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सोशल साइट पर वीडियो और तस्वीरों को खुराफाती बना रहे हथियार
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:04 AM IST
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भड़काऊ बयानों के साथ वीडियो और तस्वीरों को हथियार बना रहे खुराफाती
सोशल मीडिया के जरिये लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश
खुफिया इकाइयों से मिले इनपुट पर डिप्टी एसपी को सौंपी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। खुराफाती माहौल खराब करने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले वीडियो और तस्वीरों को अपना हथियार बना रहे हैं। एक पखवाड़े से फेसबुक और ट्विटर पर ऐसी तस्वीरों, वीडियो और बयानों की बाढ़ सी आई हुई है। इसे लेकर खुफिया इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। खुफिया इकाइयों से मिले इनपुट के बाद तहसील स्तर पर भी लोकल इंटेलीजेंस यूनिट की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। व्हाट्सएप ग्रुपों की निगरानी के लिए पब्लिक की भी मदद ली जा रही है।
केस नंबर- 1
होली के दूसरे दिन सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल होने लगा। इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग पर जबरन रंग डाला जा रहा है। बुजुर्ग गुस्से में पीछे देखता है तो लड़के उनको डपटकर जाने के लिए कहते हैं। प्रदेश स्तर पर यह वीडियो सुर्खियों में रहा। वीडियो में एक बैनर नजर आता है, जिस पर रुहेलखंड, बरेली लिखा है। इसके बाद एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने इसकी जांच सीओ सिटी कुलदीप कुमार को सौंपी। हालांकि अभी तक वीडियो का सच सामने नहीं आया है।
केस नंबर- 2
फेसबुक पर एक महिला की तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें उसके हिंदू धर्म छोड़ने की बात कही जा रही है। महिला के हवाले से तस्वीर के नीचे लिखा गया कि हमें ऐसा कोई धर्म नहीं चाहिए जो डराकर हमारा शोषण करे। बरेली के तीन लोगों ने इसकी शिकायत एसएसपी कार्यालय तक पहुंचाई है। इसके बाद एसपी क्राइम रमेश भारतीय को इसकी जांच सौंपी गई है। इस तस्वीर को शेयर करने में रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एक बाबू का नाम भी सामने आया है। साइबर सेल को तस्वीर का सोर्स पता लगाने के लिए लगाया गया है।
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जांच और निगरानी बढ़ी, दर्ज हो रहीं एफआईआर
सीओ एलआईयू यशपाल के मुताबिक, जिन मामलों की शिकायत उनके पास आती हैं, उनमें एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों में वादी ही सामने नहीं आते, इसकी वजह से कार्रवाई नहीं हो पाती, लेकिन पुलिस अपने स्तर से जांच और निगरानी कर रही है।
इन मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। सोशल साइट्स और व्हाट्सएप ग्रुपों की निगरानी बढ़ा दी गई है। मेरी अपील है कि ऐसी सामग्री को शेयर न करें, क्योंकि ऐसा करने वाला भी आईटी एक्ट के तहत आरोपी बनाया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, प्रभारी एसएसपी
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भड़काऊ बयानों के साथ वीडियो और तस्वीरों को हथियार बना रहे खुराफाती
सोशल मीडिया के जरिये लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश
खुफिया इकाइयों से मिले इनपुट पर डिप्टी एसपी को सौंपी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। खुराफाती माहौल खराब करने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले वीडियो और तस्वीरों को अपना हथियार बना रहे हैं। एक पखवाड़े से फेसबुक और ट्विटर पर ऐसी तस्वीरों, वीडियो और बयानों की बाढ़ सी आई हुई है। इसे लेकर खुफिया इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। खुफिया इकाइयों से मिले इनपुट के बाद तहसील स्तर पर भी लोकल इंटेलीजेंस यूनिट की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। व्हाट्सएप ग्रुपों की निगरानी के लिए पब्लिक की भी मदद ली जा रही है।
केस नंबर- 1
होली के दूसरे दिन सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल होने लगा। इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग पर जबरन रंग डाला जा रहा है। बुजुर्ग गुस्से में पीछे देखता है तो लड़के उनको डपटकर जाने के लिए कहते हैं। प्रदेश स्तर पर यह वीडियो सुर्खियों में रहा। वीडियो में एक बैनर नजर आता है, जिस पर रुहेलखंड, बरेली लिखा है। इसके बाद एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने इसकी जांच सीओ सिटी कुलदीप कुमार को सौंपी। हालांकि अभी तक वीडियो का सच सामने नहीं आया है।
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केस नंबर- 2
फेसबुक पर एक महिला की तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें उसके हिंदू धर्म छोड़ने की बात कही जा रही है। महिला के हवाले से तस्वीर के नीचे लिखा गया कि हमें ऐसा कोई धर्म नहीं चाहिए जो डराकर हमारा शोषण करे। बरेली के तीन लोगों ने इसकी शिकायत एसएसपी कार्यालय तक पहुंचाई है। इसके बाद एसपी क्राइम रमेश भारतीय को इसकी जांच सौंपी गई है। इस तस्वीर को शेयर करने में रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एक बाबू का नाम भी सामने आया है। साइबर सेल को तस्वीर का सोर्स पता लगाने के लिए लगाया गया है।
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जांच और निगरानी बढ़ी, दर्ज हो रहीं एफआईआर
सीओ एलआईयू यशपाल के मुताबिक, जिन मामलों की शिकायत उनके पास आती हैं, उनमें एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों में वादी ही सामने नहीं आते, इसकी वजह से कार्रवाई नहीं हो पाती, लेकिन पुलिस अपने स्तर से जांच और निगरानी कर रही है।
इन मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। सोशल साइट्स और व्हाट्सएप ग्रुपों की निगरानी बढ़ा दी गई है। मेरी अपील है कि ऐसी सामग्री को शेयर न करें, क्योंकि ऐसा करने वाला भी आईटी एक्ट के तहत आरोपी बनाया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, प्रभारी एसएसपी