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दातागंज उप कोषागार में 5.70 करोड़ का स्टांप घोटाला
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बदायूं। कुछ दिन पहले शासन की ओर से बंद कराए गए दातागंज के उप कोषागार में करीब 5.70 करोड़ रुपये का स्टांप घोटाला सामने आया है। इससे राजस्व विभाग में खलबली है। रोकड़िया बगैर कुछ जानकारी दिए भाग गया है। राजस्व विभाग ने सारे अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए हैं। रोकड़िया के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।
शासन ने 15-20 दिन पहले छोटे-छोटे उप कोषागार बंद कराए थे। तभी से जिले के कोषागार के अभिलेख चेक किए जा रहे थे। कुछ दिन पहले दातागंज उप कोषागार पर तैनात रोकड़िया हरीश बिना सूचना दिए भाग गया। तहसील स्तर से उप कोषागार के अभिलेख चेक करने में बड़ा घोटाला सामने आया। डीएम कुमार प्रशांत को इसकी सूचना दी गई। डीएम ने इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की। टीम में शामिल एडीएम वित्त नरेंद्र बहादुर समेत अन्य अधिकारियों ने जब जांच पड़ताल की तो करीब 5.70 करोड़ रुपये का घोटाला निकला।
राजस्व विभाग रोकड़िया हरीश की तलाश कर रहा है। हर माह लेखा जोखा चेक करने की जिम्मेदारी जिला कोषागार अधिकारी की थी। इसके बावजूद उप कोषागार के लिए स्टांप दे दिए जाते रहे। अब डीएम ने रोकड़िया के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।
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कोषागार का रोकड़िया बगैर ब्योरा दिए भाग गया। जो रजिस्टर मिले हैं, उनके हिसाब से गबन का मामला सामने आया है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए हम प्रमुख सचिव को लिख रहे हैं।
- कुमार प्रशांत, डीएम
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शासन ने 15-20 दिन पहले छोटे-छोटे उप कोषागार बंद कराए थे। तभी से जिले के कोषागार के अभिलेख चेक किए जा रहे थे। कुछ दिन पहले दातागंज उप कोषागार पर तैनात रोकड़िया हरीश बिना सूचना दिए भाग गया। तहसील स्तर से उप कोषागार के अभिलेख चेक करने में बड़ा घोटाला सामने आया। डीएम कुमार प्रशांत को इसकी सूचना दी गई। डीएम ने इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की। टीम में शामिल एडीएम वित्त नरेंद्र बहादुर समेत अन्य अधिकारियों ने जब जांच पड़ताल की तो करीब 5.70 करोड़ रुपये का घोटाला निकला।
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राजस्व विभाग रोकड़िया हरीश की तलाश कर रहा है। हर माह लेखा जोखा चेक करने की जिम्मेदारी जिला कोषागार अधिकारी की थी। इसके बावजूद उप कोषागार के लिए स्टांप दे दिए जाते रहे। अब डीएम ने रोकड़िया के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।
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कोषागार का रोकड़िया बगैर ब्योरा दिए भाग गया। जो रजिस्टर मिले हैं, उनके हिसाब से गबन का मामला सामने आया है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए हम प्रमुख सचिव को लिख रहे हैं।
- कुमार प्रशांत, डीएम