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कह रही है एफआईआर.. हाफिजगंज पुलिस ने डील करके बदल दी कार
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नवाबगंज। सीओ की जांच में आखिरकार पुष्टि हो गई कि नवाबगंज में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर की जिस कार की टक्कर से बाइक पर सवार पीडब्ल्यूडी के दो बेलदारों की मौत हुई थी, पुलिस ने डॉक्टर को बचाने के लिए एफआईआर में उस कार का नंबर बदल दिया। थाने में खड़ी कार की नंबर प्लेट भी हटा दी गई। सीओ ने जांच पूरी करने के बाद एसएसपी को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। संभावना जताई जा रही है कि सीओ की रिपोर्ट पर थाने के कई जिम्मेदार पुलिस वाले नप सकते हैं।
कार की नंबर प्लेट हटाकर सड़क हादसे की एफआईआर में गोलमाल किए जाने के पीछे पुलिस और कार चला रहे डॉक्टर के बीच हुई मोटी डील को वजह माना जा रहा है। दरअसल मंगलवार सुबह बरेली-पीलीभीत हाईवे पर सुड़ियावा के पास एक बाइक पर बरेली जा रहे ठिरिया सैदपुर निवासी पीडब्ल्यूडी कर्मचारी वली मोहम्मद और ठिरिया बन्नोजान के सालिकराम को एक वैगन आर कार ने सामने से टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई थी। घटना के ऐन बाद कुछ लोगों ने घटनास्थल का वीडियो बनाया जिसमें कार का नंबर यूपी 25ए वाई 7749 दिख रहा था। कार में बैठे लोग भी घायल हुए थे जो दूसरे वाहनों में बैठकर चले गए थे। छानबीन में पता चला था कि कार एक प्राइवेट डॉक्टर की थी जो रोज बरेली से नवाबगंज में अपने अस्पताल आते-जाते हैं। खुद डॉक्टर भी इस घटना में घायल हुआ था।
पुलिस ने हादसे के बाद दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया था। अफसरों की जानकारी में आया कि पुलिस ने इस मामले में डील होने के बाद थाने में खड़ी कार की नंबर प्लेट हटा दी है। रिपोर्ट भी वली मोहम्मद के बेटे जुनैद की ओर से तीन दिन बाद लिखी गई जिसमें हादसा यूपी 25 बीएस 1437 कार से होना दर्शाया है जो बरेली निवासी प्रदीप गुप्ता के नाम रजिस्टर्ड है। उधर, मौके पर बने वीडियो में कार का नंबर यूपी-25 एवाई 7779 दिख रहा है।
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सोमवार को सीओ योगेंद्र सिंह ने थाना हाफिजगंज पहुंचकर कार के नंबर, चेसिस नंबर के साथ रिकॉर्ड की पड़ताल की तो सारा माजरा साफ हो गया। इस बात की पूरी पुष्टि हो गई कि जिस कार से एक्सीडेंट हुआ, उसके बजाय एफआईआर में दूसरी कार का नंबर लिखा गया है। इसके अलावा कार की नंबर प्लेट भी थाने में ही हटाई गई है। सीओ ने आरोपों को सही पाने के बाद इसमें किसी प्रलोभन या दवाब की वजह से पुलिस के स्तर पर गड़बड़ किया जाना माना है। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि वादी से भी तहरीर में गाड़ी नंबर बदलवाया गया। उन्होंने रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है।
मैंने मौके पर जाकर गहनता से जांच की। थाने में खड़ी गाड़ी तो वही है जिससे एक्सीडेंट हुआ था लेकिन उसकी नंबर प्लेट हटी हुई मिली। एफआईआर में भी किसी और गाड़ी का नंबर दर्ज है। गड़बड़ी तो की गई है। एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी गई है। - योगेंद्र सिंह, सीओ नवाबगंज
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कार की नंबर प्लेट हटाकर सड़क हादसे की एफआईआर में गोलमाल किए जाने के पीछे पुलिस और कार चला रहे डॉक्टर के बीच हुई मोटी डील को वजह माना जा रहा है। दरअसल मंगलवार सुबह बरेली-पीलीभीत हाईवे पर सुड़ियावा के पास एक बाइक पर बरेली जा रहे ठिरिया सैदपुर निवासी पीडब्ल्यूडी कर्मचारी वली मोहम्मद और ठिरिया बन्नोजान के सालिकराम को एक वैगन आर कार ने सामने से टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई थी। घटना के ऐन बाद कुछ लोगों ने घटनास्थल का वीडियो बनाया जिसमें कार का नंबर यूपी 25ए वाई 7749 दिख रहा था। कार में बैठे लोग भी घायल हुए थे जो दूसरे वाहनों में बैठकर चले गए थे। छानबीन में पता चला था कि कार एक प्राइवेट डॉक्टर की थी जो रोज बरेली से नवाबगंज में अपने अस्पताल आते-जाते हैं। खुद डॉक्टर भी इस घटना में घायल हुआ था।
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पुलिस ने हादसे के बाद दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया था। अफसरों की जानकारी में आया कि पुलिस ने इस मामले में डील होने के बाद थाने में खड़ी कार की नंबर प्लेट हटा दी है। रिपोर्ट भी वली मोहम्मद के बेटे जुनैद की ओर से तीन दिन बाद लिखी गई जिसमें हादसा यूपी 25 बीएस 1437 कार से होना दर्शाया है जो बरेली निवासी प्रदीप गुप्ता के नाम रजिस्टर्ड है। उधर, मौके पर बने वीडियो में कार का नंबर यूपी-25 एवाई 7779 दिख रहा है।
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सोमवार को सीओ योगेंद्र सिंह ने थाना हाफिजगंज पहुंचकर कार के नंबर, चेसिस नंबर के साथ रिकॉर्ड की पड़ताल की तो सारा माजरा साफ हो गया। इस बात की पूरी पुष्टि हो गई कि जिस कार से एक्सीडेंट हुआ, उसके बजाय एफआईआर में दूसरी कार का नंबर लिखा गया है। इसके अलावा कार की नंबर प्लेट भी थाने में ही हटाई गई है। सीओ ने आरोपों को सही पाने के बाद इसमें किसी प्रलोभन या दवाब की वजह से पुलिस के स्तर पर गड़बड़ किया जाना माना है। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि वादी से भी तहरीर में गाड़ी नंबर बदलवाया गया। उन्होंने रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है।
मैंने मौके पर जाकर गहनता से जांच की। थाने में खड़ी गाड़ी तो वही है जिससे एक्सीडेंट हुआ था लेकिन उसकी नंबर प्लेट हटी हुई मिली। एफआईआर में भी किसी और गाड़ी का नंबर दर्ज है। गड़बड़ी तो की गई है। एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी गई है। - योगेंद्र सिंह, सीओ नवाबगंज