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मुरादाबाद आवास विकास के सुुपरवाइजर की बरेली में मौत

Tue, 21 May 2019 02:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2019 02:25 AM IST
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मुरादाबाद आवास विकास के सुुपरवाइजर की बरेली में मौत
बरेली/नवाबगंज। मुरादाबाद में आवास विकास के सुपरवाइजर का शव शहर के एक पानी भरे प्लॉट में पड़ा मिला। वे नवाबगंज क्षेत्र के निवासी थे और चार दिन पहले रोडवेज बस से घर के लिए निकले थे। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।
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नवाबगंज के हरदुआ निवासी प्रसादी लाल (58) मुरादाबाद में आवास विकास परिषद के सुपरवाइजर थे। 17 मई को वो मुरादाबाद से रोडवेज बस से घर के लिए निकले थे। बेटे ओमपाल और पत्नी से मोबाइल पर बात की थी। बरेली पहुंचने पर रात करीब आठ बजे बेटे को कॉल कर बताया कि पीलीभीत वाली बस में हैं। कुछ देेर में गांव के सामने पहुंच जाएंगे, बाइक लेकर हाईवे पर आ जाना। उसके बाद मोबाइल पर संपर्क टूट गया। बेटा काफी देर बाइक लेकर खड़ा रहा फिर लौट गया। सुबह तक वे घर नहीं पहुंचे तो बेटे ने 18 मई को उनकी गुमशुदगी नवाबगंज थाने में दर्ज करा दी। सोमवार सुबह बारादरी थाना क्षेत्र में पीलीभीत हाईवे से थोड़ा हटकर पशुपति नाथ मंदिर के पास खाली प्लॉट में प्रसादी लाल का शव मिला। शव पानी में पड़ा था और फूलकर ऊपर आ गया था। सूचना पर पुलिस और ओमपाल पहुंचे। बेटे ओमपाल ने कपड़ों और जूतों से पिता के शव की पहचान की। पोस्टमार्टम में दो से चार दिन पहले डूबकर मौत होने की पुष्टि हुई। शव पर कोई चोट या निशान नहीं था। बेटे ने स्वीकार किया कि पिता नशा कर लेते थे। उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। यह हादसा ही रहा होगा। पुलिस भी यही मान रही है कि नशे की हालत में वे भटककर इधर आ गए होंगे और डूब गए होंगे।
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जहरखुरानों के शिकार होने की आशंका
दिल्ली से आने वाली बसों में जहरखुरानी गिरोह भी अक्सर वारदात किया करता है। कई बार बस स्टाफ भी निर्दयता दिखाकर बेसुध लोगों को रास्ते में उतार देता है। आशंका है कि कहीं प्रसादी लाल के साथ ऐसी ही कोई घटना तो नहीं हो गई हो। पशुपति नाथ मंदिर सेटेलाइट चौराहे से करीब एक किमी दूरी पर है। शराब के नशे में इतनी दूर आकर पानी में गिरने की बात भी गले नहीं उतर रही। हालांकि पुलिस ऐसी आशंका से इंकार कर रही है। परिवार ने भी इस तरह का आरोप नहीं लगाया।
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मोबाइल हल्द्वानी पहुंचा
18 मई को ओमपाल ने फिर अपने पिता के मोबाइल पर रिंग की तो कॉल रिसीव कर ली गई। दूसरी ओर से बताया गया कि वह हल्द्वानी से बोल रहे हैं, उन्हें यह मोबाइल बरेली सेटेलाइट बस स्टैंड पर लावारिस पड़ा मिला। आप मोबाइल लेना चाहें तो हल्द्वानी आ जाएं।
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