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मानव गंध सूंघने वाली डायना को विस्फोटक ढूंढवाने ले गई पुलिस
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बरेली। सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली का एक और नमूना रविवार को रेलवे जंक्शन पर दिखाई दिया। यहां विस्फोटक होने की सूचना मिली तो कोतवाली पुलिस डायना नाम की जिस स्निफर डॉग को लेकर छानबीन करने पहुंची वह विस्फोटक को ढूंढने के बजाय मानव गंध सूंघने के लिए ट्रेंड की गई थी। गनीमत यह रही कि जंक्शन पर विस्फोटक होने की सूचना फर्जी निकली, वर्ना शायद यह होता कि पुलिस डायना की खोजबीन के आधार पर विस्फोटक न होने का दावा करके चली आती और जंक्शन पर कोई हादसा हो जाता।
जंक्शन पर विस्फोटक होने की सूचना पर पुलिस ने सर्च अभियान चलाया, जिसमें डॉग स्क्वॉड भी प्लेटफार्म से लेकर ट्रेनों तक में यात्रियों का सामान सूंघकर विस्फोटक का सुराग तलाशता रहा। कुछ घंटों के संयुक्त अभियान के बाद घोषित किया गया कि जंक्शन परिसर सुरक्षित है। विस्फोटक होने की सूचना गलत थी। इस अभियान में चौंकाने वाली बात यह थी कि विस्फोटक की गंध सूंघने में एक्सपर्ट डॉग स्क्वॉड का स्निफर डॉग धाकड़ बीमार था। पुलिस उसके बजाय मानव गंध सूंघने में एक्सपर्ट डायना को जंक्शन पर ले आई। उसी को जंक्शन पर घुमाया गया और फिर दावा कर दिया गया कि जंक्शन पर बम नहीं है।
पिछली बार की थी बगैर बम निरोधक दस्ते के चेकिंग
यह चूक पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले बम होने के अलर्ट के बाद जीआरपी, आरपीएफ और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन पीएसी से बम निरोधक दस्ता नहीं मंगवाया। अगर बम मिल जाता तो निष्क्रिय करने के उपाय पुलिस के पास नहीं थे।
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महिला ने फोन पर दी थी बम की सूचना
जंक्शन पर बम की सूचना शाम सात बजे डायल-100 पर किसी महिला ने दी थी और सूचना देकर फौरन फोन काट दिया। लखनऊ से रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को मेसेज दिया गया। इसके बाद जंक्शन पर कोतवाली और सुभाषनगर थाने की पुलिस पहुंची। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार और आरपीएफ इंस्पेक्टर बीएस तोमर ने जंक्शन पर वेटिंग हाल, प्लेटफार्म, डारमेट्री, वेटिंग रूम और सरकुलेटिंग एरिया के आसपास जगह का कोना-कोना खंगाला लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि सूचना देने वाली महिला ने अपना नाम भूरी देवी बताया था और बाद में फोन स्विच ऑफ कर लिया। पुलिस ने उसका नंबर सर्विलांस पर लगवा दिया है।
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जंक्शन पर विस्फोटक होने की सूचना पर पुलिस ने सर्च अभियान चलाया, जिसमें डॉग स्क्वॉड भी प्लेटफार्म से लेकर ट्रेनों तक में यात्रियों का सामान सूंघकर विस्फोटक का सुराग तलाशता रहा। कुछ घंटों के संयुक्त अभियान के बाद घोषित किया गया कि जंक्शन परिसर सुरक्षित है। विस्फोटक होने की सूचना गलत थी। इस अभियान में चौंकाने वाली बात यह थी कि विस्फोटक की गंध सूंघने में एक्सपर्ट डॉग स्क्वॉड का स्निफर डॉग धाकड़ बीमार था। पुलिस उसके बजाय मानव गंध सूंघने में एक्सपर्ट डायना को जंक्शन पर ले आई। उसी को जंक्शन पर घुमाया गया और फिर दावा कर दिया गया कि जंक्शन पर बम नहीं है।
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पिछली बार की थी बगैर बम निरोधक दस्ते के चेकिंग
यह चूक पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले बम होने के अलर्ट के बाद जीआरपी, आरपीएफ और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन पीएसी से बम निरोधक दस्ता नहीं मंगवाया। अगर बम मिल जाता तो निष्क्रिय करने के उपाय पुलिस के पास नहीं थे।
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महिला ने फोन पर दी थी बम की सूचना
जंक्शन पर बम की सूचना शाम सात बजे डायल-100 पर किसी महिला ने दी थी और सूचना देकर फौरन फोन काट दिया। लखनऊ से रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को मेसेज दिया गया। इसके बाद जंक्शन पर कोतवाली और सुभाषनगर थाने की पुलिस पहुंची। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार और आरपीएफ इंस्पेक्टर बीएस तोमर ने जंक्शन पर वेटिंग हाल, प्लेटफार्म, डारमेट्री, वेटिंग रूम और सरकुलेटिंग एरिया के आसपास जगह का कोना-कोना खंगाला लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि सूचना देने वाली महिला ने अपना नाम भूरी देवी बताया था और बाद में फोन स्विच ऑफ कर लिया। पुलिस ने उसका नंबर सर्विलांस पर लगवा दिया है।