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लूट के लिए शादी रचाने वाले पकड़े गए
बरेली।
Updated Wed, 12 Apr 2017 01:50 AM IST
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Captives for the booty were caught
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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एक मुस्लिम लड़की को हिन्दू का स्वांग रचाकर शादी कराई गई और फिर 40 हजार और घर के माल पर हाथ साफ कर दिया गया। नकली दुल्हन बनकर धोखाधड़ी करने वाली महिला के तार रिठौरा से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने लुटेरी दुल्हन के मौसा बनकर आए युवक और एक बिचौलिए को मंगलवार को पकड़ा। दोनों से पूछताछ में बताया कि ठगी का एक तिहाई रुपया दोनों ने रख लिया है, जबकि एक हिस्सा लुटेरी दुल्हन के पास है पर अब वह चकमा देकर फरार हो गई है। पुलिस ठगी करने वाली महिला को जल्द पकड़ने का दावा कर रही है।
आठ मार्च को घर से माल समेटकर ले गई दुल्हन के मामले में पुलिस ने दुल्हन के कथित भाई सूर्यप्रकाश उर्फ राजेश और तिगरा के एक सहयोगी संतोष को पकड़कर जेल भेज दिया था। एक अन्य फरार बिचौलिया ननकू उर्फ भगत चेना मुरारपुर और दुल्हन के मौसा बने मोहनलाल गोपाडांडी थाना देवरनिया को पुलिस ने घेराबंदी करके दबोचा। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने ठगी का रुपया आपस में बांट लिया। मौसा बने मोहनलाल ने बताया कि उन्हें 2200 और ननुकी को 2600 रुपये मिले हैं। दोनों का कहना है कि ठगी करने वाले लड़की रिठौरा के दूसरे समुदाय की है। जो किसी के माध्यम से उनसे मिली और तीनों ने ठगी की योजना बनाई। दोनों आरोपियों ने पुलिस को लुटेरी दुल्हन का फोन नंबर और घर का पता भी दिया है। एसएसआई सुरेंद्र कुमार का कहना है कि दोनों नामजद आरोपी पकड़ लिए हैं, लूट की योजना में कुछ और लोग भी जुड़े हैं।
यह था मामला :
28 मार्च को गांव सावरखेड़ा के हरीश ने सुनीता नाम की महिला से बरेली के मंदिर में शादी की और घर ले आया। आठ अप्रैल को कुछ लोग सुनीता के मायके पक्ष के बनकर सावरखेड़ा पहुंचे और विदा कराने की बात कही। हरीश की मां सोमवती ने रात को मेहमानाें को घर में ठहराया। अगली सुबह जब वह उठीं तो बहू सुनीता गायब थी। सोमवती की तहरीर पर सुनीता समेत पांच पर ठगी करके घर का माल समेट ले जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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आठ मार्च को घर से माल समेटकर ले गई दुल्हन के मामले में पुलिस ने दुल्हन के कथित भाई सूर्यप्रकाश उर्फ राजेश और तिगरा के एक सहयोगी संतोष को पकड़कर जेल भेज दिया था। एक अन्य फरार बिचौलिया ननकू उर्फ भगत चेना मुरारपुर और दुल्हन के मौसा बने मोहनलाल गोपाडांडी थाना देवरनिया को पुलिस ने घेराबंदी करके दबोचा। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने ठगी का रुपया आपस में बांट लिया। मौसा बने मोहनलाल ने बताया कि उन्हें 2200 और ननुकी को 2600 रुपये मिले हैं। दोनों का कहना है कि ठगी करने वाले लड़की रिठौरा के दूसरे समुदाय की है। जो किसी के माध्यम से उनसे मिली और तीनों ने ठगी की योजना बनाई। दोनों आरोपियों ने पुलिस को लुटेरी दुल्हन का फोन नंबर और घर का पता भी दिया है। एसएसआई सुरेंद्र कुमार का कहना है कि दोनों नामजद आरोपी पकड़ लिए हैं, लूट की योजना में कुछ और लोग भी जुड़े हैं।
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यह था मामला :
28 मार्च को गांव सावरखेड़ा के हरीश ने सुनीता नाम की महिला से बरेली के मंदिर में शादी की और घर ले आया। आठ अप्रैल को कुछ लोग सुनीता के मायके पक्ष के बनकर सावरखेड़ा पहुंचे और विदा कराने की बात कही। हरीश की मां सोमवती ने रात को मेहमानाें को घर में ठहराया। अगली सुबह जब वह उठीं तो बहू सुनीता गायब थी। सोमवती की तहरीर पर सुनीता समेत पांच पर ठगी करके घर का माल समेट ले जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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