपये का कर्ज लिया था, इसके बदले उन्होंने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन को बंधक बनाया था। इशहाक ऋण जमा नहीं कर पाये। तब बैंक ने उनकी आरसी जारी कर तहसील भेज दी। तब से तहसील के संग्रह अमीन वसूली के लिए किसान के घर चक्कर काट रहे थे।
विज्ञापन

शनिवार शाम इशहाक की तबियत बिगड़ी तो घरवाले उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां डाक्टरों ने इशहाक को मृत घोषित कर दिया। तब परिवारवाले शव को वापस घर ले आए। मृतक के भाई अयूब खां ने पुलिस को अमीन विजेंद्र सिंह के खिलाफ तहरीर दी। बताया कि विजेंद्र सिंह कई दिन से उनके घर के चक्कर लगा रहे थे। शनिवार सुबह फिर अमीन इशहाक के घर पहुंचे और उन पर पैसा जमा करने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने इशहाक को हवालात में ले जाने की धमकी भी दे डाली। वहां मौजूद लोगों ने अमीन को समझाकर भेज दिया। अमीन के जाने के बाद ही उनके भाई की तबियत बिगड़ने लगी और फिर अटैक पड़ने से मौत हो गई। अयूब खां ने अमीन विजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया ने उनसे शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा तो मृतक के परिवारवालों ने साफ इंकार कर दिया। देर शाम गांव के कब्रिस्तान में शव को सुपुर्देखाक कर दिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट के लिए पोस्टमार्टम कराना जरूरी था जो नहीं कराया गया। फिर भी वह आरोपों की जांच करा रहे हैं।



जब बैंक से कर्ज लिया है और उसकी आरसी जारी की गई है तो अमीन तो चक्कर लगायेगा ही। यही अमीन की नौकरी है। वसूली को लेकर उच्चस्तर से काफी सख्ती चल रही है। इसलिए अमीन पर प्रताड़ना का आरोप निराधार है। - एके उपाध्याय तहसीलदार बहेड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed