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दो और मुकदमे में खुले आदेश-आदित्य के नाम

Thu, 11 Jun 2015 01:17 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 11 Jun 2015 01:17 AM IST
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फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए सेना में भर्ती कराने वाले गैंग के मास्टर माइंड आदेश गुर्जर और रिटायर्ड मेजर आदित्य चौहान का नाम दो और मुकदमे में खोला गया है। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच ने पकड़े 11 युवकों में से आठ के असली पते तस्दीक करा लिए हैं। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच तीनों मुकदमों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर ली है।

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विवेचना में अभ्यर्थी सुमित कुमार का असली पता पंछीखेड़ा, देवपुर, जिला रायबरेली होने की तस्दीक हुई है। उसने लखीमपुर खीरी शहर के गुरइया बाग के फर्जी पते का प्रमाण पत्र लगाया था। अमर यादव लखीमपुर खीरी के हिदायतनगर के पते से सेना में भर्ती हुआ लेकिन वह जिला उन्नाव के थाना गंगाघाट के बेहटा गांव रहने वाला है। राहुल लखीमपुर खीरी के ही शांति विहार के पते पर सेना में भर्ती हुआ जबकि रायबरेली के थाना खीरो के देवली गांव का मूल निवासी है। इसी तरह संदीप कुमार लखीमपुर की गोकुलनगरी के पते पर भर्ती हुआ जबकि उसका असली पता रायबरेली के थाना डीह के मऊ गांव का निकला।
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श्याम सिंह ने गोकुलपुरी (लखीमपुर खीरी) के निवास प्रमाणपत्र पर नौकरी पाई जबकि वह रायबरेली के थाना देवपुर के कहिंजर गांव का मूल निवासी है। मीरगंज के शिवपुरी के पते पर भर्ती विश्वेंद्र सिंह का असली पता आगरा के गढ़ी सहजा, एतमादपुर, आगरा का है। भमोरा (बरेली) के कटरा रमन निवासी राघवेंद्र सिंह का पता असली है लेकिन जांच के दौरान उसकी मार्कशीट फर्जी निकली है। बदायूं के थाना वजीरगंज के गांव बरीपुरा का पता दिखाने वाला अरुण कुमार मेरठ के हर्रा का रहने वाला है। सचिन भी बरीपुरा के पते पर ही सेना में भर्ती हुआ लेकिन वह गाजियाबाद के थाना निवाड़ी के कुनेहड़ा गांव का है। मोहित शर्मा ईंटगांव, कोतवाली बिलसंडा, पीलीभीत के नाम से भर्ती हुआ मगर वह भोला जागीर, थाना जानी, मेरठ का रहने वाला है। इससे पहले तीन लड़कों के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी निकले थे। एसपी क्राइम डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि दो लड़कों के पते मिलते ही मामले में चार्जशीट लगा दी जाएगी। दो और मुकदमों में आदेश और आदित्य चौहान का नाम खोल दिया है।
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आदित्य अब भी पकड़ से दूर
बरेली। मेरठ की रोहटा पुलिस ने सेना में सेंधमारी करके लाखों कमाने वाले आदेश गुर्जर को पकड़ लिया लेकिन उसका साथी रिटायर्ड मेजर आदित्य अभी तक पुलिस की  पकड़ से बाहर है। हालांकि बरेली क्राइम ब्रांच ने आदित्य की तलाश के लिए मुखबिरों का जाल बिछा रखा है। सूत्रों के मुताबिक आदित्य पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर होने की जुगत में है।


आदेश गैंग में चार और नए नाम शामिल
बरेली। आदेश के जेल जाने के बाद मेरठ के सुरेश भाटी और उसका भाई रवींद्र भाटी ने कमान संभाल ली है। दोनों आदेश की जमानत कराने में लगे हुए हैं। बुलंदशहर का शैलेंद्र उर्फ शैली भाटी का गुर्गा है जो युवाओं को नौकरी के नाम पर फंसाता है और आदेश गैंग के सुपुर्द कर देता है। पुलिस ने इन तीनों के अलावा रायबरेली के झोलाछाप डॉक्टर समेत चार लोगों के नाम आदेश के गैंग में शामिल कर लिए हैं।
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