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जाली नोट के धंधे के बहाने छात्र को फंसाने की कोशिश
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बरेली। भोजीपुरा थाना क्षेत्र के धौराटांडा कस्बे में तीन महीने पहले मिले पचास रुपये के जाली नोट के बहाने कुछ खुराफातियों ने हाईस्कूल के छात्र को फंसाने की कोशिश की। व्यापारियों के नाम से एक फर्जी पत्र तैयार कराकर डाक से अफसरों को भेज दिया। नई शिकायत पर पुलिस ने नए सिरे से जांच की पर कुछ खास न मिला। जो नाम पत्र पर लिखे थे, उन व्यापारियों ने भी इस तरह की कोई शिकायत न करने की बात कही।
तीन महीने पहले कस्बा निवासी एक सराफा कारीगर के बेटे हाईस्कूल के छात्र ने सब्जी विक्रेता को पचास रुपये का जो नोट दिया वह नकली निकला। सब्जी विक्रेता के जरिये मामला व्यापारियों और पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने छात्र से पूछताछ की तो पता लगा कि नोट पिता से लिया था। पिता भी ठीक से यह नहीं बता सका कि नोट उसे किसने दिया था। चूंकि पचास रुपये के एक ही नोट का मामला था तो पुलिस ने नोट जब्त करके कार्रवाई बंद कर दी। कुछ दिनों पहले धौरा के व्यापारियों के नाम से डाक से एक शिकायती पत्र एसएसपी के पास पहुंचा। इसमें छात्र का नाम लिखकर उसे जाली नोटों का सौदागर बताया गया। एसएसपी ने भोजीपुरा पुलिस से कार्रवाई को कहा। पुलिस ने मंगलवार को चिट्ठी में लिखे नाम वाले व्यापारियों से बात की तो उन्होंने अंजान बनते हुए ऐसी किसी शिकायत से इंकार किया। छात्र से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने परिवार का रिकार्ड निकाला तो वहां भी संदेहजनक कुछ नहीं मिला। खुफिया अमले ने भी अपने स्तर से जानकारी की पर कोई क्लू नहीं मिला।
धौरा में मिलते रहे हैं जाली नोट
धौराटांडा कस्बे के अधिकतर लोग दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में नौकरी करते हैं। इनमें से कुछ दुबई और अन्य अरब देशों में भी काम करने जाते हैं। ईद और अन्य त्योहारों पर ये लोग घर लौटते हैं। तब स्थानीय दुकानदारों से खरीद फरोख्त भी करते हैं। बताते हैं कि ऐसे लोगों पर कभीकभार एक या दो नोट मिलते हैं जो असली नहीं होते। हालांकि ज्यादा मात्रा में नोट कभी नहीं मिले। ऐसे में ये माना जाता है कि ये नोट धोखे में आ गए होंगे।
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जाली नोट मामले में जांच की जा रही है। अब तक ऐसा कुछ नहीं मिला है जिससे कस्बे में जाली नोटों का धंधा होने का साक्ष्य या संकेत मिले। छात्र पर पहले भी कोई आरोप साबित नहीं हुआ था। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात
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तीन महीने पहले कस्बा निवासी एक सराफा कारीगर के बेटे हाईस्कूल के छात्र ने सब्जी विक्रेता को पचास रुपये का जो नोट दिया वह नकली निकला। सब्जी विक्रेता के जरिये मामला व्यापारियों और पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने छात्र से पूछताछ की तो पता लगा कि नोट पिता से लिया था। पिता भी ठीक से यह नहीं बता सका कि नोट उसे किसने दिया था। चूंकि पचास रुपये के एक ही नोट का मामला था तो पुलिस ने नोट जब्त करके कार्रवाई बंद कर दी। कुछ दिनों पहले धौरा के व्यापारियों के नाम से डाक से एक शिकायती पत्र एसएसपी के पास पहुंचा। इसमें छात्र का नाम लिखकर उसे जाली नोटों का सौदागर बताया गया। एसएसपी ने भोजीपुरा पुलिस से कार्रवाई को कहा। पुलिस ने मंगलवार को चिट्ठी में लिखे नाम वाले व्यापारियों से बात की तो उन्होंने अंजान बनते हुए ऐसी किसी शिकायत से इंकार किया। छात्र से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने परिवार का रिकार्ड निकाला तो वहां भी संदेहजनक कुछ नहीं मिला। खुफिया अमले ने भी अपने स्तर से जानकारी की पर कोई क्लू नहीं मिला।
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धौरा में मिलते रहे हैं जाली नोट
धौराटांडा कस्बे के अधिकतर लोग दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में नौकरी करते हैं। इनमें से कुछ दुबई और अन्य अरब देशों में भी काम करने जाते हैं। ईद और अन्य त्योहारों पर ये लोग घर लौटते हैं। तब स्थानीय दुकानदारों से खरीद फरोख्त भी करते हैं। बताते हैं कि ऐसे लोगों पर कभीकभार एक या दो नोट मिलते हैं जो असली नहीं होते। हालांकि ज्यादा मात्रा में नोट कभी नहीं मिले। ऐसे में ये माना जाता है कि ये नोट धोखे में आ गए होंगे।
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जाली नोट मामले में जांच की जा रही है। अब तक ऐसा कुछ नहीं मिला है जिससे कस्बे में जाली नोटों का धंधा होने का साक्ष्य या संकेत मिले। छात्र पर पहले भी कोई आरोप साबित नहीं हुआ था। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात