डीजीपी के दरबार में होगा फैसला, रिपोर्ट तलब
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दुकानों के आवंटन के मामले में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष शहला ताहिर और पूर्व चेयरमैन रवींद्र सिंह राठौर की जंग के बीच अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे सफाई कर्मियों पर लाठीचार्ज करने का मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गया है। उनके निर्देश पर डीजीपी ने एक ही दिन में 33 मुकदमे दर्ज होने समेत पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट तलब कर ली है। सीएम के हस्तक्षेप को देखते हुए इस मामले में सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जाने लगी है। इधर सफाई कर्मचारी शनिवार को नवें दिन भी धरने पर बैठे रहे, लेकिन उनकी सुनने को नहीं आया। पालिकाध्यक्ष ने ठेके पर कुछ लोगों को लगाकर सफाई कराई। लेकिन कुछ इलाकों की सड़कों की ही सफाई हो पाई। हड़ताल से शहर की सड़कों पर कूढ़े के ढेर लगे रहे।
आइजी विजय सिंह मीना के आदेश पर एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने नवाबगंज प्रकरण की जांच करने के बाद रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। जांच रिपोर्ट में एसपी देहात ने पालिका परिसर में दुकानों के ऊपर नीलामी में आवंटित दुकानों के निर्माण कार्य का भी ब्योरा भी सौंपा है। एसपी देहात ने बताया कि धरना देने वाले सफाई कर्मियों की तहरीर को विवेचना में शामिल कर लिया गया है। उनके लगाए गए आरोपों की भी जांच होगी। दुकानों के आवंटन और सफाई कर्मचारी दोनों की मामलों में जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है, उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साक्ष्य मिलने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी। उधर इस मामले में आईजी का कहना है कि उन्हें अभी तक एसपी देहात की रिपोर्ट नहीं मिली है। डीआईजी के यहां से उनके पास रिपोर्ट आएगी। यहां से जांच रिपोर्ट को डीजीपी के पास भेज दिया जाएगा। उनके आदेश पर ही इस मामले की जांच कराई गई थी। सूत्रों ने बताया कि यह प्रकरण सीएम अखिलेश यादव के दरबार में पहुंचने के बाद सूबे के पुलिस मुखिया ने जिले से रिपोर्ट तलब की। माना जा रहा है कि मामले में सख्त कार्रवाई हो सकती है।
जब नेताजी के खिलाफ 180 मुकदमे लिखे गए तब कहां थे ये अफसर
इंस्पेक्टर नवाबगंज ने कहा, मेरा परिवार नेताजी के लिए लाठियां खाता है
बरेली। दुकान आवंटन प्रकरण और सफाई कर्मियों के खिलाफ लिखाए गए मुकदमों में गिरफ्तारी के सवाल पर इंस्पेक्टर नवाबगंज जवाहर लाल यादव ने दो टूक कहा कि गिरफ्तारी और सुबूत जुटाना दरोगाओं का काम है। विवेचना करने वाले काम कर रहे हैं। जिनके खिलाफ सुबूत मिलेंगे आगे भी कार्रवाई होती रहेगी।
जवाहर ने कहा कि वह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव (नेताजी) के सच्चे सिपाही हैं। सुबह बैठने से पहले कुर्सी के पैर छूता हूं। नवाबगंज कोतवाली में 33 मुकदमे लिखे जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आईजी साहब ने भी उनसे मुकदमों के बारे में पूछा तो उनसे साफ कह दिया कि इंस्पेक्टर हूं मुझे पॉवर है जितने चाहूं मुकदमे लिखूं। कहां लिखा है कि इंस्पेक्टर अपनी कोतवाली में मुकदमा नहीं लिख सकता। लखनऊ में तो बसपा की सरकार में नेताजी के खिलाफ 180 मुकदमे लिखे गए थे। उस समय सब लोग कहां गए थे। प्रदेश के डीजीपी उस समय लखनऊ जोन के आईजी थे। मुझे भी उन्होंने बैड एंट्री दी थी। वह खुद इस मामले को लेकर नेता जी के पास जाने वाले हैं। सवाल कोई भी कितने करे, मुझे लोग समझ नहीं पा रहे हैं। इटावा का रहने वाला हूं। मेरा परिवार नेता जी के लिए लाठियां खाता है। जिन्हें मेरे बारे में पता करना है उन्हीं से पूछ लें जवाहरलाल यादव कौन है। वर्दी की चिंता नहीं आठ महीने बाकी हैं, जब चाहूंगा नौकरी छोड़ दूंगा। किसी से दबना उसने नहीं सीखा। हमेशा इमानदारी और जलवे के साथ नौकरी की है। जब तक वर्दी रहेगी, इंसाफ करता रहूंगा।