पहले मरी बेटी जनी फिर खुद मर गई
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फरीदपुर के नई बस्ती निवासी सफरा बी (30) को शुक्रवार रात नौ बजे विकलांग पति अब्दुल जब्बार ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। जब्बार ने बताया था कि सीढ़ी से गिरने पर उसके सिर में चोट लगी है। सफरा सात माह के गर्भ से थी। डॉक्टराें ने पहले उसका मेडिकल परीक्षण किया उसके बाद उसे इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर 8 में भर्ती कर दिया। हेड इंजरी होने के चलते उसकी हालत गंभीर थी। सफरा को सर्जरी के चिकित्सक देख रहे थे। शनिवार को ही हालत गंभीर होने पर देख रहे चिकित्सक डॉ. एसके सक्सेना ने उसे रिफर करने को कह दिया था। अस्पताल के कर्मचारी व अस्पताल में आए अन्य तीमारदाराें ने बताया कि उसका पति अब्दुल जब्बार उसे कहीं ले जाने की स्थिति में नहीं था। वह जिले के एक सांसद का नाम लेकर जिला अस्पताल में ही इलाज कराने के लिए दबाव डाल रहा था। शाम चार बजे उसके पति ने जैसे ही उसे ले जाने की तैयारी की तो सफरा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आनन फानन में महिला अस्पताल की चिकित्सकाें को मेल वार्ड में ही उसकी डिलीवरी करा दी। डाक्टरों के मुताबिक उसने मरी हुए बेटी को जन्म दिया। जब्बार जिला अस्पताल से पत्नी को महिला अस्पताल लेकर पहुंचा तो वहां उसकी नाजुक हालत देख कर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर भेजने की बात की। जब्बार का कहना है कि वह परेशान होकर पत्नी को घर ले गया। रात करीब सवा ग्यारह बजे वह फिर उसेे रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज ला रहा था। रास्ते में कोल्ड स्टोर के पास उसकी मौत हो गई। जब्बार का आरोप है कि जिला अस्पताल में इलाज के अभाव में उसकी पत्नी की मौत हुई है।
बिहार से सफरा को बशीर लाया था
-फरीदपुर का रिक्शा चालक बशीर बिहार से सफरा को निकाह करके लाया था, जब्बार ने बताया कि वह आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। उसके जुल्मों के तंग आकर उसने उसका साथ छोड़कर उससे निकाह कर लिया था। सफरा से उसका तीन साल का लड़का है।