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टेरर फंडिंग के आरोपी सदाकत की कार से एसी, म्यूजिक सिस्टम गायब
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चोरी में सिटी जीआरपी के स्टाफ की भूमिका संदिग्ध, सीओ ने शुरू की जांच
बरेली। टेरर फंडिंग के आरोप में जेल में बंद सदाकत अली की सीज कार से एसी और म्यूजिक सिस्टम समेत काफी सामान चोरी कर लिया गया है। सिटी स्टेशन के जीआरपी थाने पर खड़ी कार से चोरी के मामले में थाने के स्टाफ की ही भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सीओ जीआरपी ने इसकी जांच शुरू कर दी है। जीआरपी इंस्पेक्टर मामला दबाने की जुगत में हैं।
नेपाल से हो रही टेरर फंडिंग मामले में लखीमपुर खीरी में एटीएस ने रिपोर्ट कराई थी। बरेली के परतापुर निवासी सदाकत और सिराज समेत कई लोगों को इसमें नामजद किया गया था। इनमें से सिराज की पिछले दिनों मौत हो चुकी है, वहीं सदाकत बरेली जेल में बंद है। सदाकत ने कोर्ट में सरेंडर करने से पहले अपनी स्विफ्ट डिजायर कार इज्जतनगर स्टेशन के सामने एक पार्किंग में खड़ी कर दी थी। पुलिस कार को कब्जे में लेती उससे पहले ही जीआरपी सिटी स्टेशन के स्टाफ ने कार कब्जे में ले ली। तब से कार सिटी स्टेशन के जीआरपी थाने में खड़ी है।
सदाकत की पत्नी की ओर से उसके अधिवक्ता जुबैर अमजद ने कोर्ट में कार सुपुर्दगी में देने के लिए आवेदन किया तो कार की जांच-पड़ताल हुई। इसमें पता चला कि कार में लगा एसी, म्यूजिक सिस्टम समेत करीब 40 हजार रुपये का सामान गायब है। चर्चा है कि थाने के ही दो कर्मचारियों ने रात में मिस्त्री को बुलाकर यह सामान निकलवा लिया। जांच में मामला खुलने पर स्टाफ में हड़कंप है। इसी सिलसिले में शनिवार शाम मुरादाबाद से आए सीओ जीआरपी ने थाने आकर घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने एसओ तरुण धीमान को इस चोरी का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि स्टाफ दोषी है तो उस पर भी कार्रवाई की जाए। जांच पूरी न होने तक कर्मचारियों की छुट्टी पर भी रोक लगा दी है।
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बरेली। टेरर फंडिंग के आरोप में जेल में बंद सदाकत अली की सीज कार से एसी और म्यूजिक सिस्टम समेत काफी सामान चोरी कर लिया गया है। सिटी स्टेशन के जीआरपी थाने पर खड़ी कार से चोरी के मामले में थाने के स्टाफ की ही भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सीओ जीआरपी ने इसकी जांच शुरू कर दी है। जीआरपी इंस्पेक्टर मामला दबाने की जुगत में हैं।
नेपाल से हो रही टेरर फंडिंग मामले में लखीमपुर खीरी में एटीएस ने रिपोर्ट कराई थी। बरेली के परतापुर निवासी सदाकत और सिराज समेत कई लोगों को इसमें नामजद किया गया था। इनमें से सिराज की पिछले दिनों मौत हो चुकी है, वहीं सदाकत बरेली जेल में बंद है। सदाकत ने कोर्ट में सरेंडर करने से पहले अपनी स्विफ्ट डिजायर कार इज्जतनगर स्टेशन के सामने एक पार्किंग में खड़ी कर दी थी। पुलिस कार को कब्जे में लेती उससे पहले ही जीआरपी सिटी स्टेशन के स्टाफ ने कार कब्जे में ले ली। तब से कार सिटी स्टेशन के जीआरपी थाने में खड़ी है।
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सदाकत की पत्नी की ओर से उसके अधिवक्ता जुबैर अमजद ने कोर्ट में कार सुपुर्दगी में देने के लिए आवेदन किया तो कार की जांच-पड़ताल हुई। इसमें पता चला कि कार में लगा एसी, म्यूजिक सिस्टम समेत करीब 40 हजार रुपये का सामान गायब है। चर्चा है कि थाने के ही दो कर्मचारियों ने रात में मिस्त्री को बुलाकर यह सामान निकलवा लिया। जांच में मामला खुलने पर स्टाफ में हड़कंप है। इसी सिलसिले में शनिवार शाम मुरादाबाद से आए सीओ जीआरपी ने थाने आकर घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने एसओ तरुण धीमान को इस चोरी का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि स्टाफ दोषी है तो उस पर भी कार्रवाई की जाए। जांच पूरी न होने तक कर्मचारियों की छुट्टी पर भी रोक लगा दी है।
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