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3 साल की बेटी को मारकर मां फांसी पर लटक गई
ब्यूरो/ अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 21 Apr 2016 02:41 AM IST
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हत्या व खुदकुशी
- फोटो : अमर उजाला बरेली
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साढ़े तेरह साल में तीन शादियां कीं पर गरीबी और तंगहाली की वजह से उसकी जिंदगी में मुसीबतें कम नहीं हुईं। पुलिस का दावा है कि मंगलवार की सुबह ममता ने अपनी मासूम बेटी की गला दबाकर हत्या करने के बाद खुद फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी। हालांकि परिवार वाले इसे सच्चाई मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि सास, ससुर, देवर और ननद ने दहेज के खातिर मां-बेटी की हत्या की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
दूसरे पति की टीबी की बीमारी से मौत के बाद दो वर्ष पूर्व तीनों बच्चों के साथ ममता ने थाना हाफिजगंज के गांव अमसाह निवासी पप्पू पुत्र बेचेलाल से शादी कर ली। जिसके एक वर्ष बाद उसने एक और बेटी को जन्म दिया, लेकिन तीन पतियों के साथ गुजारे साढ़े तेरह साल में कभी ममता को सुकून नहीं मिल पाया। वह गरीबी और तंगहाली में जिंदगी गुजारती रही। ममता तेज स्वभाव की थी। इसलिए उसे गुस्सा भी बहुत आता था। आठ महीने पहले पप्पू से विवाद होने पर खुद को आग के हवाले कर जान देने की कोशिश की। आग से उसके शरीर का काफी हिस्सा जल गया था। जिला अस्पताल में इलाज के बाद पप्पू उसे घर ले जाने के बाद रूद्र प्रयाग में आइसक्रीम बेचने के लिए चला गया था। वहां उसके गांव के करीब 20 लोग यही काम करते हैं। ममता के पास इलाज के लिए रुपये नहीं थे। प्रेमपाल के तीनों बच्चों के बीमार होने पर ससुराल वाले इलाज के लिए रुपये देने से इनकार कर देते थे। कहते थे, बच्चों के नाम प्रेमपाल ने जो एक लाख की एफडी करा रखी है, उसे तोड़कर इलाज कराओ, लेकिन ममता इसके लिए तैयार नहीं होती थी। बताते हैं कि पिछले कई दिन से उसकी तीन वर्षीय बेटी कमलेश की तबीयत खराब थी। भीषण गर्मी की वजह से उसका शरीर भी जल रहा था, लेकिन दवा के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। मंगलवार की रात को ममता की छोटी लड़की गुड्डी दादी के पास सो रही थी। अंशु और सुहानी गांव में ही अपनी मौसी के यहां सो गए थे। पुलिस के मुताबिक ममता बेटी की गला दबाकर हत्या करने के बाद खुद फांसी के फंदे पर लटक गई। घटना की सूचना पर सबसे पहले एसओ धर्मेंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया है। सीओ नरेश कुमार ने बताया कि मृतका की मां कमला देवी की तहरीर पर दहेज में मोटर साइकिल ने देने पर जान से मार देने के आरोप में सास, ससुर बेचेलाल, ननद, देवर विष्णु के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
कभी नहीं मिला सकून
-थाना नवाबगंज के गांव ज्योरा मकरंदपुर निवासी कमला देवी पत्नी बेनी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री ममता देवी की शादी 2002 में थाना इज्जतनगर के गांव म्यूड़ी निवासी युवक से की थी। यहां से 15 दिन में ही ममता का रिश्ता टूट गया। इसके पीछे वजह यह थी कि ममता के पहले पति की मानसिक स्थिति सही नहीं थी। बाद में परिवार वालों ने ममता की शादी पीलीभीत के प्रेमपाल के साथ कर दी। प्रेमपाल के साथ रहने के दौरान ममता ने दो पुत्री सुहानी, कमलेश व एक पुत्र अंशु को जन्म दिया।
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बहन से कहने पर पप्पू से की थी शादी
-दूसरे पति की मौत हो जाने के बाद ममता तीन बच्चों के साथ अकेली हुई तो उसका मन शादी का नहीं था, लेकिन उसने अपनी बहन से कहने पर थाना हाफिजगंज के गांव अमसाह में पप्पू से शादी कर ली। पप्पू बेहद गरीब था, वह बाहर जाकर मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। पत्नी ममता घर मे आर्थिक तंगी में रहती थी। इसे लेकर घर में खटपट होती रहती थी। एक वर्ष पूर्व ममता ने एक बच्ची को जन्म दिया तो चार बच्चे हो जाने पर वह परेशान रहने लगी थी। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से ममता ने यह कदम उठाया है।
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दूसरे पति की टीबी की बीमारी से मौत के बाद दो वर्ष पूर्व तीनों बच्चों के साथ ममता ने थाना हाफिजगंज के गांव अमसाह निवासी पप्पू पुत्र बेचेलाल से शादी कर ली। जिसके एक वर्ष बाद उसने एक और बेटी को जन्म दिया, लेकिन तीन पतियों के साथ गुजारे साढ़े तेरह साल में कभी ममता को सुकून नहीं मिल पाया। वह गरीबी और तंगहाली में जिंदगी गुजारती रही। ममता तेज स्वभाव की थी। इसलिए उसे गुस्सा भी बहुत आता था। आठ महीने पहले पप्पू से विवाद होने पर खुद को आग के हवाले कर जान देने की कोशिश की। आग से उसके शरीर का काफी हिस्सा जल गया था। जिला अस्पताल में इलाज के बाद पप्पू उसे घर ले जाने के बाद रूद्र प्रयाग में आइसक्रीम बेचने के लिए चला गया था। वहां उसके गांव के करीब 20 लोग यही काम करते हैं। ममता के पास इलाज के लिए रुपये नहीं थे। प्रेमपाल के तीनों बच्चों के बीमार होने पर ससुराल वाले इलाज के लिए रुपये देने से इनकार कर देते थे। कहते थे, बच्चों के नाम प्रेमपाल ने जो एक लाख की एफडी करा रखी है, उसे तोड़कर इलाज कराओ, लेकिन ममता इसके लिए तैयार नहीं होती थी। बताते हैं कि पिछले कई दिन से उसकी तीन वर्षीय बेटी कमलेश की तबीयत खराब थी। भीषण गर्मी की वजह से उसका शरीर भी जल रहा था, लेकिन दवा के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। मंगलवार की रात को ममता की छोटी लड़की गुड्डी दादी के पास सो रही थी। अंशु और सुहानी गांव में ही अपनी मौसी के यहां सो गए थे। पुलिस के मुताबिक ममता बेटी की गला दबाकर हत्या करने के बाद खुद फांसी के फंदे पर लटक गई। घटना की सूचना पर सबसे पहले एसओ धर्मेंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया है। सीओ नरेश कुमार ने बताया कि मृतका की मां कमला देवी की तहरीर पर दहेज में मोटर साइकिल ने देने पर जान से मार देने के आरोप में सास, ससुर बेचेलाल, ननद, देवर विष्णु के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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कभी नहीं मिला सकून
-थाना नवाबगंज के गांव ज्योरा मकरंदपुर निवासी कमला देवी पत्नी बेनी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री ममता देवी की शादी 2002 में थाना इज्जतनगर के गांव म्यूड़ी निवासी युवक से की थी। यहां से 15 दिन में ही ममता का रिश्ता टूट गया। इसके पीछे वजह यह थी कि ममता के पहले पति की मानसिक स्थिति सही नहीं थी। बाद में परिवार वालों ने ममता की शादी पीलीभीत के प्रेमपाल के साथ कर दी। प्रेमपाल के साथ रहने के दौरान ममता ने दो पुत्री सुहानी, कमलेश व एक पुत्र अंशु को जन्म दिया।
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बहन से कहने पर पप्पू से की थी शादी
-दूसरे पति की मौत हो जाने के बाद ममता तीन बच्चों के साथ अकेली हुई तो उसका मन शादी का नहीं था, लेकिन उसने अपनी बहन से कहने पर थाना हाफिजगंज के गांव अमसाह में पप्पू से शादी कर ली। पप्पू बेहद गरीब था, वह बाहर जाकर मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। पत्नी ममता घर मे आर्थिक तंगी में रहती थी। इसे लेकर घर में खटपट होती रहती थी। एक वर्ष पूर्व ममता ने एक बच्ची को जन्म दिया तो चार बच्चे हो जाने पर वह परेशान रहने लगी थी। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से ममता ने यह कदम उठाया है।