फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   अतिक्रमण करने वालों के किए चालान

अतिक्रमण करने वालों के किए चालान

Fri, 08 Mar 2019 01:47 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Fri, 08 Mar 2019 01:47 AM IST
विज्ञापन
अतिक्रमण करने वालों के किए चालान
बरेली। बाजार में अतिक्रमण करने वाले बड़े दुकानदारों को नजर अंदाज कर रेहड़ी और घुमंतू ठेले वालों के खिलाफ कार्रवाई की कवायद फिर तेज हो गई है। इसके चलते कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने कई रेहड़ी वालों के चालान काटे। पुलिस के मौके से जाने के बाद माहौल दोबारा जैसा हो गया।
विज्ञापन

पंजाबी मार्केट में बृहस्पतिवार को सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के चालान काटे गए। पुलिस ने बताया कि करीब 50 रेहड़ी और ठेले वालों के चालान किए गए। अतिक्रमण के चलते नावल्टी चौराहे से पोस्ट ऑफिस तक भयंकर जाम जैसी स्थित बनी रहती है। इसके चलते पुलिस ने अयूब खां चौराहे पर लगने वाला बृहस्पतिवार बाजार भी हटवाया दिया था। लेकिन बाजार हटने के बाद उन्हीं दुकानदारों ने अब ठेलों और रेड़ियों पर सामान बेचना शुरू कर दिया है। अकसर यहां हादसे भी होते हैं। इसके चलते जिला अस्पताल तक पहुंचने वाले मरीजों को भी खासा संघर्ष करने पड़ता है। कुमार टॉकीज के बाहर रेहड़ी लगाने वाले इरशाद ने बताया कि इससे पहले भी कई बार चालान काटे जा चुके हैं। कोर्ट से सम्मन आने पर कोर्ट में कुछ रुपये जमा कराए जाते हैं और छूट जाते हैं। वहीं प्रेमनगर क्षेत्र में भी बुधवार और बृहस्पतिवार को करीब दो सौ रेहड़ी और ठेले वालों के चालान किए गए। यहां भी अतिक्रमण की स्थिति अब सामान्य बन गई है।
विज्ञापन


चालान के बहाने किए जाते हैं टार्गेट पूरे
नगर निगम सड़क से अतिक्रमण हटाता तो है कि लेकिन सड़क को अतिक्रमण रहित बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। जोकि पुलिस नहीं करती। अतिक्रमण होने के बाद पुलिस के चालानों का टार्गेट पूरा होने का खेल शुरू होता है। एक रेहड़ी वाले ने दो खुल के कह दिया को हर महीने चालान कटते हैं। जुर्माना देकर रेहड़ियां वापस लगवा दी जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed