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यहां मोबाइल ही नहीं, लैपटाप भी गुम होते हें
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यहां मोबाइल ही नहीं, लैपटॉप भी गुम होते हैं..
- ऑटो से चोरी हुआ लैपटॉप, रिपोर्ट के बजाय लिखी गुमशुदगी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बारादरी पुलिस ने अपराध का आंकड़ा कम करने के लिए घटनाओं में हेराफेरी कर रही है। इंस्पेक्टर बारादरी ने वादी पर दबाव बनाकर ऑटो से चोरी हुए डेढ़ लाख रुपये के लैपटॉप की रिपोर्ट के बजाय गुमशुदगी की तहरीर लिखवा ली।
क्राइम कम करने के खेल में पुलिस मोबाइल चोरी को आज तक गुमशुदगी में ही दर्ज करती है। अब लैपटॉप चोरी होने पर भी ऐसा ही किया गया। नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करने वाले आशुतोष नंदा बस से सेटेलाइट बसअड्डा पर पहुंचे। वहां से एक ऑटो में रेजीडेंसी गार्डन जाने को निकले। ऑटो में पिछली सीट पर तीन सवारी बैठी थीं। इसलिए सामान के साथ ही लैपटॉप बैग को सीट के पीछे खाली जगह में रखकर खुद ड्राइवर के पास बैठ गए। रास्ते में सवारी उतरती-बैठती रही। रेजीडेंसी गार्डन पहुंचे तो पता चला कि लैपटॉप चोरी हो चुका है, जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख थी। तहरीर लेकर बारादरी थाने पहुंचे। मगर इंस्पेक्टर कृष्णवीर ने चोरी की रिपोर्ट लिखने से साफ मना करते हुए गुमशुदगी लिखने की बात कही। आईपीसी की धाराओं में चोरी की तमाम परिभाषाएं वादी को तब तक समझाईं, जब तक उन्होंने गुमशुदगी की तहरीर लिखकर नहीं दे दी।
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यहां मोबाइल ही नहीं, लैपटॉप भी गुम होते हैं..
- ऑटो से चोरी हुआ लैपटॉप, रिपोर्ट के बजाय लिखी गुमशुदगी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बारादरी पुलिस ने अपराध का आंकड़ा कम करने के लिए घटनाओं में हेराफेरी कर रही है। इंस्पेक्टर बारादरी ने वादी पर दबाव बनाकर ऑटो से चोरी हुए डेढ़ लाख रुपये के लैपटॉप की रिपोर्ट के बजाय गुमशुदगी की तहरीर लिखवा ली।
क्राइम कम करने के खेल में पुलिस मोबाइल चोरी को आज तक गुमशुदगी में ही दर्ज करती है। अब लैपटॉप चोरी होने पर भी ऐसा ही किया गया। नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करने वाले आशुतोष नंदा बस से सेटेलाइट बसअड्डा पर पहुंचे। वहां से एक ऑटो में रेजीडेंसी गार्डन जाने को निकले। ऑटो में पिछली सीट पर तीन सवारी बैठी थीं। इसलिए सामान के साथ ही लैपटॉप बैग को सीट के पीछे खाली जगह में रखकर खुद ड्राइवर के पास बैठ गए। रास्ते में सवारी उतरती-बैठती रही। रेजीडेंसी गार्डन पहुंचे तो पता चला कि लैपटॉप चोरी हो चुका है, जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख थी। तहरीर लेकर बारादरी थाने पहुंचे। मगर इंस्पेक्टर कृष्णवीर ने चोरी की रिपोर्ट लिखने से साफ मना करते हुए गुमशुदगी लिखने की बात कही। आईपीसी की धाराओं में चोरी की तमाम परिभाषाएं वादी को तब तक समझाईं, जब तक उन्होंने गुमशुदगी की तहरीर लिखकर नहीं दे दी।
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