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‘अब मैं तुमसे प्यार नहीं करती’ लिखकर फंदे पर लटक गई छात्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 28 Nov 2018 02:16 AM IST
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खलीलपुर में एक आठवीं की छात्रा का शव घर के कमरे में साड़ी के फंदे पर लटका हुआ मिलने के बाद ननिहाल पक्ष के लोगों ने हत्या किए जाने के आरोप लगाए थे। पुलिस को छात्रा के बिस्तर से एक नोट भी बरामद हुआ। जिसमें लिखा था कि अब मैं तुमसे प्यार नहीं करती। मेरा पढ़ाई में मन नहीं लगता है। पुलिस को छात्रा के मोबाइल से एक संदिग्ध नंबर भी मिला, जोकि उसके दोस्त का बताया जा रहा है।
खलीलपुर निवासी राकेश यादव की 12 वर्षीय बेटी मंजू यादव उर्फ तमन्ना सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा आठ की छात्रा थी। राकेश यादव नेपाल में एक फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। घर पर पत्नी विमला (मानसिक मंदित), बेटी मंजू यादव, बेटा वैभव यादव रहते हैं। सोमवार रात करीब 10.30 बजे छात्रा की खुदकुशी का पता चलने के बाद दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। राकेश नेपाल सेदेर रात वापस लौटे। मृतका के मामा ने भांजी के गर्दन के आगे के हिस्से में रस्सी के निशान देखकर हत्या के आरेाप लगाए थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुदकु शी की पुष्टि हुई।
नोट में लिखे अंश :
सचिन मैं तुमसे अब लव नहीं करती। तुम भी मुझे अब भूल जाओ। उसका कारण यह है कि मेरा ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता। इस लव के चक्कर से.. मैं तुम्हे भूलने की पूरी कोशिश करुंगी। सॉरी सचिन।
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अभिभावक को बच्चों के व्यवहार बदलने का ध्यान रखना होगा। उनके अवसाद को समझना होगा। बच्चों के व्यवहार में बदलाव महसूस हो तो उसके अभिभावकों को कारण समझना चाहिए। हमें उन्हें समझाना होगा कि बढ़ती उम्र के साथ ऐसा होता है, लेकिन उनकी काउंसलिंग करके उन्हें सही गलत का भान कराना जरूरी है। - डॉ. खुश अदा, मनोवैज्ञानिक, जिला अस्पताल
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खलीलपुर निवासी राकेश यादव की 12 वर्षीय बेटी मंजू यादव उर्फ तमन्ना सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा आठ की छात्रा थी। राकेश यादव नेपाल में एक फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। घर पर पत्नी विमला (मानसिक मंदित), बेटी मंजू यादव, बेटा वैभव यादव रहते हैं। सोमवार रात करीब 10.30 बजे छात्रा की खुदकुशी का पता चलने के बाद दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। राकेश नेपाल सेदेर रात वापस लौटे। मृतका के मामा ने भांजी के गर्दन के आगे के हिस्से में रस्सी के निशान देखकर हत्या के आरेाप लगाए थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुदकु शी की पुष्टि हुई।
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नोट में लिखे अंश :
सचिन मैं तुमसे अब लव नहीं करती। तुम भी मुझे अब भूल जाओ। उसका कारण यह है कि मेरा ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता। इस लव के चक्कर से.. मैं तुम्हे भूलने की पूरी कोशिश करुंगी। सॉरी सचिन।
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अभिभावक को बच्चों के व्यवहार बदलने का ध्यान रखना होगा। उनके अवसाद को समझना होगा। बच्चों के व्यवहार में बदलाव महसूस हो तो उसके अभिभावकों को कारण समझना चाहिए। हमें उन्हें समझाना होगा कि बढ़ती उम्र के साथ ऐसा होता है, लेकिन उनकी काउंसलिंग करके उन्हें सही गलत का भान कराना जरूरी है। - डॉ. खुश अदा, मनोवैज्ञानिक, जिला अस्पताल