केसर मिल के सीएमडी और यूनिट हेड पर एफआईआर
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गन्ना समिति के विशेष सचिव अमल कुमार मिश्रा की चार पेज की तहरीर में सीएमडी हर्ष आर किलाचंद्र और यूनिट हेड एसएम शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गन्ना अधिनियम, पूर्ति एवं खरीद विनिमयन 1953 का हवाला देते हुए कहा गया है कि मिल प्रबंधन ने चीनी बिक्री की 85 प्रतिशत रकम से न तो गन्ना किसानों का भुगतान किया न ही गन्ना समिति का कमीशन जमा किया गया।
बता दें कि मंगलवार को तहसील दिवस में पहुंचे डीएम के सामने किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उछला था। उन्होंने डीएम पर ही वादाखिलाफी की तोहमत मढ़ दी थी। इसके बाद डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी शैलेश कुमार मौर्या को मिल प्रबंधन पर मुकदमा कायम करने के आदेश दिए थे। देर शाम नौ बजे डीएम की फटकार के बाद जिला गन्ना अधिकारी और गन्ना समिति के विशेष सचिव तहरीर लेकर कोतवाली पहुंचे थे। इस कार्रवाई के बाद मिल का प्रबंधतंत्र भूमिगत हो गया है।
कोट
मिल प्रबंधन के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कर डर पैदा किया जा रहा है। प्रबंधन किसानों का भुगतान करने के लिए पैसे के इंतजाम में लगा हुआ है लेकिन इस तरह की कार्रवाई से वह आहत हैं।
-शरद मिश्र, एबीपी केसर चीनी मिल बहेड़ी।
रिपोर्ट लिखा दी, अब भुगतान भी कराओ
बहेड़ी। केसर चीनी मिल के खिलाफ एफआईआर के बाद भी किसानों ने जल्द भुगतान कराने की मांग की है। एसडीएम को भेजे पत्र में कहा कि है कि प्रशासन यह क्यों नहीं बता रहा है कि केसर चीनी मिल से उनका 150 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कैसे होगा। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के मंडलीय अध्यक्ष राकेश गंगवार ने कहा कि अब सवाल भुगतान का है। प्रशासन यदि एक सप्ताह में भुगतान नहीं करा पाता तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पत्र भेजने वालों में अतर सिंह राठौर, लाल जी बाबा, सीता राम कश्यप, वेद प्रकाश, चेतराम मौर्या, जानकी प्रसाद आदि शामिल हैं।