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खीरा तोड़ने से मना किया तो पीटकर मार डाला
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:38 AM IST
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मृत किसान का फोटो
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खीरा तोड़ने से मना करने पर गुस्साए एक व्यक्त् िने अपने दो बेटों के साथ पॉलेज की रखवाली कर रहे बुजुर्ग को पीटकर मार डाला। पुलिस ने मृतक के बेटे की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौत होने की बात सामने आई है। मृतक की आंख के नीचे भी चोट के निशान है।
शाही कस्बे के मोहल्ला हसनपुर का 50 वर्षीय वाहिद हुसैन आबादी से सटी बहगुल नदी किनारे पॉलेज की रखवाली कर पत्नी रेहाना और सात बेटों के परिवार की गुजर-बसर करते थे। बड़े बेटे साजिद और माजिद की ही शादियां हो पाई हैं। मंझले बेटे माजिद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सोमवार रात लगभग साढ़े नौ बजे पॉलेज की रखवाली करने गए थे। मंगलवार तड़के चार बजे वाहिद ने लौटकर बताया कि नई बस्ती मोहल्ले का बुंदन शाह अपने बेटों वसीम, नदीम को लेकर रात लगभग 12 बजे पॉलेज में घुस आया। तीनों चोरी से खीरे-खरबूज तोड़ने लगे। वाहिद ने मना किया तो गाली गलौज करते और जान से मारने की धमकी देकर तीनों चले गए। सुबह सात बजे वाहिद दोबारा पॉलेज पर पहुंच गए। आरोप है कि कुछ देर बाद बुंदन और उसके दोनों बेटे वसीम, नदीम फिर पॉलेज पर जा धमके और वाहिद को लात-घूसों, लाठी-डंडों से जमकर पीटा और उनके सिर में डंडे से हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने से वाहिद की मौत हो गई। तहरीर के मुताबिक, मां रेहाना जब खाना लेकर पहुंची तो उसने तीनों को वाहिद को पीटते हुए देखा। परिवार वाले वाहिद को कस्बे के ही प्राइवेट क्लीनिक में ले गए, लेकिन डॉक्टर ने मरा हुआ बताकर भर्ती करने से मना कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची और लाश कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाने के बाद पोस्टमार्टम को भिजवा दी। एसओ महेंद्र सिंह के अलावा सीओ मीरगंज मनोज पांडेय भी पहुंच गए। पुलिस ने बुंदन और उसके दोनों बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके आरोपी नदीम को गिरफ्तार भी कर लिया है।
हत्या करके संदूक में छिप गया
वाहिद की हत्या में नामजद बुंदन और उसका एक बेटा वसीम तो फरार हो गए लेकिन दूसरे नामजद बेटे नदीम को पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से बचने को नदीम संदूक में कपड़ों के तले दुबक गया। संदूक खुलवाकर कपड़े हटाए गए तो अंदर छिपा बैठा नदीम मिल गया। उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया है।
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वाहिद के चाचा की भी हत्या हुई थी
ढाई दशक पहले वाहिद के चाचा सब्बीर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शाही कस्बे के ही खालिद मुल्ला को नामजद कराया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।
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शाही कस्बे के मोहल्ला हसनपुर का 50 वर्षीय वाहिद हुसैन आबादी से सटी बहगुल नदी किनारे पॉलेज की रखवाली कर पत्नी रेहाना और सात बेटों के परिवार की गुजर-बसर करते थे। बड़े बेटे साजिद और माजिद की ही शादियां हो पाई हैं। मंझले बेटे माजिद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सोमवार रात लगभग साढ़े नौ बजे पॉलेज की रखवाली करने गए थे। मंगलवार तड़के चार बजे वाहिद ने लौटकर बताया कि नई बस्ती मोहल्ले का बुंदन शाह अपने बेटों वसीम, नदीम को लेकर रात लगभग 12 बजे पॉलेज में घुस आया। तीनों चोरी से खीरे-खरबूज तोड़ने लगे। वाहिद ने मना किया तो गाली गलौज करते और जान से मारने की धमकी देकर तीनों चले गए। सुबह सात बजे वाहिद दोबारा पॉलेज पर पहुंच गए। आरोप है कि कुछ देर बाद बुंदन और उसके दोनों बेटे वसीम, नदीम फिर पॉलेज पर जा धमके और वाहिद को लात-घूसों, लाठी-डंडों से जमकर पीटा और उनके सिर में डंडे से हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने से वाहिद की मौत हो गई। तहरीर के मुताबिक, मां रेहाना जब खाना लेकर पहुंची तो उसने तीनों को वाहिद को पीटते हुए देखा। परिवार वाले वाहिद को कस्बे के ही प्राइवेट क्लीनिक में ले गए, लेकिन डॉक्टर ने मरा हुआ बताकर भर्ती करने से मना कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची और लाश कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाने के बाद पोस्टमार्टम को भिजवा दी। एसओ महेंद्र सिंह के अलावा सीओ मीरगंज मनोज पांडेय भी पहुंच गए। पुलिस ने बुंदन और उसके दोनों बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके आरोपी नदीम को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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हत्या करके संदूक में छिप गया
वाहिद की हत्या में नामजद बुंदन और उसका एक बेटा वसीम तो फरार हो गए लेकिन दूसरे नामजद बेटे नदीम को पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से बचने को नदीम संदूक में कपड़ों के तले दुबक गया। संदूक खुलवाकर कपड़े हटाए गए तो अंदर छिपा बैठा नदीम मिल गया। उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया है।
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वाहिद के चाचा की भी हत्या हुई थी
ढाई दशक पहले वाहिद के चाचा सब्बीर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शाही कस्बे के ही खालिद मुल्ला को नामजद कराया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।