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रहस्य बनकर रह गई छात्रा शिवानी की मौत

Sun, 11 Jun 2017 12:20 PM IST
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:20 PM IST
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रहस्य बनकर रह गई छात्रा शिवानी की मौत
नवाबगंज (बरेली)।
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क्षेत्र के गांव बिथरी निवासी जिस छात्रा शिवानी की अपहरण कर हत्या करने की आशंका जताई जा रही है, उसका रहस्य दो दिन में भी नहीं खुल पाया है। पुलिस की जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा को अगर कोई जहर देगा तो क्यों और अगर उसने खाया तो क्यों खाया। हालांकि पुलिस दोनों पहलुओं पर जांच करने की बात कह रही है। सीओ नवाबगंज का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गहनता से देखा गया तो पता चला कि छात्रा के शरीर पर बाहरी और अंदरूनी कोई चोट नहीं पाई गई है। अब इस मामले में बिसरा रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जाता सकता है।

पिता लगा रहे हैं रंजिशन हत्या का आरोप
दो दिन पहले नजदीकी ग्राम बिथरी में सरे शाम अचानक ही घर से गायब हुई छात्रा शिवानी का शव आधी रात के बाद घर के नजदीक ही एक आम के बाग में पड़ा मिला था। इस मामले में मृतका के पिता ने अपने ही एक रिश्तेदार के पूरे परिवार पर अपहरण के बाद हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन इस मामले में पुलिस अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। मृतका के पिता ने जमीनी रंजिश में कुछ रिश्तेदारों द्वारा उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है तो सारे घटनाक्रम को देखते हुए मामला कुछ और ही नजर आ रहा है। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग के साथ ही जमीनी झगड़े को लेकर भी जांच कर रही है लेकिन अभी तक उसके हाथ कोई सुराग नहीं लग सका है।
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बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे मौका-ए-वारदात के हालात
पता चला है कि रात आठ बजे के आसपास छात्रा घर के बाहर चबूतरे पर सूख रहे कपड़े समेटने आई और अचानक ही गायब हो गई। जबकि उसका भाई तरुण अपने एक पड़ोसी के साथ छत पर ही बैठा हुआ था और बस्ती के लोग भी जाग रहे थे और बिना किसी शोर गुल के छात्रा का अपहरण हो गया, यह बात पुलिस को हजम नहीं हो रही है। कुछ देर में ही छात्रा के गुम होने का शोर मच गया और लोग उसकी तलाश में जुट गए, लेकिन देर तक उसका पता नहीं चल सका। इस बीच सूचना पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने भी आधी रात में ही उसे चारों ओर ढूंढा, लेकिन उसका कोई पता नहीं मिला। बताते हैं 100 डायल पुलिस उस स्थल पर भी गई थी जहां से छात्रा का शव बरामद हुआ था, लेकिन पुलिस के लौटने के कुछ देर बाद ही सामने ही आम के बाग में कुएं के पास से छात्रा का शव बरामद भी हो गया । ये सारी स्थितियां तो एक सुनियोजित षड़यंत्र की ओर इशारा कर ही रही हैं उस पर छात्रा के पैरों में लगी नदी की रेत व घुटनों तक सलवार भीगी होने से ये भी प्रमाणित हो रहा है कि उसकी हत्या कहीं और करने के बाद शव यहां लाकर फेंका गया है और वह भी 100 डायल पुलिस के जाने के बाद।
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इस तरह लगाया जमीनी विवाद की रंजिश में हत्या का आरोप
छात्रा के पिता राकेश अपनी ससुराल में रहते हैं और उनके साथ ही उसकी सास उर्मिला व सास की बहन वृद्धा सुशीला भी रहती है। सुशीला का विवाह भोजीपुरा के ग्राम खतौला में हुआ था और कई वर्ष पूर्व उनके पति शिवचरन गायब हो गए थे तथा उनकी कोई संतान भी नहीं है। सुशीला के पति ने यहां 20 बीघा जमीन खरीदी थी जिसकी विरासत को लेकर ही सारा विवाद बताया जाता है। पति के गायब होने के डेढ़ दशक बाद ससुराल की जमीन पर तो पति शिव चरन मुखिया के स्थान पर सुशीला का नाम दर्ज हो गया था लेकिन यहां उसके भतीजे चंचल ने एक वसीयत के आधार पर इस जमीन पर सुशीला की विरासत में रोड़ा अटका दिया था जिसका वाद न्यायालय में विचाराधीन है। निसंतान सुशीला यहां अपनी बहन , मृतका की नानी के साथ ही रह रही है और ये जमीन भी शायद अपनी बहन को ही देने की इच्छुक है, लेकिन भतीजे चंचल ने इसमें रोड़ा अटका दिया। यही है इन परिवारों में विवाद की जड़ और इसी विवाद के चलते शायद छात्रा के पिता ने अपनी सास के भतीजे चंचल के परिवार के विरुद्ध अपहरण व हत्या का आरोप मढ़ दिया है अधिकांश ग्रामीणों का ऐसा ही मानना है। जो भी हो छात्रा शिवानी की मौत के खुलासे को लेकर पुलिस भी हर बिन्दु पर जांच कर रही है लेकिन अभी तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है।


छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। उसके शरीर पर बाहरी और अंदरूनी कोई चोट नहीं पाई गई है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। बिसरा रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई हो पाएगी।
रमनपाल, क्षेत्राधिकारी, नवाबगंज
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