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सहारनपुर की 400 पेटी नकली शराब से भरा कैंटर पकड़ा, दो गिरफ्तार
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सहारनपुर की 400 पेटी नकली शराब से भरा कैंटर पकड़ा, दो गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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हाफिजगंज (बरेली)। शराब माफिया होली पर बड़े पैमाने पर नकली शराब खपाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। मंगलवार को भूसी के कट्टों के बीच छिपाकर हरियाणा से लखनऊ ले जाई जा रही सहारनपुर की शराब से भरा ट्रक पुलिस ने पकड़ लिया। इसमें लदी चार सौ पेटियों में शराब के 18 हजार क्वार्टर बरामद किए गए हैं। इन पर सहारनपुर के एक ब्रांड के रैपर लगे थे, लेकिन यह वहां की बनी शराब नहीं थी। आबकारी विभाग ने इस शराब को नकली करार दिया है। पुलिस ड्राइवर और हेल्पर से पूछताछ कर रही है। इससे पहले शहर के जगतपुर में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई थी, हालांकि पुलिस अभी तक फैक्ट्री चलाने वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
हाफिजगंज पुलिस के मुताबिक मंगलवार तड़के एसओ सौरभ सिंह टीम के साथ गश्त से लौट रहे थे। मुखबिर से सूचना मिली कि बरेली-पीलीभीत हाईवे पर एक हरियाणा नंबर के कैंटर में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है। उन्होंने बाईपास पर घेराबंदी कर दी। कैंटर को रोका और पीछे बंधे तिरपाल को हटाया तो उसके अंदर भूसी भरे कट्टे भरे थे। इन्हें हटाकर देखा तो देसी शराब की पेटियां दिखाई दीं। पुलिस ने पेटियां खोलीं तो उसके अंदर डॉन ब्रांड के 200 ग्राम वजन के देशी शराब के क्वार्टर दिखे। इस पर सहारनपुर की पिकाहनी डिस्टलरी के रेपर लगे थे। शक था कि यह संबंधित कंपनी की ही शराब है या मिलावटी। पुलिस ने सूचना देकर बरेली से आबकारी इंस्पेक्टर चमन सिंह को बुलाया। क्वार्टर चेक किए गए तो संबंधित कंपनी के होलोग्राम व बैच नंबर नहीं पाए गए।
आबकारी टीम ने भी शराब को नकली या मिलावटी माना। इससे पहले पुलिस ने गाड़ी के ड्राइवर परवीन पुत्र ईश्वरी प्रसाद निवासी ग्राम बंडारी जिला पानीपत हरियाणा और हेल्पर गोविंद पुत्र गनेश निवासी गम्हारी थाना रिसिपक जिला औरंगाबाद बिहार को कब्जे में ले लिया। दोनों ने बताया कि पानीपत हरियाणा से शराब लोड की गई थी। उन्हें इसे लखनऊ तक ले जाना था। रास्ता भटकने पर वह इस रोड पर आ गए तो इसी रास्ते लखीमपुर होते हुए लखनऊ जाने लगे और पकड़ गए। धंधे के इससे ज्यादा जानकारी उन्हें नहीं है। एसओ ने बताया कि नकली शराब व धोखाधड़ी आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना और शराब के सैंपल की जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
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जानलेवा तो नहीं शराब, जांच कराएगी पुलिस
बरेली। हाल ही में सहारनपुर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों से चौकन्नी पुलिस कैंटर में पकड़ी शराब के ब्रांड पर मेड इन सहारनपुर देखकर चौंक गई। पुलिस ने आबकारी टीम को बुलाकर जांच कराई तो शराब नकली निकली। एसओ सौरभ सिंह ने बताया कि गाड़ी में करीब 400 पेटियों में 18 हजार क्वार्टर थे। बाजार में इस शराब की कीमत करीब 12 लाख रुपये है। बाद में पकडे़ गए लोगों ने अपने एक अन्य साथी का भी नाम बताया है। उसके बारे में भी पूछताछ की जा रही है। इन लोगों को केवल शराब पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके लखनऊ पहुंचने पर संबंधित शराब माफिया इनसे खुद संपर्क करते। इन्हें धंधे की बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है पर जितना भी वे जानते हैं उसी से पुलिस असली आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। कैंटर का मालिक कोई और है। पुलिस वाहन नंबर ट्रेस करके और ड्राइवर के सहारे उससे भी पूछताछ करेगी। उन्हें लग रहा था कि शराब कच्ची और जहरीली न हो पर आबकारी टीम ने जांच में पाया कि ऐसा नहीं है। हां, किसी और ब्रांड के क्वार्टर में कोई और शराब भरने का खेल हुआ है। इस लिहाज से ही इसे नकली माना जा रहा है।
सहारनपुर में मौतें कच्ची शराब के ज्यादा सेवन का परिणाम थीं। ये शराब देसी है, टैक्स बचाने या किसी और वजह से इसे रीपैकिंग करके ले जाया जा रहा था। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, विवेचना में सच सामने लाया जाएगा। - मुनिराज जी, एसएसपी
कार से शराब के 765 क्वार्टर मिले, दो गिरफ्तार
फरीदपुर। एसआई सतीश कुमार के नेतृत्व में दातागंज मार्ग पर गांव नवादा बिलसंडी नहर पुलिया के पास बीती रात पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। सूचना मिली कि ईको कार से शराब लाई जा रही है। पुलिस ने बाइक रोड़ पर लगाकर कार रोकी तो इससे उतरकर चार लोग भागने लगे। पुलिस ने इनमें से दो सोनू पुत्र चरन सिंह, राजू पुत्र महीपाल शर्मा निवासी मोहल्ला कानूनगोयान फरीदपुर को पकड़ लिया। इन्होंने बताया कि गाड़ी में मदनापुर जिला शाहजहांपुर से देशी शराब की दुकान से क्वार्टर चुराकर ले जा रहे थे। संजय और रामवीर गाड़ी से भाग गए। कार में चार बोरे और एक जूट के कट्टे से लगभग 765 क्वार्टर बरामद किए।
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हाफिजगंज पुलिस के मुताबिक मंगलवार तड़के एसओ सौरभ सिंह टीम के साथ गश्त से लौट रहे थे। मुखबिर से सूचना मिली कि बरेली-पीलीभीत हाईवे पर एक हरियाणा नंबर के कैंटर में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है। उन्होंने बाईपास पर घेराबंदी कर दी। कैंटर को रोका और पीछे बंधे तिरपाल को हटाया तो उसके अंदर भूसी भरे कट्टे भरे थे। इन्हें हटाकर देखा तो देसी शराब की पेटियां दिखाई दीं। पुलिस ने पेटियां खोलीं तो उसके अंदर डॉन ब्रांड के 200 ग्राम वजन के देशी शराब के क्वार्टर दिखे। इस पर सहारनपुर की पिकाहनी डिस्टलरी के रेपर लगे थे। शक था कि यह संबंधित कंपनी की ही शराब है या मिलावटी। पुलिस ने सूचना देकर बरेली से आबकारी इंस्पेक्टर चमन सिंह को बुलाया। क्वार्टर चेक किए गए तो संबंधित कंपनी के होलोग्राम व बैच नंबर नहीं पाए गए।
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आबकारी टीम ने भी शराब को नकली या मिलावटी माना। इससे पहले पुलिस ने गाड़ी के ड्राइवर परवीन पुत्र ईश्वरी प्रसाद निवासी ग्राम बंडारी जिला पानीपत हरियाणा और हेल्पर गोविंद पुत्र गनेश निवासी गम्हारी थाना रिसिपक जिला औरंगाबाद बिहार को कब्जे में ले लिया। दोनों ने बताया कि पानीपत हरियाणा से शराब लोड की गई थी। उन्हें इसे लखनऊ तक ले जाना था। रास्ता भटकने पर वह इस रोड पर आ गए तो इसी रास्ते लखीमपुर होते हुए लखनऊ जाने लगे और पकड़ गए। धंधे के इससे ज्यादा जानकारी उन्हें नहीं है। एसओ ने बताया कि नकली शराब व धोखाधड़ी आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना और शराब के सैंपल की जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
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जानलेवा तो नहीं शराब, जांच कराएगी पुलिस
बरेली। हाल ही में सहारनपुर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों से चौकन्नी पुलिस कैंटर में पकड़ी शराब के ब्रांड पर मेड इन सहारनपुर देखकर चौंक गई। पुलिस ने आबकारी टीम को बुलाकर जांच कराई तो शराब नकली निकली। एसओ सौरभ सिंह ने बताया कि गाड़ी में करीब 400 पेटियों में 18 हजार क्वार्टर थे। बाजार में इस शराब की कीमत करीब 12 लाख रुपये है। बाद में पकडे़ गए लोगों ने अपने एक अन्य साथी का भी नाम बताया है। उसके बारे में भी पूछताछ की जा रही है। इन लोगों को केवल शराब पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इनके लखनऊ पहुंचने पर संबंधित शराब माफिया इनसे खुद संपर्क करते। इन्हें धंधे की बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है पर जितना भी वे जानते हैं उसी से पुलिस असली आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। कैंटर का मालिक कोई और है। पुलिस वाहन नंबर ट्रेस करके और ड्राइवर के सहारे उससे भी पूछताछ करेगी। उन्हें लग रहा था कि शराब कच्ची और जहरीली न हो पर आबकारी टीम ने जांच में पाया कि ऐसा नहीं है। हां, किसी और ब्रांड के क्वार्टर में कोई और शराब भरने का खेल हुआ है। इस लिहाज से ही इसे नकली माना जा रहा है।
सहारनपुर में मौतें कच्ची शराब के ज्यादा सेवन का परिणाम थीं। ये शराब देसी है, टैक्स बचाने या किसी और वजह से इसे रीपैकिंग करके ले जाया जा रहा था। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, विवेचना में सच सामने लाया जाएगा। - मुनिराज जी, एसएसपी
कार से शराब के 765 क्वार्टर मिले, दो गिरफ्तार
फरीदपुर। एसआई सतीश कुमार के नेतृत्व में दातागंज मार्ग पर गांव नवादा बिलसंडी नहर पुलिया के पास बीती रात पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। सूचना मिली कि ईको कार से शराब लाई जा रही है। पुलिस ने बाइक रोड़ पर लगाकर कार रोकी तो इससे उतरकर चार लोग भागने लगे। पुलिस ने इनमें से दो सोनू पुत्र चरन सिंह, राजू पुत्र महीपाल शर्मा निवासी मोहल्ला कानूनगोयान फरीदपुर को पकड़ लिया। इन्होंने बताया कि गाड़ी में मदनापुर जिला शाहजहांपुर से देशी शराब की दुकान से क्वार्टर चुराकर ले जा रहे थे। संजय और रामवीर गाड़ी से भाग गए। कार में चार बोरे और एक जूट के कट्टे से लगभग 765 क्वार्टर बरामद किए।