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यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की कमी बरकरार

Thu, 08 Feb 2018 12:12 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Thu, 08 Feb 2018 12:12 AM IST
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anomalies seen in UP Board exam
students
 यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में ड्यूटी न करने वाले 860 शिक्षकों का वेतन रोकने का फैसला लिया गया है। पहले दिन अनुपस्थित रहे कक्ष निरीक्षकों की रिपोर्ट बनाकर नोटिस भेजने शुरू कर दिए गए हैं। बेसिक शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र भेजा गया है। परीक्षा के पहले दिन काफी संख्या में निरीक्षक नहीं पहुंचे थे। बेसिक शिक्षा विभाग से 2225 शिक्षक मांगे गए थे जिसमें 300 शिक्षक रिजर्व रखे गए थे। 1925 शिक्षकों को ड्यूटी करनी थी। इसमें सिर्फ 13 सौ ने ही ड्यूटी ज्वाइन की। तमाम माध्यमिक शिक्षकों ने भी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। कुल मिलाकर ऐसे शिक्षकों की संख्या अब 860 है। दूसरी तरफ जिन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे उनकी रिपोर्ट भी डीएम को भेजी जाएगी।
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7515 ने छोड़ी हाईस्कूल की परीक्षा
सख्ती की वजह से तमाम परीक्षार्थियों ने शुरुआत में ही परीक्षा छोड़ दी है। बुधवार सुबह हाईस्कूल हिंदी का पेपर था जिसमें 58221 छात्र पंजीकृत थे। इसमें 50706 ने परीक्षा दी और 7515 ने परीक्षा छोड़ दी। इनमेें लड़कों की संख्या 5472 और लड़कियां 2043 रहीं। सुबह की पाली में इंटरमीडिएट संगीत गायन, संगीत वादन, नृत्यकला प्रथम का पेपर था जिसमें 317 छात्र पंजीकृत थे इसमें दस छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी जिसमें नौ लड़कियां थी। शाम की पाली में बीमा सिद्धांत एवं व्यवहार प्रथम की परीक्षा थी जिसमें 1660 छात्र पंजीकृत थे। 1596 ने परीक्षा दी।
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सुबह परीक्षा, शाम को मांगी फोर्स
बोर्ड परीक्षा में विभागीय लापरवाहियां भी सामने आ रही हैं। परीक्षा के पहले दिन सचल दल के साथ पुलिस फोर्स बहुत कम नजर आया था। दरअसल आरआई को फोर्स उपलब्ध कराने के लिए पत्र ही नहीं भेजा गया। जब जिला प्रशासन ने जवाब तलब किया तब पता चला कि फोर्स की मांग ही शाम को आई। इसपर डीएम ने अफसरों को फटकार भी लगाई। बुधवार को सचल दल के साथ एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाही भेजे गए। आरआई महेश के अनुसार उनको शाम को पत्र मिला। अगर समय से पत्र मिला होता  तो फोर्स उपलब्ध कराई जाती। बुधवार को पर्याप्त संख्या में फोर्स उपलब्ध कराई गई।
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बहेड़ी के कॉलेज को देखने पहुंचे डीआईओएस
बहेड़ी के पूर्व विधायक के भाई के कॉलेज अर्सियाबोझ में शफीक अहमद इंटर कॉलेज बोर्ड परीक्षा केंद्र पर तंबू लगाकर जमीन पर परीक्षा कराई गई थी। कई बार निरीक्षण होने के बावजूद कॉलेज में फर्नीचर कम होने की बात सामने नहीं आई। बुधवार को डीआईओएस टीम के साथ कॉलेज में छापेमारी करने पहुंचे। अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक को फटकार लगाई कि जब तंबू लग रहा था सूचना क्यों नहीं दी। स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने भी आपत्ति नहीं जताई। यहां बुधवार को परीक्षा व्यवस्थित मिली। परीक्षा कमरों में कराई गई। डीआईओएस ने बताया कि अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट के मामले में डीएम को पत्र भेजा जाएगा। बहेड़ी की घटना के सामने आने के बाद डीआईओएस ने सभी अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों को पत्र भेजकर चेतानी दी कि अगर केंद्र पर कोई भी अव्यवस्था मिली तो उसका जिम्मेदार उनको भी माना जाएगा। उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।

सपा नेता ने अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक को धमकाया
लाख कोशिशों के बावजूद केंद्रों पर कॉलेज प्रबंधन मनमानी कर रहा है। बाबा हरदेव सिंह इंटर कॉलेज लभारी आंवला में प्रबंधक के पति प्रतिबंध होने के बावजूद केंद्र पर पहुंचे और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के टोकने पर उसको धमका भी डाला। डीएम से शिकायत करने के बाद डीआईअेाएस ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को प्रबंधक का केंद्र पर प्रवेश रोकने को पत्र भेजा है। अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक अंबरीश कुमार शर्मा ने डीएम को भेजे पत्र में कहा कि प्रबंधक के पति लक्ष्मण प्रसाद जो कि एक सपा नेता भी हैं वह केंद्र पर जबरन पहुंच गए। टोकने पर उन्होंने कहा कि वह कॉलेज के मालिक हैं। उन्हें कौन रोक सकता है।

पूरे साल पढ़ाया, अब पता चला परीक्षा फार्म ही नहीं भरा
सख्ती के बावजूद कॉलेजोें ने फर्जीवाड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रिजवान हुसैन कादरी इंटर कॉलेज बडिया सीबीगंज में छात्र मोहम्मद अलीम भी फर्जीवाड़े का शिकार हो गया। कॉलेज में उसका हाईस्कूल का परीक्षा फार्म ही नहीं भरा। पूरी फीस वसूली, पूरे साल पढ़ाया जब परीक्षा देने पहुंचा तो पता चला कि उसका नाम ही लिस्ट से गायब है। मोहम्मद अलीम का कहना है कि उससे तीन सौ रुपये प्रतिमाह फीस ली गई, छह विषयों के प्रैक्टिकल के 2400 रुपये लिए गए। इतना ही नहीं  पास का सेंटर बनवाने के लिए भी छात्रों से एक-एक हजार रुपये वसूले। छात्र का प्रवेश पत्र नहीं आया।


एडीएम सिटी बने नोडल अधिकारी
परीक्षाएं शांतिपूर्वक कराने के लिए डीएम ने आर विक्रम सिंह ने अपर जिलाधिकारी नगर को बोर्ड परीक्षा का नोडल अधिकारी नामित किया है। अब परीक्षाएं उनके ही निर्देशन में संपन्न होंगी।
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