{"_id":"5982036d4f1c1b6d7e8b4603","slug":"1501692871415-baheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिलेंडर फटता तो 15 बच्चों की जिंदगी पर बन आती","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिलेंडर फटता तो 15 बच्चों की जिंदगी पर बन आती
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:40 AM IST
विज्ञापन
सिलेंडर फटता तो 15 बच्चों की जिंदगी पर बन आती
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहेड़ी (बरेली)।
न में ट्रक की टक्कर लगने के बाद सिलेंडर फट जाता तो सभी 15 बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती। यह वैन स्कूूल के प्रबंधक हरीश कुमार की है। करनपुर गांव का ही चालक वेद प्रकाश उसे चलाता था। वैन के चालक को हाईवे पर चलने का कोई नियम नहीं पता था। एसडीएम व एसपी देहात ने जब उससे फोरलेन पर चलने के नियम पूछे तो वह मुंह ताकता रह गया। वह अधिकारियों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं दिखा पाया। उसने ही बताया कि वैन गैस से चल रही थी। वैन में एक सिलेंडर था, जिससे रिफिलिंग करते हैं। पहले वह वैन को अपना बताता रहा। थाने पहुंचने पर असलियत बताई। उसने बताया कि जब एसडीएम ने उससे प्रबंधक को फोन कराया तो प्रबंधक ने फोन पर उससे वहां से भाग जाने को कहा था। वह भागने लगा तो पकड़ा गया। रोज इस कदर लापरवाही बरती जा रही थी पर पुलिस-प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। वहीं, मैक्स चालक वैन को नहीं बचाता तो कई और बच्चों की जिंदगी पर बन आती। इतना ही नहीं वैन की बीच की सीटों को हटाकर आमने-सामने दो सीटें बनवाकर फिट कराई गईं। वैन में आग बुुझाने का यंत्र तक नहीं था।
एसडीएम के पहुंचने के बाद मदद को आगे आये लोग
दुर्घटना हो जाने के बाद लोग दूर से भीड़ लगाये देखते नजर आये। एसडीएम ममता मालवीय ने पहुंचकर लोगों से मदद की गुहार लगाई तो लोग आगे बड़े। इसी बीच देवरनियां पुलिस भी पहुंच गई और घायलों को जल्दी जल्दी अस्पताल भिजवाया गया। एसडीएम ने फोन पर खंड शिक्षा अधिकारी की भी जमकर क्लास ली और कहा कि वो स्कूलों में क्या चैक करते हैं। वैन गैस से चल रही है। और भी तमाम खामियां हैं इस स्कूल में ।
खटारा बसें सीज करने के आदेश
बहेड़ी। एसडीएम व एसपी देहात ने संयुक्त रूप से पुलिस को आदेश दिए हैं कि तहसील के कई स्कूलों में दिल्ली मार्का खटारा बसें बच्चों को ढो रही हैं। इन सभी के खिलाफ अभियान चलाकर सीज कर दिया जाए। बहेड़ी नगर व देहात के प्रत्येक स्कूल में पुलिस की टीम जाकर बसों की जांच करेगी। एसपी देहात ने कहा कि कई स्कूल इस तरह के हादसे हो जाने के बाद अपनी खटारा बसों को छिपा देते हैं। उन पर लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। एसडीएम ममता मालवीय ने बहेड़ी, शेरगढ़ व शीशगढ़ ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्कूलों में जाकर उनकी बसों , मैक्स, छोटा हाथी व वैन आदि की जांच करने के आदेश दिए हैं। वे गैस से चल रही हैं या फिर खटारा बसें चलाई जा रहीं हैं तो उसकी रिपोर्ट बनाकर उन्हें सौंपेंगे। वह उस स्कूल की मान्यता समाप्त करने के लिए डीएम को लिखकर भेजेंगी।
विज्ञापन
नैनीताल रोड पर बाइक सवार स्कूली छात्र करते हैं सटंट
बहेडी । नैनीताल रोड पर स्कूलों की छुट्टी हो जाने के बाद बाइक पर सवार होकर स्कूल जाने वाले बच्चे एक बाइक में चार-चार सवार होकर तेज रफ्तार के साथ जाते हैं। इसके अलावा तरह तरह के स्टंट करते हैं। इस मामले में कई राहगीरों व अभिभावकों ने स्कूल के प्रधानाचार्यों से शिकायत की तो उनका टका सा जवाब होता है कि स्कूल की छुट्टी के बाद उन्हें उनसे कोई मतलब नहीं है। जबकि नियमानुसार बच्चों के स्कूल से घर पहुंचने तक स्कूल की जिम्मेदारी होती है।
मान्यता आठ की चल रही हैं इंटर तक की कक्षाएं।
रिछा। बरेली-बागेशवर हाईवे पर जिस स्कूल की वैन से हादसा हुआ, दरअसल यह स्कूल नियमों के विपरीत चल रहा है। बताते हैं कि इस स्कूल की मान्यता कक्षा आठ तक की है मगर इसके इंटर कक्षाएं लगाई जा रही हैं। हाईवे किनारे स्थित इस स्कूल मे चेकिंग की जहमत शिक्षा महकमे के अफसरों ने आज तक नहीं की। मान्यता से इतर या वगैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ हवा-हवाई दावे किए गए। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी राशिद अनवर सिद्दीकी बोले, जल्दी ही संबंधी स्कूल व अन्य गैर मान्यता स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे पर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर वह भी जमकर गरजे।
ये था हादसे के वक्त का सीन
बहेड़ी। हादसे के दौरान खडे़ बाइक सवार राहगीर बल्देव कुमार ने बताया कि स्कूल की वैन ने शारदा नहर के पास यू टर्न लिया। वैन के चालक ने बिना देखे तेज रफ्तार के साथ वैन यू टर्न पर मोड़ दी। उसके ठीक पीछे खाली ट्रक आ रहा था। ट्रक ने वैन के पीछे व साइड में टक्कर मारी। इसके बाद वैन फोरलेन की दूसरी ओर तेजी से बढ़ गई। उधर इसी बीच बहेड़ी से मैक्स गाड़ी आ रही थी। मैक्स चालक वैन व ट्रक के बीच हुई दुर्घटना को देख चुका था। वह मैक्स वैन से बचाने के चक्कर में फोरलेन पर इधर उधर मोड़ता रहा, लेकिन करीब आने के बाद संतुलन खो बैठा और मैक्स पेड से टकरा गई। इसके बाद चीख पुकार शुरू हो गई। वह आगे बढ़ा ही था कि प्रशासनिक अफसरों की गाड़ी वहां आकर रुकी।
विज्ञापन
न में ट्रक की टक्कर लगने के बाद सिलेंडर फट जाता तो सभी 15 बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ जाती। यह वैन स्कूूल के प्रबंधक हरीश कुमार की है। करनपुर गांव का ही चालक वेद प्रकाश उसे चलाता था। वैन के चालक को हाईवे पर चलने का कोई नियम नहीं पता था। एसडीएम व एसपी देहात ने जब उससे फोरलेन पर चलने के नियम पूछे तो वह मुंह ताकता रह गया। वह अधिकारियों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं दिखा पाया। उसने ही बताया कि वैन गैस से चल रही थी। वैन में एक सिलेंडर था, जिससे रिफिलिंग करते हैं। पहले वह वैन को अपना बताता रहा। थाने पहुंचने पर असलियत बताई। उसने बताया कि जब एसडीएम ने उससे प्रबंधक को फोन कराया तो प्रबंधक ने फोन पर उससे वहां से भाग जाने को कहा था। वह भागने लगा तो पकड़ा गया। रोज इस कदर लापरवाही बरती जा रही थी पर पुलिस-प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। वहीं, मैक्स चालक वैन को नहीं बचाता तो कई और बच्चों की जिंदगी पर बन आती। इतना ही नहीं वैन की बीच की सीटों को हटाकर आमने-सामने दो सीटें बनवाकर फिट कराई गईं। वैन में आग बुुझाने का यंत्र तक नहीं था।
एसडीएम के पहुंचने के बाद मदद को आगे आये लोग
दुर्घटना हो जाने के बाद लोग दूर से भीड़ लगाये देखते नजर आये। एसडीएम ममता मालवीय ने पहुंचकर लोगों से मदद की गुहार लगाई तो लोग आगे बड़े। इसी बीच देवरनियां पुलिस भी पहुंच गई और घायलों को जल्दी जल्दी अस्पताल भिजवाया गया। एसडीएम ने फोन पर खंड शिक्षा अधिकारी की भी जमकर क्लास ली और कहा कि वो स्कूलों में क्या चैक करते हैं। वैन गैस से चल रही है। और भी तमाम खामियां हैं इस स्कूल में ।
विज्ञापन
खटारा बसें सीज करने के आदेश
बहेड़ी। एसडीएम व एसपी देहात ने संयुक्त रूप से पुलिस को आदेश दिए हैं कि तहसील के कई स्कूलों में दिल्ली मार्का खटारा बसें बच्चों को ढो रही हैं। इन सभी के खिलाफ अभियान चलाकर सीज कर दिया जाए। बहेड़ी नगर व देहात के प्रत्येक स्कूल में पुलिस की टीम जाकर बसों की जांच करेगी। एसपी देहात ने कहा कि कई स्कूल इस तरह के हादसे हो जाने के बाद अपनी खटारा बसों को छिपा देते हैं। उन पर लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। एसडीएम ममता मालवीय ने बहेड़ी, शेरगढ़ व शीशगढ़ ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्कूलों में जाकर उनकी बसों , मैक्स, छोटा हाथी व वैन आदि की जांच करने के आदेश दिए हैं। वे गैस से चल रही हैं या फिर खटारा बसें चलाई जा रहीं हैं तो उसकी रिपोर्ट बनाकर उन्हें सौंपेंगे। वह उस स्कूल की मान्यता समाप्त करने के लिए डीएम को लिखकर भेजेंगी।
विज्ञापन
नैनीताल रोड पर बाइक सवार स्कूली छात्र करते हैं सटंट
बहेडी । नैनीताल रोड पर स्कूलों की छुट्टी हो जाने के बाद बाइक पर सवार होकर स्कूल जाने वाले बच्चे एक बाइक में चार-चार सवार होकर तेज रफ्तार के साथ जाते हैं। इसके अलावा तरह तरह के स्टंट करते हैं। इस मामले में कई राहगीरों व अभिभावकों ने स्कूल के प्रधानाचार्यों से शिकायत की तो उनका टका सा जवाब होता है कि स्कूल की छुट्टी के बाद उन्हें उनसे कोई मतलब नहीं है। जबकि नियमानुसार बच्चों के स्कूल से घर पहुंचने तक स्कूल की जिम्मेदारी होती है।
मान्यता आठ की चल रही हैं इंटर तक की कक्षाएं।
रिछा। बरेली-बागेशवर हाईवे पर जिस स्कूल की वैन से हादसा हुआ, दरअसल यह स्कूल नियमों के विपरीत चल रहा है। बताते हैं कि इस स्कूल की मान्यता कक्षा आठ तक की है मगर इसके इंटर कक्षाएं लगाई जा रही हैं। हाईवे किनारे स्थित इस स्कूल मे चेकिंग की जहमत शिक्षा महकमे के अफसरों ने आज तक नहीं की। मान्यता से इतर या वगैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ हवा-हवाई दावे किए गए। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी राशिद अनवर सिद्दीकी बोले, जल्दी ही संबंधी स्कूल व अन्य गैर मान्यता स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे पर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर वह भी जमकर गरजे।
ये था हादसे के वक्त का सीन
बहेड़ी। हादसे के दौरान खडे़ बाइक सवार राहगीर बल्देव कुमार ने बताया कि स्कूल की वैन ने शारदा नहर के पास यू टर्न लिया। वैन के चालक ने बिना देखे तेज रफ्तार के साथ वैन यू टर्न पर मोड़ दी। उसके ठीक पीछे खाली ट्रक आ रहा था। ट्रक ने वैन के पीछे व साइड में टक्कर मारी। इसके बाद वैन फोरलेन की दूसरी ओर तेजी से बढ़ गई। उधर इसी बीच बहेड़ी से मैक्स गाड़ी आ रही थी। मैक्स चालक वैन व ट्रक के बीच हुई दुर्घटना को देख चुका था। वह मैक्स वैन से बचाने के चक्कर में फोरलेन पर इधर उधर मोड़ता रहा, लेकिन करीब आने के बाद संतुलन खो बैठा और मैक्स पेड से टकरा गई। इसके बाद चीख पुकार शुरू हो गई। वह आगे बढ़ा ही था कि प्रशासनिक अफसरों की गाड़ी वहां आकर रुकी।