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खतौनी कांड- कहीं पोल न खुल जाए, ओवर राइटिंग वाले खतौनियों का रिकार्ड नहीं बनाया
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बरेली। कलक्ट्रेट के राजस्व अभिलेखागार के कर्मचारियों और बाबुओं की संदिग्ध भूमिका का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वर्षों से उन खतौनियों का कोई ऐसा रिकार्ड ही तैयार नहीं किया था कि कितनी ऐसी खतौनियां हैं, जिसमें ओवर राइटिंग की गई है और कितनों के कागज बीच से गायब हैं। इसके अलावा सड़ी-गली जिल्द और खतौनियों का भी वर्गीकरण नहीं हुआ है। कमिश्नर ने अभिलेखागार की चेकिंग करने में यह बड़ी गड़बड़ी पकड़ी थी। हालांकि कलक्ट्रेट के अफसरों ने इस दुरुस्त करने का दावा करते हुए इसकी आख्या आयुक्त दफ्तर में भेज दी हैं। कमिश्नर का कहना है कि वह क्रास चेकिंग के लिए अभिलेखागार का जल्द ही फिर से जायजा लेंगे।
एक के बाद एक सामने आ रहे जमीन घोटालों में अभिलेखागार के स्टाफ की सांठगांठ भी उजागर हो रही है। जालसाजी करके यही से खतौनियों में खुर्द-बुर्द करके संपत्तियों के स्वामियों के स्वामियों के नाम ही बदल दिए जाते हैं। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने करीब चार माह पहले रिकार्ड रूम में चेकिंग की थी तो यह देखकर दंग रहे गए थे खतौनियों में ओवर राइटिंग है और ऐसे रिकार्ड को चिह्नित भी नहीं किया गया है। कमिश्नर ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे तत्काल दुरुस्त कराने को कहा था। बताते हैं कि कलक्ट्रेट के स्टाफ ने इसमें कुछ किया ही नहीं, इसलिए चार महीने तक इसकी रिपोर्ट ही आयुक्त दफ्तर में भेजी ही नहीं गई। हाल में कमिश्नर के इसे लेकर फटकार लगाने के बाद इसकी आख्या भेज दी गई, इसमें सुधार का दावा किया गया है। इसके अलावा कमिश्नर ने रिकार्ड रूम में पुरानी वायरिंग में स्पार्किंग होने से रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई थी। कमिश्नर ने रिकार्ड रूम के स्टाफ को कड़ी हिदायत दी थी कि वह अनावश्यक ट्यूब लाइट या बल्ब न जलाएं।
राजस्व अभिलेखागार की जांच रिपोर्ट में यह बताया गया है कि ओवर राइटिंग और फटी खतौनियों का रिकार्ड बना लिया गया है। इसमें वास्तविक स्थिति क्या है, इसे जानने से ही जल्द ही फिर से रिकार्ड रूम की चेकिंग करूंगा। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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एक के बाद एक सामने आ रहे जमीन घोटालों में अभिलेखागार के स्टाफ की सांठगांठ भी उजागर हो रही है। जालसाजी करके यही से खतौनियों में खुर्द-बुर्द करके संपत्तियों के स्वामियों के स्वामियों के नाम ही बदल दिए जाते हैं। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने करीब चार माह पहले रिकार्ड रूम में चेकिंग की थी तो यह देखकर दंग रहे गए थे खतौनियों में ओवर राइटिंग है और ऐसे रिकार्ड को चिह्नित भी नहीं किया गया है। कमिश्नर ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे तत्काल दुरुस्त कराने को कहा था। बताते हैं कि कलक्ट्रेट के स्टाफ ने इसमें कुछ किया ही नहीं, इसलिए चार महीने तक इसकी रिपोर्ट ही आयुक्त दफ्तर में भेजी ही नहीं गई। हाल में कमिश्नर के इसे लेकर फटकार लगाने के बाद इसकी आख्या भेज दी गई, इसमें सुधार का दावा किया गया है। इसके अलावा कमिश्नर ने रिकार्ड रूम में पुरानी वायरिंग में स्पार्किंग होने से रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई थी। कमिश्नर ने रिकार्ड रूम के स्टाफ को कड़ी हिदायत दी थी कि वह अनावश्यक ट्यूब लाइट या बल्ब न जलाएं।
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राजस्व अभिलेखागार की जांच रिपोर्ट में यह बताया गया है कि ओवर राइटिंग और फटी खतौनियों का रिकार्ड बना लिया गया है। इसमें वास्तविक स्थिति क्या है, इसे जानने से ही जल्द ही फिर से रिकार्ड रूम की चेकिंग करूंगा। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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