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बारह साल के बच्चे को बेरहमी से मार डाला
बरेली
Updated Sat, 21 Mar 2015 01:59 AM IST
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प्रेमनगर इलाके में बंद कोचिंग सेंटर में बारह साल के बच्चे का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। शव पर पाए गए निशान गवाही दे रहे हैं कि हत्या से पहले उसका गला दबाने की कोशिश हुई और फिर उसे सिर के बल पटका गया। हत्यारों ने घसीटते हुए उसका मुंह और नाजुक अंग कुचलने के साथ उसके सिर शरीर पर सत्रह जगह वार किए। हत्या के बाद बालक के नग्न शव को पड़ोस के ही छत पर फेंक दिया गया। एसपी सिटी का कहना है कि बालक के चिढ़ाने से आजिज आ चुके चौकीदार ने उसकी हत्या की है। चौकीदार और उसके एक साथी को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि इस मामूली बात पर इतनी निर्दयता से बच्चे के कत्ल की बात लोगों के गले नहीं उतर रही है।
प्रेमनगर इलाके के आरकेपुरम निवासी मोबीन फेरी लगाकर बच्चों के कपड़े बेचते हैं। मोबीन का बारह वर्षीय पुत्र मुनीर गांधीनगर चौराहे पर स्थित मुकेश अग्रवाल की कंफेक्शनरी की दुकान पर काम करता था। मुकेश ने बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे उसे गांधीनगर में ही रहने वाली निशा सक्सेना के घर दूध की थैली देने को भेजा। उसने यहां दूध की थैली दी और इसके बाद वह दुकान पर नहीं लौटा। काफी इंतजार के बाद भी जब मुनीर नहीं लौटा तो दुकानदार ने उसके घर पर फोन किया। परिवार वाले पूरे दिन उसे तलाशते रहे। शुक्रवार सुबह मोबीन और उनके परिवार के तहसीन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने प्रेमनगर थाने आ रहे थे। तभी सूचना मिली कि गांधीनगर निवासी ललितपुर में पंचायत राज विभाग में तैनात एएमए सुशील कुमार गुप्ता की छत पर बालक का शव नग्न अवस्था में पड़ा है। शव को सुबह नौ बजे सुशील गुप्ता के बराबर घर में रहने वाली ऋतु सक्सेना ने उस समय देखा, जब वह अपने छत पर कपड़े सुखाने के लिए डालने गईं। उन्होंने इसकी सूचना सुशील के घरवालों को दी। सूचना पर पुलिस और मुनीर के परिवार के लोग पहुंच गए। उसके कुचले हुए मुंह से खून बह रहा था। मारने के दौरान उसे घसीटने से सीने और पेट के निचले हिस्से पर चोट के निशान थे। उसका नाजुक अंग कुचला हुआ था और हाथ-पैर सूजे हुए थे। कुछ ही दूर पर उसके कपड़े और चप्पल, एक मटमैले रंग का थैला एवं एक दूध की थैली पड़ी थी। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि बंद पड़ी कोचिंग में तैनात चौकीदार पंकज सक्सेना निवासी पटे की बजरिया से बालक हंसी मजाक कर उसे अक्सर चिढ़ाता था। इसी खुन्नस में चौकीदार ने निशा सक्सेना के आवास से दूध देकर लौट रहे मुनीर को बंद कोचिंग में खींच लिया और उसकी हत्या कर दी। इंस्पेक्टर प्रेमनगर देेवेश सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। जिसमें बच्चे का गला दबाने की कोशिश करने के साथ उसे सिर के बल पटककर मारने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक के शरीर पर कुल सत्रह चोट के निशान पाए गए हैं। पोस्टमार्टम से पता चला है कि बालक की हत्या दिन में ही कर दी गई थी। उनका दावा है कि चौकीदार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और कहा कि उसने कुकर्म में विफल होने पर हत्या की। हालांकि उनका यह दावा भी किसी के गले नहीं उतर रहा है।
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पुलिस की कहानी पर उठ रहे सवाल
हंसी मजाक कर चिढ़ाने पर बालक की इतनी बेरहमी से हत्या कोई क्यों करेगा।
भारीभरकम शरीर का अकेला चौकीदार बालक का शव दो मंजिल तक कैसे ले जाएगा।
हत्या करने में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
क्रूरतापूर्वक की गई हत्या की वजह कोई और भी हो सकती है।
रात में दूसरी शिफ्ट में ड्यूटी पर आए चौकीदार ओम ने क्यों नहीं बताई किसी को घटना।
रातभर छत पर लाश पड़ी रहने के बाद भी एएमए के परिवार को भनक तक नहीं लगी।
बालक को पटककर मारने के बाद उसके कपड़े क्यों उतारे गए।
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मारने के बाद घसीटकर फेंकी पड़ोसी के छत पर लाश
बरेली। बालक मुनीर की हत्या बंद पड़ी दो मंजिला फिजिक्स प्वाइंट कोचिंग के निचले हिस्से में गला दबाकर की गई। इसके बाद उसको घसीटते हुए दो मंजिल छत पर ले जाया गया। यहां भी काफी घसीटने के निशान पाए गए। चप्पलों के निशान भी बने थे। बालक की हत्या दिन में ही कर दी गई और शाम को अंधेरा होने पर उसका शव पड़ोसी सुशील सक्सेना के छत पर फेंक दिया। कोचिंग की छत और जीने पर भी बच्चे को घसीटने के निशान थे। फील्ड यूनिट की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पता चला है कि जहां बच्चे को मारा गया था उस जगह की धुलाई भी कर दी गई थी।
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इकलौता चिराग बुझने के बाद बदहवास हुए पिता
मुनीर मोबीन का इकलौता बेटा था। उसकी बेरहमी से हत्या के बाद वह बदहवास हो गए। वहीं मुनीर की दस वर्षीय छोटी बहन अलीशा और मां मशफूरा भी मुनीर की हत्या के बाद बेहाल हैं।
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बेहद हंसमुख था उसे किसी ने क्यों मारा
कोचिंग के सामने स्थित भवन में रहने वाली निशा सक्सेना ने बताया कि मुनीर उनके यहां हर दिन दूध देने आता था। वह हंसमुख था, फिर उसे किसी ने क्यों मारा। आखिर उस मासूम ने किसका क्या बिगाड़ा था।
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चौकीदार नहीं कर सकता ऐसा: नीरज
कोचिंग संचालक नीरज जौहरी का कहना है कि पहले उनका नेहरू पार्क में कोचिंग सेंटर था। इसके बाद 2004 में गांधीनगर में सेंटर खोला और दस जनवरी 2014 से ये सेंटर बंद चल रहा है। जौहरी का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि चौकीदार ने ऐसा कृत्य किया होगा।
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प्रेमनगर इलाके के आरकेपुरम निवासी मोबीन फेरी लगाकर बच्चों के कपड़े बेचते हैं। मोबीन का बारह वर्षीय पुत्र मुनीर गांधीनगर चौराहे पर स्थित मुकेश अग्रवाल की कंफेक्शनरी की दुकान पर काम करता था। मुकेश ने बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे उसे गांधीनगर में ही रहने वाली निशा सक्सेना के घर दूध की थैली देने को भेजा। उसने यहां दूध की थैली दी और इसके बाद वह दुकान पर नहीं लौटा। काफी इंतजार के बाद भी जब मुनीर नहीं लौटा तो दुकानदार ने उसके घर पर फोन किया। परिवार वाले पूरे दिन उसे तलाशते रहे। शुक्रवार सुबह मोबीन और उनके परिवार के तहसीन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने प्रेमनगर थाने आ रहे थे। तभी सूचना मिली कि गांधीनगर निवासी ललितपुर में पंचायत राज विभाग में तैनात एएमए सुशील कुमार गुप्ता की छत पर बालक का शव नग्न अवस्था में पड़ा है। शव को सुबह नौ बजे सुशील गुप्ता के बराबर घर में रहने वाली ऋतु सक्सेना ने उस समय देखा, जब वह अपने छत पर कपड़े सुखाने के लिए डालने गईं। उन्होंने इसकी सूचना सुशील के घरवालों को दी। सूचना पर पुलिस और मुनीर के परिवार के लोग पहुंच गए। उसके कुचले हुए मुंह से खून बह रहा था। मारने के दौरान उसे घसीटने से सीने और पेट के निचले हिस्से पर चोट के निशान थे। उसका नाजुक अंग कुचला हुआ था और हाथ-पैर सूजे हुए थे। कुछ ही दूर पर उसके कपड़े और चप्पल, एक मटमैले रंग का थैला एवं एक दूध की थैली पड़ी थी। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि बंद पड़ी कोचिंग में तैनात चौकीदार पंकज सक्सेना निवासी पटे की बजरिया से बालक हंसी मजाक कर उसे अक्सर चिढ़ाता था। इसी खुन्नस में चौकीदार ने निशा सक्सेना के आवास से दूध देकर लौट रहे मुनीर को बंद कोचिंग में खींच लिया और उसकी हत्या कर दी। इंस्पेक्टर प्रेमनगर देेवेश सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। जिसमें बच्चे का गला दबाने की कोशिश करने के साथ उसे सिर के बल पटककर मारने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक के शरीर पर कुल सत्रह चोट के निशान पाए गए हैं। पोस्टमार्टम से पता चला है कि बालक की हत्या दिन में ही कर दी गई थी। उनका दावा है कि चौकीदार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और कहा कि उसने कुकर्म में विफल होने पर हत्या की। हालांकि उनका यह दावा भी किसी के गले नहीं उतर रहा है।
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पुलिस की कहानी पर उठ रहे सवाल
हंसी मजाक कर चिढ़ाने पर बालक की इतनी बेरहमी से हत्या कोई क्यों करेगा।
भारीभरकम शरीर का अकेला चौकीदार बालक का शव दो मंजिल तक कैसे ले जाएगा।
हत्या करने में और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
क्रूरतापूर्वक की गई हत्या की वजह कोई और भी हो सकती है।
रात में दूसरी शिफ्ट में ड्यूटी पर आए चौकीदार ओम ने क्यों नहीं बताई किसी को घटना।
रातभर छत पर लाश पड़ी रहने के बाद भी एएमए के परिवार को भनक तक नहीं लगी।
बालक को पटककर मारने के बाद उसके कपड़े क्यों उतारे गए।
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मारने के बाद घसीटकर फेंकी पड़ोसी के छत पर लाश
बरेली। बालक मुनीर की हत्या बंद पड़ी दो मंजिला फिजिक्स प्वाइंट कोचिंग के निचले हिस्से में गला दबाकर की गई। इसके बाद उसको घसीटते हुए दो मंजिल छत पर ले जाया गया। यहां भी काफी घसीटने के निशान पाए गए। चप्पलों के निशान भी बने थे। बालक की हत्या दिन में ही कर दी गई और शाम को अंधेरा होने पर उसका शव पड़ोसी सुशील सक्सेना के छत पर फेंक दिया। कोचिंग की छत और जीने पर भी बच्चे को घसीटने के निशान थे। फील्ड यूनिट की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पता चला है कि जहां बच्चे को मारा गया था उस जगह की धुलाई भी कर दी गई थी।
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इकलौता चिराग बुझने के बाद बदहवास हुए पिता
मुनीर मोबीन का इकलौता बेटा था। उसकी बेरहमी से हत्या के बाद वह बदहवास हो गए। वहीं मुनीर की दस वर्षीय छोटी बहन अलीशा और मां मशफूरा भी मुनीर की हत्या के बाद बेहाल हैं।
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बेहद हंसमुख था उसे किसी ने क्यों मारा
कोचिंग के सामने स्थित भवन में रहने वाली निशा सक्सेना ने बताया कि मुनीर उनके यहां हर दिन दूध देने आता था। वह हंसमुख था, फिर उसे किसी ने क्यों मारा। आखिर उस मासूम ने किसका क्या बिगाड़ा था।
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चौकीदार नहीं कर सकता ऐसा: नीरज
कोचिंग संचालक नीरज जौहरी का कहना है कि पहले उनका नेहरू पार्क में कोचिंग सेंटर था। इसके बाद 2004 में गांधीनगर में सेंटर खोला और दस जनवरी 2014 से ये सेंटर बंद चल रहा है। जौहरी का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि चौकीदार ने ऐसा कृत्य किया होगा।
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