पुलिस ने कहा छैमारों ने की थी इंजीनियर दंपति की हत्या
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तीन दिन से पुलिस के सूत्र खबर दे रहे थे कि कुछ लोगों को पकड़ लिया गया है और सुरेश शर्मा नगर हत्याकांड का खुलासा हो गया है लेकिन प्रेस कांफ्रेंस लगातार टल रही थी। बुधवार को एसएसपी ने अपने कार्यालय में शाम बजे प्रेस को बुलाकर खुलासे की पूरी कहानी सुनाई। बरामदगी के नाम पर कथित रूप से लूटा गया सोना गला कर बनाए गए तीन सिक्के और मात्र ढाई हजार की बरामदगी पर खुद मारे गए इंजीनियर दंपत्ति के बेटे और भाई ने सवाल उठाए हैं।
बहरहाल पुलिस के मुताबिक जुलफान उर्फ जुलकान, फहीम उर्फ शंकर, सनी उर्फ तनवीर, राकेश उर्फ राशिद के अलावा रुकैया नाम की एक महिला को गरिफ्तार करने के बाद पूरी कहानी खुल गई है। सभी ने जुर्म भी कबूल कर लिया है। इस गिरोह के चार लोग सलमान, सत्तार, अंटी और आजाद फरार है। अंटी सत्तार का बेटा है, सलमान राकेश उर्फ राशिद का और आजाद रुकैया का। ये सभी आपस में रिश्तेदार हैं। एसएसपी ने बताया कि हत्या के बाद बंटवारे में पकड़े गए बदमाशों को पांच-पांच हजार रुपये ही मिले थे। बाकी माल और रकम सलमान और आजाद के पास बतायी जा रही है। घर से क्या-क्या लूटा गया इसका ब्यौरा पकड़े गए किसी बदमाश के पास नहीं है। दो लैपटॉप, मोबाइल, लॉकर की चाभी समेत किसी अन्य सामान के बारे में इनसे कोई जानकारी नहीं मिली है। एसएसपी ने बताया कि इंजीनियर दंपत्ति की हत्या रविवार की रात की गई। बदमाशों ने पहले सोते हुए इंजीनियर को मारा, फिर चीख सुन कर कमरे में आयी उनकी पत्नी को भी मार डाला। इसके बाद पूरे घर की तलाशी ली और माल समेट कर चले गए। इस घटना के लिए पहले रुकैया ने रैकी की और गिरोह के लोगों को घर दिखाया।