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दाउद के शूटर का भाई पुलिस रिकार्ड से गायब
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:04 AM IST
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दाउद के शूटर का भाई पुलिस रिकार्ड से गायब
- पुलिस छुटभैये बदमाशों को इनामिया बनाने में मशरूफ
- जानलेवा हमले का है आरोपी, बीस साल से फरार
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। काजी टोला में हाजी शकील कुरैशी के मामा पर हमला करने वाला आरोपी भूरा पुलिस रिकार्ड में बीस साल से फरार है। बारादरी इंस्पेक्टर उपेंद्र यादव के मुताबिक भूरा का भाई शातिर शूटर था और शत्रुघन सिन्हा की सुपारी भी ले चुका है। 1998 में अयूब उर्फ भूरा के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है।
काजी टोला निवासी हाजी इश्हाक ने बताया कि 1998 में अयूब उर्फ भूरा ने उन्हें घर में घुसकर गोली मारकर घायल किया था। रिपोर्ट बारादरी में लिखाई गई, लेकिन भूरा फरार रहा। इश्हाक के मुताबिक, बीते शुक्रवार को दिन में 3:30 बजे सफे द रंग की स्विफ्ट कार से भूरा सहित दो बदमाशों ने तमंचे से लैस होकर हमला किया था। लोगों की घेराबंदी पर तीनों भाग गए। इश्हाक का कहना है कि भूरा मुंबई में रहकर दाउद की ‘डी’ कंपनी के लिए काम करता है। 1998 में इश्हाक पर हमले से कुछ दिन पहले भूरा के भाई उस्मान को मुंबई पुलिस गिरफ्तार करके ले गई थी। भूरा को शक था कि इश्हाक की मुखबिरी की वजह से उसका भाई पकड़ा गया। गिरफ्तारी के दौरान उस्मान ने पुलिस को बताया था कि दाउद की हिट लिस्ट में शत्रुघन सिन्हा हैं। इसके बाद जनवरी 1998 में उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
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- पुलिस छुटभैये बदमाशों को इनामिया बनाने में मशरूफ
- जानलेवा हमले का है आरोपी, बीस साल से फरार
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। काजी टोला में हाजी शकील कुरैशी के मामा पर हमला करने वाला आरोपी भूरा पुलिस रिकार्ड में बीस साल से फरार है। बारादरी इंस्पेक्टर उपेंद्र यादव के मुताबिक भूरा का भाई शातिर शूटर था और शत्रुघन सिन्हा की सुपारी भी ले चुका है। 1998 में अयूब उर्फ भूरा के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है।
काजी टोला निवासी हाजी इश्हाक ने बताया कि 1998 में अयूब उर्फ भूरा ने उन्हें घर में घुसकर गोली मारकर घायल किया था। रिपोर्ट बारादरी में लिखाई गई, लेकिन भूरा फरार रहा। इश्हाक के मुताबिक, बीते शुक्रवार को दिन में 3:30 बजे सफे द रंग की स्विफ्ट कार से भूरा सहित दो बदमाशों ने तमंचे से लैस होकर हमला किया था। लोगों की घेराबंदी पर तीनों भाग गए। इश्हाक का कहना है कि भूरा मुंबई में रहकर दाउद की ‘डी’ कंपनी के लिए काम करता है। 1998 में इश्हाक पर हमले से कुछ दिन पहले भूरा के भाई उस्मान को मुंबई पुलिस गिरफ्तार करके ले गई थी। भूरा को शक था कि इश्हाक की मुखबिरी की वजह से उसका भाई पकड़ा गया। गिरफ्तारी के दौरान उस्मान ने पुलिस को बताया था कि दाउद की हिट लिस्ट में शत्रुघन सिन्हा हैं। इसके बाद जनवरी 1998 में उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
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