मोबाइल टावर के नाम पर ठगी, आठ गए जेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रेमनगर इलाके के इंदिरा नगर निवासी अनुपम खंडेलवाल के मोबाइल पर छह जनवरी 2015 को नोएडा से एक फोन आया था। फोन करने वाले ने उन्हें झांसा दिया कि मोबाइल टॉवर लगाने के लिए उनकी जगह को चयन कर लिया गया। किराए के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। ये बात कहकर उनसे साठ हजार रुपये ठग लिए गए। ठगी का शिकार अनुपम ने थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन हुई तो पता चला कि नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है। इस पर क्राइम ब्रांच और एसटीएफ ने शनिवार को एनसीआर में चल रहे इस सेंटर पर छापा मारकर मामले का भंडाफोड़ कर दिया और 22 लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गए आठ आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के बाद दरोगा विनोद आनंद प्रेमनगर थाने लेकर आए, जहां से रविवार को उन्हें जेल भेज दिया गया।
00
ये जालसाज गए
- शारिक उर्फ जितिन भाटिया पुत्र नबाबुद्दीन निवासी निकट जामा मस्जिद, दिल्ली
- हरविंदर पुत्र हरवंश निवासी गाजियाबाद
- खारिक हुसैन पुत्र मुबस्सिर निवासी सीलमपुर, दिल्ली
- विष्णु पुत्र महेंद्र निवासी लक्ष्मीनगर, दिल्ली
- रत्नेश पुत्र महेंद्र निवासी उत्तमनगर, दिल्ली
- अशोक पुत्र ओम प्रकाश निवासी जगतपुर, दिल्ली
- विशाल पुत्र प्रेमपाल निवासी अंबेडकर नगर, दिल्ली
- आशी त्यागी पुत्र रवि कुमार त्यागी निवासी स्वर्ण जयंती पुरम, गाजियाबाद
00
मौके से पकड़ीं गईं इन लड़कियों को नोटिस देकर छोड़ा
- नजरीन, वंदना यादव, तरन्नुम निवासी रानीबा, पुष्पा नेगी निवासी लक्ष्मी बाग, आशा सिंह, दीपिका निवासी मड़ौली, भावना, नेहा शर्मा निवासी शशि गार्डन, नेहा दीक्षित निवासी कृष्णापुरी, अफसरा निवासी नोएडा- सेक्टर 27, स्वाती कनौजिया निवासी शास्त्री नगर दिल्ली, नीतू निवासी सेवा सदन, दिल्ली, सिमरन निवासी रमेश पार्क, दिल्ली को धारा 41 का नोटिस देकर मौके पर ही छोड़ दिया गया।
00
धोखाधड़ी के आठ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। उनके पास से मिले मोबाइल सर्विलांस पर लगाकर कॉल डिटेल निकाली जा रही है। नोएडा फर्जी कॉल सेंटर में पकड़ी गईं तेरह लड़कियों को जमानती अपराध होने के कारण धारा 41 को नोटिस देकर वहीं छोड़ दिया गया था।
- विनोद आनंद, सब इंस्पेक्टर प्रेमनगर