{"_id":"d135d94c33130d38d5cab3cd50c13ee6","slug":"dalali-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलालों की सक्रियता पर उखड़े केन कमिश्नर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दलालों की सक्रियता पर उखड़े केन कमिश्नर
बहेड़ी/बरेली
Updated Fri, 09 Jan 2015 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केन कमिशभनर सुभाष चंद्र शर्मा बृहस्पतिवार दोपहर करीब 11 बजे अपने पूरे अमले के साथ केसर चीनी मिल पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले मिल के ट्राली तौलने के कांटो की जांच की इसके बाद किसानों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं जानी। दलालों द्वारा बहार की चीनी मिलों में गन्ना सप्लाई करने की जानकारी मिलने पर केन कमिशभनर ने एसडीएम व गन्ना विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया।
सबसे पहले कांटे की जांच कर उन्होंने कांटे पर एक डिसप्ले लगवाने को कहा ताकि किसान भी वजन जान सकें। सप्लाई कलेंडर व पर्चियो के शेडियूल की जानकारी लेने के बाद उन्होंने सेंटर से आने वाले ट्रकों के चालान चैक किऐ । एबीवी शरद मिश्रा, जीएम केन संजय त्यागी ने बताया कि अभी पिछला भुगतान अदा करने में लगे हुए हैं। इस पर केन कमिशभनर ने कहा कि 25 जनवरी तक पिछले सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान हर हाल में अदा कर दें नहीं तो 15 प्रतिशत ब्याज देना होगा और मिल पर सख्त कार्रवाई होगी।
किसानों से सीधे संवाद में पता चला कि इलाके के कुछ दलाल 160 रुपये कुंतल में गन्ना खरीद कर दूसरी चीनी मिलों में सप्लाई कर रहे हें। इस पर केन कमिशभनर ने एसडीएम व गन्ना विभाग के अधिकारियाें को फटकारा। उन्होंने कहा कि इस तरह तो चीनी मिलों में प्राइसवार छिड़ जाएगा। इसके बाद एक टीम को सेंटरों की जांच के लिए भेजने के आदेश दिए। इस दौरान उप गन्ना आयुक्त डा.दिनेश्वर मिश्रा, सहायक चीनी आयुक्त आर एस दुबे, जिला गन्ना अधिकारी शैलेष कुमार मौर्या, बीज उत्पादन अधिकारी वेद पाल सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार सिंह के अलावा गन्ना विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला खांडसारी निरीक्षक वंदना वार्ष्णेय के न आने पर उन्होंने नाराजगी जतायी।
विज्ञापन
इंसेट-
हसनपुर की सडक का मुआयना
बहेड़ी। केन कमिशभनर ने नैनीताल रोड पर बसे गांव हसनपुर में गन्ना विभाग द्वारा डाली गई डामर रोड का मुआयना किया। इसमेें कुछ खामियां मिली जिसे ठीक कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग द्वारा डाली गई सभी सड़कों व पुलियो का आडिट कराया जाएगा। उसी के बाद ठेकेदार का भुगतान होगा।
इंसेट-
मिलों का पक्ष भी रखा
बहेड़ी। पत्रकारों से बातचीत में केन कमिशभनर ने कहा कि पूरे देश की चीनी मिलें घाटे में चल रही हैं। यह एक चक्र है कभी फायदा तो कभी घाटा लेकिन हां चीनी के दाम बेहद कम हैं । सरकार मिलों को पैकेज दे रही है। चीनी को बाहर के बाजारों के लिए खोला जाना चाहिए। वैसे इस मसले पर ऊपर लेवल पर वार्ता चल रही है। अंत में बोले कि चीनी मिलें चाहे घाटे में हों लेकिन किसान उनका पूरक हैं लिहाजा गन्ने का भुगतान समय सीमा के अंतर्गत करना ही होगा।
फोटो-08बीएचआर 2 पी- मिल कैंपस में किसान की गन्ना सप्लाई पर्ची की जांच करते केन कमिशभनर।
विज्ञापन
सबसे पहले कांटे की जांच कर उन्होंने कांटे पर एक डिसप्ले लगवाने को कहा ताकि किसान भी वजन जान सकें। सप्लाई कलेंडर व पर्चियो के शेडियूल की जानकारी लेने के बाद उन्होंने सेंटर से आने वाले ट्रकों के चालान चैक किऐ । एबीवी शरद मिश्रा, जीएम केन संजय त्यागी ने बताया कि अभी पिछला भुगतान अदा करने में लगे हुए हैं। इस पर केन कमिशभनर ने कहा कि 25 जनवरी तक पिछले सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान हर हाल में अदा कर दें नहीं तो 15 प्रतिशत ब्याज देना होगा और मिल पर सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
किसानों से सीधे संवाद में पता चला कि इलाके के कुछ दलाल 160 रुपये कुंतल में गन्ना खरीद कर दूसरी चीनी मिलों में सप्लाई कर रहे हें। इस पर केन कमिशभनर ने एसडीएम व गन्ना विभाग के अधिकारियाें को फटकारा। उन्होंने कहा कि इस तरह तो चीनी मिलों में प्राइसवार छिड़ जाएगा। इसके बाद एक टीम को सेंटरों की जांच के लिए भेजने के आदेश दिए। इस दौरान उप गन्ना आयुक्त डा.दिनेश्वर मिश्रा, सहायक चीनी आयुक्त आर एस दुबे, जिला गन्ना अधिकारी शैलेष कुमार मौर्या, बीज उत्पादन अधिकारी वेद पाल सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार सिंह के अलावा गन्ना विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला खांडसारी निरीक्षक वंदना वार्ष्णेय के न आने पर उन्होंने नाराजगी जतायी।
विज्ञापन
इंसेट-
हसनपुर की सडक का मुआयना
बहेड़ी। केन कमिशभनर ने नैनीताल रोड पर बसे गांव हसनपुर में गन्ना विभाग द्वारा डाली गई डामर रोड का मुआयना किया। इसमेें कुछ खामियां मिली जिसे ठीक कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग द्वारा डाली गई सभी सड़कों व पुलियो का आडिट कराया जाएगा। उसी के बाद ठेकेदार का भुगतान होगा।
इंसेट-
मिलों का पक्ष भी रखा
बहेड़ी। पत्रकारों से बातचीत में केन कमिशभनर ने कहा कि पूरे देश की चीनी मिलें घाटे में चल रही हैं। यह एक चक्र है कभी फायदा तो कभी घाटा लेकिन हां चीनी के दाम बेहद कम हैं । सरकार मिलों को पैकेज दे रही है। चीनी को बाहर के बाजारों के लिए खोला जाना चाहिए। वैसे इस मसले पर ऊपर लेवल पर वार्ता चल रही है। अंत में बोले कि चीनी मिलें चाहे घाटे में हों लेकिन किसान उनका पूरक हैं लिहाजा गन्ने का भुगतान समय सीमा के अंतर्गत करना ही होगा।
फोटो-08बीएचआर 2 पी- मिल कैंपस में किसान की गन्ना सप्लाई पर्ची की जांच करते केन कमिशभनर।