हवाई जहाज से आरोपी को लाने वाले दरोगा पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
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एसएसपी ने पूरे मामले की विभागीय जांच सीओ सिटी मुकुल द्विवेदी को दी है। जांच के दौरान उनसे यह भी सवाल किया जाएगा कि किसकी इजाजत से मुल्जिम को कोलकाता से पकड़क र हवाई जहाज से लेकर आए। हवाई जहाज से किसी भी मुल्जिम को लाने के लिए तो पुलिस हेड क्वाटर से अनुमति लेनी होती है। जिसमे यह स्पष्ट करना होता है कि केस कितना गंभीर है और अपराधी को ट्रेन या अन्य रुट से ले जाना सुरक्षा की दृष्टि से हितकर नहीं होगा। उसी आधार पर हवाई यात्रा की अनुमति प्रदान की जाती है।
सीओ सिटी मुकुल द्विवेदी ने बताया कि आईपीसी की धारा 409 का अमानत में खयानत करने का वह अध्ययन कर रहे हैं। कानूनी राय लेकर यह तय होगा कि प्राइवेट कंपनी के एजेंट पर यह धारा लागू होगी या नहीं, क्योंकि इस धारा को सरकारी कर्मचारियों पर लागू किया जाता है। कारोबारी ने चौदह फरवरी यह मुकदमा कोलकाता के बनर्जी रोड स्थित अवनीश शुक्ला से नाम लिखाया गया था। आरोप यह था कि अवनीश ने उनके करीब 66 लाख रुपये का गबन कर लिया है। लेकिन आरोपी को जेल भिजवाने के लिए तानाबाना बुनने के बाद भी उनका मकसद पूरा नहीं हो पाया।
विश्वासघात पर कप्तान को गुस्सा आया
-कोतवाली के इंस्पेक्टर शक्ति सिंह के अलावा बरेली के एक अधिकारी और लखनऊ के बड़े अधिकारी को इस पूरे मामले की जानकारी थी। किस तरह कार्रवाई होनी है, इस कहानी का तानाबाना बुनने में कोतवाल ने चौकी चौराहा पुलिस चौकी के प्रभारी अमित सिंह को शामिल कर लिया था। जबकि एसएसपी धर्मवीर यादव ने शक्ति सिंह को विश्वासपात्र मानते हुए कोतवाली की कमान दी थी। उन्होंने कोतवाली में तैनाती से पहले बुलाकर यह बताया भी था कि यहां के संदेश पूरे जिले की पुलिस को जाता है। शहर के खास लोग कोतवाली इलाके में ही रहते है। इसलिए किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले एक बार उनकी जानकारी में जरूर डाल दें। सूत्रों का कहना है कि कारोबारी की पैरवी पर लखनऊ के एक अधिकारी के कहने पर गिरफ्तारी हो गई। बीस दिन बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई तो गुस्सा आना लाजिमी था।
ट्रांजिट रिमांड से लाया गया आरोपी
बरेली। चौकी इंचार्ज अमित सिंह ने आरोपी को कोलकता में गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया गया ।अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद ही आरोपी को पुलिस हवाई जहाज से बरेली के लिए लाई।