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साथी सिपाही पर कार्रवाई को लेकर एसएसपी ऑफिस से उठे बगावत के सुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 05 Oct 2018 11:09 PM IST
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यूपी पुलिस
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लखनऊ में एपल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के मामले में सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बरेली में भी बगावत के सुर उठने लगे हैं। बरेली में इसकी शुरुआत एसएसपी कार्यालय से ही हुई है। इसके चलते अफसरों में हड़कंप मचा है। कार्यालय में तैनात सिपाही ने फेसबुक पर पोस्ट लिखी है कि अब समाज नहीं, परिवार और अपनी सुरक्षा करनी है। अधिकारी विरोध को दबाने और माहौल सुधारने की कोशिशों में जुटे हैं। एसएसपी ने सिपाही को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।
विवेक तिवारी हत्याकांड में दोनों आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं मृतक के परिजनों की सरकार ने सहायता की है। सिपाहियों पर हुई कड़ी कार्रवाई को पुलिसकर्मी ज्यादती मान रहे हैं और इसके विरोध में हैं। इसे लेकर शुक्रवार को प्रदेश भर में जगह-जगह पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए। डीजीपी ओपी सिंह ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई भी की है। शुक्रवार को बरेली में भी विरोध का असर देखने को मिला, हालांकि सीधे तौर पर किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया।
सोशल मीडिया पर सिपाही की पोस्ट
एसएसपी कार्यालय में तैनात सिपाही नीरज माथुर ने फेसबुक पर पोस्ट किया, ‘आज से मैंने तो फैसला कर लिया, चाहे कुछ भी हो जाए अब मैं सिर्फ ड्यूटी करूंगा, क्योंकि अब मुझे समाज नहीं, अपनी और परिवार की रक्षा करनी है।’ इसके अलावा नीरज ने एक अन्य पोस्ट में लिखा है- ऐसे सभी लोग मेरी फ्रेंड लिस्ट से हट जाएं जो पुलिस के विरोधी हैं। इन दोनों पोस्ट पर अन्य बहुत सारे पुलिसकर्मियों ने भी कमेंट किए हैं। मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया।
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यूपी पुलिस एसोसिएशन से भी जुड़ रहे पुलिसकर्मी
पुलिस में यूनियन बनाने को अनुशासनहीनता माना जाता है। इसके बावजूद यूपी पुलिस एसोसिएशन के नाम से फेसबुक पर एक पेज बनाया गया है। इस पेज से भी बरेली जिले के करीब दर्जन भर सिपाही जुड़े हैं।
चेकिंग के बहाने विरोध तलाश रहे अफसर
इस घटना को लेकर अफसर तमाम बहानों से पुलिसकर्मियों के बीच पहुंच रहे हैं और उनके मन की बात जानने की कोशिश कर रहे हैं। बृहस्पतिवार रात चेकिंग के बहाने एडीजी प्रेमप्रकाश, आईजी डीके ठाकुर और एसएसपी मुनिराज जी. पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचेे। इसके बाद शुक्रवार सुबह एसएसपी यूपी-100 के वाहनों की चेकिंग के लिए पुलिस लाइन पहुंचे। वाहन चेकिंग के साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों से उनका हालचाल भी जाना।
वर्जन
अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फेसबुक पर पोस्ट करने वाले सिपाही को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। - मुनिराज जी., एसएसपी
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विवेक तिवारी हत्याकांड में दोनों आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं मृतक के परिजनों की सरकार ने सहायता की है। सिपाहियों पर हुई कड़ी कार्रवाई को पुलिसकर्मी ज्यादती मान रहे हैं और इसके विरोध में हैं। इसे लेकर शुक्रवार को प्रदेश भर में जगह-जगह पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए। डीजीपी ओपी सिंह ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई भी की है। शुक्रवार को बरेली में भी विरोध का असर देखने को मिला, हालांकि सीधे तौर पर किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया।
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सोशल मीडिया पर सिपाही की पोस्ट
एसएसपी कार्यालय में तैनात सिपाही नीरज माथुर ने फेसबुक पर पोस्ट किया, ‘आज से मैंने तो फैसला कर लिया, चाहे कुछ भी हो जाए अब मैं सिर्फ ड्यूटी करूंगा, क्योंकि अब मुझे समाज नहीं, अपनी और परिवार की रक्षा करनी है।’ इसके अलावा नीरज ने एक अन्य पोस्ट में लिखा है- ऐसे सभी लोग मेरी फ्रेंड लिस्ट से हट जाएं जो पुलिस के विरोधी हैं। इन दोनों पोस्ट पर अन्य बहुत सारे पुलिसकर्मियों ने भी कमेंट किए हैं। मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया।
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यूपी पुलिस एसोसिएशन से भी जुड़ रहे पुलिसकर्मी
पुलिस में यूनियन बनाने को अनुशासनहीनता माना जाता है। इसके बावजूद यूपी पुलिस एसोसिएशन के नाम से फेसबुक पर एक पेज बनाया गया है। इस पेज से भी बरेली जिले के करीब दर्जन भर सिपाही जुड़े हैं।
चेकिंग के बहाने विरोध तलाश रहे अफसर
इस घटना को लेकर अफसर तमाम बहानों से पुलिसकर्मियों के बीच पहुंच रहे हैं और उनके मन की बात जानने की कोशिश कर रहे हैं। बृहस्पतिवार रात चेकिंग के बहाने एडीजी प्रेमप्रकाश, आईजी डीके ठाकुर और एसएसपी मुनिराज जी. पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचेे। इसके बाद शुक्रवार सुबह एसएसपी यूपी-100 के वाहनों की चेकिंग के लिए पुलिस लाइन पहुंचे। वाहन चेकिंग के साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों से उनका हालचाल भी जाना।
वर्जन
अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फेसबुक पर पोस्ट करने वाले सिपाही को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। - मुनिराज जी., एसएसपी