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डॉक्टर के खिलाफ अफसरों से मिले मझोला के व्यापारी
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बरेली। पीलीभीत के मझोला नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन रामौतार अग्रवाल के भतीजे सीमेंट सरिया व्यवसायी अमित की पिछले दिनों एक्सीडेंट के बाद शहर के अस्पताल में मौत हो गई थी। अस्पताल संचालक ने मृतक पक्ष पर ब्लैकमेल करके पांच लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगाकर कोतवाली में रिपोर्ट कराई है। सोमवार को मृतक परिवार के साथ मझोला के कई व्यापारी शहर आकर अधिकारियों से मिले। एसपी सिटी ने सीओ वन को जांच के आदेश दिए हैं।
पिता मदनलाल अग्रवाल ने एसपी सिटी अभिनंदन सिंह को बताया कि 13 अप्रैल को ललौरीखेड़ा पीलीभीत में उनके इकलौते पुत्र अमित अग्रवाल को एक्सीडेंट में घायल होने के बाद बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां दो दिन इलाज में डॉक्टरों ने अमित का स्वास्थ्य बेहतर होने की बात कही थी। बाद में मनमानी की गई जिससे उनके बेटे की हालत बिगड़ती चली गई। अगले दिन अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े करके कहीं और ले जाने को कहा। दूसरे अस्पताल में अमित की मौत हो गई। बताया कि घटना के बाद से ही वे लोग अस्पताल प्रशासन से दवाइयों की जानकारी, मरीज को रखने की सीसीटीवी फुटेज मांग रहे थे। अफसरों से भी इन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनकी रिपोर्ट तो लिखी नहीं गई, बल्कि अस्पताल संचालक डॉ. ब्रजेश्वर सिंह ने उन लोगों पर पांच लाख रंगदारी मांगने की रिपोर्ट करा दी। बताया कि घटना के दिन वे लोग अपनी दुकान व कार्यालय पर थे जिसके उन पर साक्ष्य हैं। कहा कि डॉक्टर की रिपोर्ट को खारिज कर उनकी रिपोर्ट लिखी जाए। एसपी सिटी ने कहा कि किसी डॉक्टर पर बिना सीएमओ की जांच के रिपोर्ट नहीं लिखी जा सकती। वे सीओ वन से अन्य आरोपों की जांच कराएंगे। सीएमओ से भी बात करेंगे। दो या तीन दिन में नतीजा आ जाएगा।
ऐसे ही तीमारदार परेशान करेंगे तो अन्य मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा। सभी कागजात एक फाइल में हैं, समय आने पर सही व्यक्ति को दिए जाएंगे। मरीज की हालत काफी खराब थी, यह तीमारदारों को पहले ही बता दिया था।
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- डॉ. ब्रजेश्वर सिंह, अस्पताल संचालक
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पिता मदनलाल अग्रवाल ने एसपी सिटी अभिनंदन सिंह को बताया कि 13 अप्रैल को ललौरीखेड़ा पीलीभीत में उनके इकलौते पुत्र अमित अग्रवाल को एक्सीडेंट में घायल होने के बाद बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां दो दिन इलाज में डॉक्टरों ने अमित का स्वास्थ्य बेहतर होने की बात कही थी। बाद में मनमानी की गई जिससे उनके बेटे की हालत बिगड़ती चली गई। अगले दिन अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े करके कहीं और ले जाने को कहा। दूसरे अस्पताल में अमित की मौत हो गई। बताया कि घटना के बाद से ही वे लोग अस्पताल प्रशासन से दवाइयों की जानकारी, मरीज को रखने की सीसीटीवी फुटेज मांग रहे थे। अफसरों से भी इन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनकी रिपोर्ट तो लिखी नहीं गई, बल्कि अस्पताल संचालक डॉ. ब्रजेश्वर सिंह ने उन लोगों पर पांच लाख रंगदारी मांगने की रिपोर्ट करा दी। बताया कि घटना के दिन वे लोग अपनी दुकान व कार्यालय पर थे जिसके उन पर साक्ष्य हैं। कहा कि डॉक्टर की रिपोर्ट को खारिज कर उनकी रिपोर्ट लिखी जाए। एसपी सिटी ने कहा कि किसी डॉक्टर पर बिना सीएमओ की जांच के रिपोर्ट नहीं लिखी जा सकती। वे सीओ वन से अन्य आरोपों की जांच कराएंगे। सीएमओ से भी बात करेंगे। दो या तीन दिन में नतीजा आ जाएगा।
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ऐसे ही तीमारदार परेशान करेंगे तो अन्य मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा। सभी कागजात एक फाइल में हैं, समय आने पर सही व्यक्ति को दिए जाएंगे। मरीज की हालत काफी खराब थी, यह तीमारदारों को पहले ही बता दिया था।
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- डॉ. ब्रजेश्वर सिंह, अस्पताल संचालक