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बच्चों ने कहा बाबा पकड़ने आए थे तो मच गया बच्चा चोर का शोर
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बरेली/हाफिजगंज। जिले में बच्चा चोर गैंग की अफवाहों पर जागरुकता की तमाम कोशिशों के बाद भी लगाम नहीं लगी है। रविवार को बहेड़ी में बच्चा चोर समझकर भिखारी को भीड़ ने दौड़ा लिया। हाफिजगंज में शोर मचा कि साधु वेशधारी लोग बच्चों का अपहरण करने आ गए हैं। बच्चों के अभिभावकों ने उनके खेत में छिपे होने की आशंका में खेत घेर लिया। हालांकि पुलिस की मदद से तलाश के बाद भी कुछ न मिला।
हाफिजगंज के गांव भंडसर निवासी नत्थूलाल राठौर का बेटा 15 साल का गौरव अपने चचेरे भाई सौरभ के साथ खोहढकिया मार्ग किनारे गन्ने के खेत में घास काट रहे थे। गौरव के मुताबिक ईख से दो काले कपडे़ पहने साधु उसे इशारा करके बुलाने लगे। वह कुछ समझ पाता इससे पहले बाबा हमलावर हो गये। तब दोनो बच्चे वहां से चीखते हुए भाग खडे़ हुऐ। इस पर आसपास के लोग दौडे़ तथा दोनों गांव के काफी लोग खेत पर पहुंच गए। जिस खेत में बाबाओं के होने का शक था उसको घेर लिया। खेत की छानबीन की गई। 100 नंबर पर सूचना दी। पुलिस भी पहुंच गई लेकिन खेत में बाबा नहीं मिले। ग्रामीणों का कहना था कि मौका पाकर बाबा खेतों से होते हुए कहीं निकल गए। इधर, इंस्पेक्टर सुरेशपाल सिंह ने बताया कि मामला अफवाह जैसा ही था। किसी साधु के वहां होने की पुष्टि नहीं हुई।
बच्चा चोर समझकर भिखारी को दौड़ाया
बहेड़ी। सकरस गांव में दोपहर के वक्त एक भिखारी भीख मांग रहा था। लोगों के मुताबिक भिखारी ने एक बच्चे से कहा कि वह दरवाजा खटखटाता रहे और वो इसके एवज में उसे साठ रुपये देगा। बच्चे ने मना कर दिया, किसी ने उसकी इस बात को सुन लिया और बच्चा चोर का शोर मचा दिया। ग्रामीणों की भीड़ जुुटते देख भिखारी ने दौड़ लगा दी। ग्रामीणों ने उसे खेतों में दौड़ाकर पकड़ लिया। बाद में लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने जांच में उसे भिखारी ही पाया। वह बच्चा चोर नहीं निकला तो उसे छोड़ दिया गया।
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जिसे बच्चा चोर बताया वो मानसिक मंद निकला
शाही। बच्चा चोर होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गांव से संदिग्ध को उठाया तो वह मानसिक मंदित निकला। मामला गांव सुकली का है। सुबह आठ बजे ग्रामीणों को गांव के बाहर एक व्यक्ति संदिग्ध रूप से घूमता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने प्रधान अली मोहम्मद को सूचना दी। प्रधान व ग्रामीणों ने सौ नंबर पर फोन करके पुलिस को गांव में घूम रहे संदिग्ध के बारे में बताया। थानाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान भी गांव पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ के बीच पुलिस संदिग्ध को थाने ले आई। पूछताछ में वह अपना नाम नहीं बता पा रहा था। शरीर पर कुछ ही कपड़े थे और वह भी फटे पुराने थे। एहतियातन पुलिस ने उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया।
जागरुक हुए लोग, अब पुलिस को दे रहे सूचना : एसएसपी
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने स्वीकार किया कि लोग अब जागरुक हो गए हैं। बच्चा चोर गैंग की अफवाहें भी कम हुई हैं। हालांकि अभी भी देहात क्षेत्र में कुछ जगह अफवाहों पर शोर मच रहा है पर लोग जागरुक हो गए हैं और किसी संदिग्ध से मारपीट नहीं कर रहे, इसकी बजाय पुलिस को सूचना दी जा रही है। यह अच्छा संकेत है। जल्दी ही पूरी तरह स्थिति सही हो जाएगी। एसएसपी ने लोगों से आह्वान किया कि बच्चा चोर मानकर किसी के साथ मारपीट और हमले से बचें। संदेह है तो पुलिस को सूचना दें।
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हाफिजगंज के गांव भंडसर निवासी नत्थूलाल राठौर का बेटा 15 साल का गौरव अपने चचेरे भाई सौरभ के साथ खोहढकिया मार्ग किनारे गन्ने के खेत में घास काट रहे थे। गौरव के मुताबिक ईख से दो काले कपडे़ पहने साधु उसे इशारा करके बुलाने लगे। वह कुछ समझ पाता इससे पहले बाबा हमलावर हो गये। तब दोनो बच्चे वहां से चीखते हुए भाग खडे़ हुऐ। इस पर आसपास के लोग दौडे़ तथा दोनों गांव के काफी लोग खेत पर पहुंच गए। जिस खेत में बाबाओं के होने का शक था उसको घेर लिया। खेत की छानबीन की गई। 100 नंबर पर सूचना दी। पुलिस भी पहुंच गई लेकिन खेत में बाबा नहीं मिले। ग्रामीणों का कहना था कि मौका पाकर बाबा खेतों से होते हुए कहीं निकल गए। इधर, इंस्पेक्टर सुरेशपाल सिंह ने बताया कि मामला अफवाह जैसा ही था। किसी साधु के वहां होने की पुष्टि नहीं हुई।
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बच्चा चोर समझकर भिखारी को दौड़ाया
बहेड़ी। सकरस गांव में दोपहर के वक्त एक भिखारी भीख मांग रहा था। लोगों के मुताबिक भिखारी ने एक बच्चे से कहा कि वह दरवाजा खटखटाता रहे और वो इसके एवज में उसे साठ रुपये देगा। बच्चे ने मना कर दिया, किसी ने उसकी इस बात को सुन लिया और बच्चा चोर का शोर मचा दिया। ग्रामीणों की भीड़ जुुटते देख भिखारी ने दौड़ लगा दी। ग्रामीणों ने उसे खेतों में दौड़ाकर पकड़ लिया। बाद में लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने जांच में उसे भिखारी ही पाया। वह बच्चा चोर नहीं निकला तो उसे छोड़ दिया गया।
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जिसे बच्चा चोर बताया वो मानसिक मंद निकला
शाही। बच्चा चोर होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गांव से संदिग्ध को उठाया तो वह मानसिक मंदित निकला। मामला गांव सुकली का है। सुबह आठ बजे ग्रामीणों को गांव के बाहर एक व्यक्ति संदिग्ध रूप से घूमता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने प्रधान अली मोहम्मद को सूचना दी। प्रधान व ग्रामीणों ने सौ नंबर पर फोन करके पुलिस को गांव में घूम रहे संदिग्ध के बारे में बताया। थानाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान भी गांव पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ के बीच पुलिस संदिग्ध को थाने ले आई। पूछताछ में वह अपना नाम नहीं बता पा रहा था। शरीर पर कुछ ही कपड़े थे और वह भी फटे पुराने थे। एहतियातन पुलिस ने उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया।
जागरुक हुए लोग, अब पुलिस को दे रहे सूचना : एसएसपी
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने स्वीकार किया कि लोग अब जागरुक हो गए हैं। बच्चा चोर गैंग की अफवाहें भी कम हुई हैं। हालांकि अभी भी देहात क्षेत्र में कुछ जगह अफवाहों पर शोर मच रहा है पर लोग जागरुक हो गए हैं और किसी संदिग्ध से मारपीट नहीं कर रहे, इसकी बजाय पुलिस को सूचना दी जा रही है। यह अच्छा संकेत है। जल्दी ही पूरी तरह स्थिति सही हो जाएगी। एसएसपी ने लोगों से आह्वान किया कि बच्चा चोर मानकर किसी के साथ मारपीट और हमले से बचें। संदेह है तो पुलिस को सूचना दें।