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सड़क से दुकान हटाने को कहा तो पुलिस के खिलाफ उपद्रव कराने की कोशिश
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बरेली। दिवाली के माहौल में भीड़भाड़ से अटे आलमगिरीगंज बाजार में सड़कों पर दुकान सजाए बैठे अतिक्रमणकारियों ने पुलिस के चेतावनी के बाद उपद्रव कराने की साजिश रच डाली। एक राजनैतिक संगठन के कार्यकर्ताओं की मदद से देवी-देवताओं की मूर्तियां और पोस्टर सड़क पर बिखेरकर लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया गया। अफवाह फैली तो व्यापारी वर्ग भी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगा लेकिन एसएसपी ने सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई तो पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके साजिश रचने वाले संगठन के सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है।
रविवार शाम पांच बजे करीब मठ चौकी प्रभारी रिंकू कुमार आलमगिरीगंज में शिवाजी रोड से होकर बाइक से निकले। जाटवपुरा में रहने वाला एक युवक यहां सड़क पर ही दुकान सजाकर अहोई अष्टमी और दिवाली के कलेंडर और मूर्तियां बेच रहा था। चौकी प्रभारी ने बाइक रोककर उसकी डांट-डपट की और सड़क से फौरन दुकान हटा लेने को कहकर चले गए। थोड़ी ही देर बाद शहर के तमाम व्हाट्सएप ग्रुप में मेसेज वायरल हो गए कि दरोगा ने एक गरीब दुकानदार से मारपीट कर उसकी दुकान पर रखे देवी-देवताओं के पोस्टर और मूर्तियां तोड़कर सड़क और नाली में फेंक दीं। सड़क पर फटे पड़े पोस्टरों के वीडियो भी वायरल कर दिए गए।
कुछ ही देर में पुलिस के खिलाफ माहौल गर्म होने लगा। एसएसपी ने मामला जानकारी में आने पर सीओ दिलीप सिंह और कोतवाल गीतेश कपिल को मौके पर जाकर सीसीटीवी फुटेज चेक कराने को कहा। जांच-पड़ताल हुई तो पता लगा कि चौकी प्रभारी बाइक पर बैठे-बैठे ही दुकानदार को डांटकर चले गए। इसके फौरन बाद दुकानदार ने फोन पर कई कॉल कीं। कुछ ही देर बाद पहुंचे आठ-दस लड़कों ने देवी-देवताओं के पोस्टर फाड़कर नाली में फेंक दिए और उनका वीडियो बनाकर चुपचाप निकल लिए। एसएसपी के आदेश पर दुकानदार के साथ आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश में दबिश देनी शुरू कर दी है।
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मोबाइल स्विच ऑफ कर दुकानदार गायब
खुद अपना वीडियो वायरल करके चौकी प्रभारी पर मारपीट और पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाने वाला दुकानदार सच्चाई सामने आने के बाद भूमिगत हो गया। पुलिस उसके घर गई तो वह वहां भी नहीं मिला। उसने अपना नंबर भी बंद कर लिया। पुलिस ने उन नंबरों की डिटेल भी निकाली है जिन्हें उसने कॉल की थी। पता लगा है कि एक विवादित संगठन के लोगों ने यह पूरा ड्रामा किया था।
चौकी प्रभारी पर दुकानदार को पीटने और पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाया गया था लेकिन सीसीटीवी फुटेज देखने पर स्थिति बिल्कुल उल्टी पाई गई। कुछ लड़कों ने यह हरकत करके माहौल खराब करने की कोशिश की। जांच पड़ताल कराई जा रही है। रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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रविवार शाम पांच बजे करीब मठ चौकी प्रभारी रिंकू कुमार आलमगिरीगंज में शिवाजी रोड से होकर बाइक से निकले। जाटवपुरा में रहने वाला एक युवक यहां सड़क पर ही दुकान सजाकर अहोई अष्टमी और दिवाली के कलेंडर और मूर्तियां बेच रहा था। चौकी प्रभारी ने बाइक रोककर उसकी डांट-डपट की और सड़क से फौरन दुकान हटा लेने को कहकर चले गए। थोड़ी ही देर बाद शहर के तमाम व्हाट्सएप ग्रुप में मेसेज वायरल हो गए कि दरोगा ने एक गरीब दुकानदार से मारपीट कर उसकी दुकान पर रखे देवी-देवताओं के पोस्टर और मूर्तियां तोड़कर सड़क और नाली में फेंक दीं। सड़क पर फटे पड़े पोस्टरों के वीडियो भी वायरल कर दिए गए।
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कुछ ही देर में पुलिस के खिलाफ माहौल गर्म होने लगा। एसएसपी ने मामला जानकारी में आने पर सीओ दिलीप सिंह और कोतवाल गीतेश कपिल को मौके पर जाकर सीसीटीवी फुटेज चेक कराने को कहा। जांच-पड़ताल हुई तो पता लगा कि चौकी प्रभारी बाइक पर बैठे-बैठे ही दुकानदार को डांटकर चले गए। इसके फौरन बाद दुकानदार ने फोन पर कई कॉल कीं। कुछ ही देर बाद पहुंचे आठ-दस लड़कों ने देवी-देवताओं के पोस्टर फाड़कर नाली में फेंक दिए और उनका वीडियो बनाकर चुपचाप निकल लिए। एसएसपी के आदेश पर दुकानदार के साथ आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश में दबिश देनी शुरू कर दी है।
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खुद अपना वीडियो वायरल करके चौकी प्रभारी पर मारपीट और पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाने वाला दुकानदार सच्चाई सामने आने के बाद भूमिगत हो गया। पुलिस उसके घर गई तो वह वहां भी नहीं मिला। उसने अपना नंबर भी बंद कर लिया। पुलिस ने उन नंबरों की डिटेल भी निकाली है जिन्हें उसने कॉल की थी। पता लगा है कि एक विवादित संगठन के लोगों ने यह पूरा ड्रामा किया था।
चौकी प्रभारी पर दुकानदार को पीटने और पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाया गया था लेकिन सीसीटीवी फुटेज देखने पर स्थिति बिल्कुल उल्टी पाई गई। कुछ लड़कों ने यह हरकत करके माहौल खराब करने की कोशिश की। जांच पड़ताल कराई जा रही है। रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी