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रामगंगा कटरी की जमीन को लेकर चल रही जंग
बरेली
Updated Sat, 23 May 2015 12:15 AM IST
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चौबारी के ठाकुरों में शहर किनारे रामगंगा कटरी की जमीन को लेकर स्वामित्व की लड़ाई बरसों से चल रही है पिछले दिनों हुई एक घटना के बाद रंजिश और बढ़ गई है। सजातीय नेता के यहां हुई पंचायत भी दोनों गुटों में समझौता नहीं करा सकी है।
गांव में जसवीर सिंह और राजवीर सिंह पक्ष में काफी समय से रंजिश चल रही है। बताते हैं कि बाढ़ के साथ हर साल बिगड़ने वाला रामगंगा किनारे की जमीन का भूगोल इसकी वजह है। इस जमीन का न तो बरसों से चकबंदी बंदोबस्त हुआ है और न ही नक्शा नजरी सलामत है। कटान के साथ खेत की स्थिति बदल जाती है जिससे स्वामित्व की लड़ाई पनपती है। पिछले साल झंडू नाम के ग्रामीण के भाई की आवासीय जमीन एक पक्ष ने खरीद ली। तब झंडू ने पूरे गांव से मिन्नत की कि उसे रास्ता दिला दिया जाए या फिर उसकी जमीन भी खरीद ली जाए। दूसरे पक्ष ने जब झंडू की मदद की तो काफी समय से दबी चिंगारी भड़क गई। सजातीय नेता ने विवाद सुलझाने को अपने यहां पंचायत बुलाई तो वहां समझौते की बजाय कड़वाहट बढ़ गई। तब से दोनों पक्षों में कई बार फायरिंग हो चुकी है। 29 अप्रैल को फायरिंग में सुखविंदर के भाई हरविंदर को गोली लगी थी। इस मामले में पांच लोग नामजद हुए थे। गांव के बुद्धिजीवी कहते हैं कि पुलिस हर बार दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज करके फौरी तौर पर मामला सुलझा देती है। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर विवाद की जड़ खत्म करने के प्रयास होने चाहिए।
वर्जन
फायरिंग मामले में दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। समान रूप से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गांव में माहौल अब ठीक है, पुलिस वहां मूवमेंट कर रही है। - आरके धारीवाल, थाना प्रभारी कैंट
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गांव में जसवीर सिंह और राजवीर सिंह पक्ष में काफी समय से रंजिश चल रही है। बताते हैं कि बाढ़ के साथ हर साल बिगड़ने वाला रामगंगा किनारे की जमीन का भूगोल इसकी वजह है। इस जमीन का न तो बरसों से चकबंदी बंदोबस्त हुआ है और न ही नक्शा नजरी सलामत है। कटान के साथ खेत की स्थिति बदल जाती है जिससे स्वामित्व की लड़ाई पनपती है। पिछले साल झंडू नाम के ग्रामीण के भाई की आवासीय जमीन एक पक्ष ने खरीद ली। तब झंडू ने पूरे गांव से मिन्नत की कि उसे रास्ता दिला दिया जाए या फिर उसकी जमीन भी खरीद ली जाए। दूसरे पक्ष ने जब झंडू की मदद की तो काफी समय से दबी चिंगारी भड़क गई। सजातीय नेता ने विवाद सुलझाने को अपने यहां पंचायत बुलाई तो वहां समझौते की बजाय कड़वाहट बढ़ गई। तब से दोनों पक्षों में कई बार फायरिंग हो चुकी है। 29 अप्रैल को फायरिंग में सुखविंदर के भाई हरविंदर को गोली लगी थी। इस मामले में पांच लोग नामजद हुए थे। गांव के बुद्धिजीवी कहते हैं कि पुलिस हर बार दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज करके फौरी तौर पर मामला सुलझा देती है। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर विवाद की जड़ खत्म करने के प्रयास होने चाहिए।
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फायरिंग मामले में दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। समान रूप से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गांव में माहौल अब ठीक है, पुलिस वहां मूवमेंट कर रही है। - आरके धारीवाल, थाना प्रभारी कैंट
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