{"_id":"5c817c4cbdec22145f53830b","slug":"11551989836-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मगुरू पर टिप्पणी को लेकर दो पक्ष भिड़े, थाने पहुंची भीड़","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धर्मगुरू पर टिप्पणी को लेकर दो पक्ष भिड़े, थाने पहुंची भीड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में एक धर्मगुरु पर टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद एक समुदाय के दो पक्ष आपस में भिड़ गए। मारपीट के बाद भारी संख्या में लोग इज्जतनगर थाने पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों के संभ्रांत लोगों ने समझौता करा दिया।
फरीदापुर चौधरी गांव निवासी एक सेल्समैन एक मसलक से ताल्लुक रखता है। वहीं बड़ी बिहार निवासी दो दुकानदार भाई दूसरे मसलक को मानते हैं। बताते हैं कि सप्ताह भर पहले दुकानदार भाइयों ने सेल्समैन के मसलक के धर्मगुरु के बारे में कोई अनर्गल टिप्पणी कर दी। इस पर सेल्समैन ने तीखा विरोध जताया। उस वक्त मामला निपट गया। गुरुवार रात जब सेल्समैन बड़ी बिहार इलाके में आया तो दोनों भाइयों ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीट दिया। इसके बाद वह अपने पक्ष के लोगों संग इज्जतनगर थाने पहुंचा। पीछे से दुकानदार पक्ष के तमाम लोग भी थाने आ गए। भीड़ बढ़ी तो थाने के घेराव की अफवाह उड़ गई। हालांकि जब पुलिस ने दोनों पक्ष के संभ्रांत लोगों को आमने सामने बैठाया तो थोड़ी देर में गिले शिकवे दूर हो गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के धर्मगुरुओं पर भविष्य में टिप्पणी न करने की बात कही। समझौते के बाद पुलिस ने इन्हें वापस भेज दिया। इंस्पेक्टर मनोज त्यागी ने बताया कि गलतफहमी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी, जिसे उन्होंने खुद ही दूर कर लिया।
विज्ञापन
फरीदापुर चौधरी गांव निवासी एक सेल्समैन एक मसलक से ताल्लुक रखता है। वहीं बड़ी बिहार निवासी दो दुकानदार भाई दूसरे मसलक को मानते हैं। बताते हैं कि सप्ताह भर पहले दुकानदार भाइयों ने सेल्समैन के मसलक के धर्मगुरु के बारे में कोई अनर्गल टिप्पणी कर दी। इस पर सेल्समैन ने तीखा विरोध जताया। उस वक्त मामला निपट गया। गुरुवार रात जब सेल्समैन बड़ी बिहार इलाके में आया तो दोनों भाइयों ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीट दिया। इसके बाद वह अपने पक्ष के लोगों संग इज्जतनगर थाने पहुंचा। पीछे से दुकानदार पक्ष के तमाम लोग भी थाने आ गए। भीड़ बढ़ी तो थाने के घेराव की अफवाह उड़ गई। हालांकि जब पुलिस ने दोनों पक्ष के संभ्रांत लोगों को आमने सामने बैठाया तो थोड़ी देर में गिले शिकवे दूर हो गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के धर्मगुरुओं पर भविष्य में टिप्पणी न करने की बात कही। समझौते के बाद पुलिस ने इन्हें वापस भेज दिया। इंस्पेक्टर मनोज त्यागी ने बताया कि गलतफहमी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी, जिसे उन्होंने खुद ही दूर कर लिया।
विज्ञापन