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हिंदू युवा वाहिनी नेता की गिरफ्तारी के बाद थाने पर बवाल की कोशिश
बरेली।
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:18 AM IST
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हिंदू युवा वाहिनी नेता की गिरफ्तारी के बाद थाने पर बवाल की कोशिश
- फोटो : हिंदू युवा वाहिनी नेता की गिरफ्तारी के बाद थाने पर बवाल की कोशिश
मंदिर के पास स्थित घर में बूफर बजाने के विवाद में थाने में वार्ता के दौरान सोमवार रात साढे़ दस बजे हुए बवाल के बाद जैसे ही पुलिस ने हिन्दू युवा वाहिनी के नेता पंकज पाठक, जितेंद्र शर्मा को पकड़कर हवालात में डालने के बाद पीटना शुरू किया, वैसे ही उसके काफी संख्या में समर्थक रात में ईंट पत्थर से लैस होकर थाने पर चढ़ाई करने पहुंच गए। जिसकी भनक लगने पर पुलिस बल ने थाने से बाहर आकर समर्थकों को चौपुला चौराहे की तरफ दौड़ा दिया। इसके बाद थाने के बाहर पिकेट तैनात कर दी गई और आधी रात के बाद पंकज पाठक, जितेंद्र शर्मा को सुभाष नगर से हटाकर कैंट थाने लाया गया।
मंगलवार दोपहर तक दोनों को कैंट थाने की हवालात में रखा गया। फिर कड़ी सुरक्षा में अदालत में लाया गया। इस दौरान कचहरी में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। आशंका थी कि वाहिनी नेता की गिरफ्तारी के विरोध में उसके समर्थक न्यायालय आते समय भी उसे छुड़ाने की कोशिश में हमला बोल सकते हैं। इसी वजह से कचहरी में कड़ी सुरक्षा रही। इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गैंगरेप समेत चार मुकदमों में जेल गए पंकज और साथी
बरेली। पंकज का जिस पक्ष से बूफर बजाने को झगड़ा हुआ था उसकी तरफ से पुलिस ने तहरीर लेकर पंकज और उसके तीन साथियों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया। दूसरा मुकदमा मढ़ीनाथ चौकी इंचार्ज मयंक अरोड़ा का बिल्ला नोचने पर उनकी तरफ से किया गया। जबकि सुभाषनगर थाने में ही पंकज पर पहले से ही एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और पाक्सोे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा चुकी थी। इसके अलावा पुलिस ने और छानबीन की तो पता चला कि वर्ष 2016 में पंकज ने कचहरी में पुलिस वालों पर हमला किया था। जिस पर उसके खिलाफ बलवा, सेवन क्रिमनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था, जिसमें वह वांछित चल रहा था। सुभाषनगर में हुए बवाल में मंगलवार को जब पुलिस ने पंकज पाठक को न्यायालय में पेश किया तो इन चारों मामले अदालत के संज्ञान में लाए गए, जिस पर अदालत ने चारों मामलों में पंकज को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
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पीछे हट गए भाजपा नेता
पंकज पाठक ने अपने विरोधी पक्ष की सिफारिश करने पहुंचे भाजपा के महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया को एसपी सिटी के सामने ही थाने में पुलिस का दलाल कहते हुए गालियां देकर सरेआम बेइज्जत किया। हाथापाई भी की। पुलिस उनकी तरफ से तहरीर लेकर एक और मुकदमा लिखना चाहती थी, लेकिन वह इस बात से पीछे हट गए।
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मंगलवार दोपहर तक दोनों को कैंट थाने की हवालात में रखा गया। फिर कड़ी सुरक्षा में अदालत में लाया गया। इस दौरान कचहरी में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। आशंका थी कि वाहिनी नेता की गिरफ्तारी के विरोध में उसके समर्थक न्यायालय आते समय भी उसे छुड़ाने की कोशिश में हमला बोल सकते हैं। इसी वजह से कचहरी में कड़ी सुरक्षा रही। इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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गैंगरेप समेत चार मुकदमों में जेल गए पंकज और साथी
बरेली। पंकज का जिस पक्ष से बूफर बजाने को झगड़ा हुआ था उसकी तरफ से पुलिस ने तहरीर लेकर पंकज और उसके तीन साथियों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया। दूसरा मुकदमा मढ़ीनाथ चौकी इंचार्ज मयंक अरोड़ा का बिल्ला नोचने पर उनकी तरफ से किया गया। जबकि सुभाषनगर थाने में ही पंकज पर पहले से ही एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और पाक्सोे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा चुकी थी। इसके अलावा पुलिस ने और छानबीन की तो पता चला कि वर्ष 2016 में पंकज ने कचहरी में पुलिस वालों पर हमला किया था। जिस पर उसके खिलाफ बलवा, सेवन क्रिमनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था, जिसमें वह वांछित चल रहा था। सुभाषनगर में हुए बवाल में मंगलवार को जब पुलिस ने पंकज पाठक को न्यायालय में पेश किया तो इन चारों मामले अदालत के संज्ञान में लाए गए, जिस पर अदालत ने चारों मामलों में पंकज को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
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पीछे हट गए भाजपा नेता
पंकज पाठक ने अपने विरोधी पक्ष की सिफारिश करने पहुंचे भाजपा के महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया, यतिन भाटिया को एसपी सिटी के सामने ही थाने में पुलिस का दलाल कहते हुए गालियां देकर सरेआम बेइज्जत किया। हाथापाई भी की। पुलिस उनकी तरफ से तहरीर लेकर एक और मुकदमा लिखना चाहती थी, लेकिन वह इस बात से पीछे हट गए।