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संत समाज में चिन्मयानंद का पक्ष लेने वाले सिर्फ स्वामी ओम

Tue, 17 Sep 2019 02:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2019 02:01 AM IST
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शाहजहांपुर। छात्रा के आरोपों से घिरे स्वामी चिन्मयानंद से भाजपा ने तो दूरी बना ही रखी है। संत समाज से भी अभी तक किसी ने मुंह नहीं खोला। लेकिन रविवार को उनके समर्थन में बिग बॉस फेम और अखिल भारत हिंदू महासभा के संरक्षक स्वामी ओम सामने आए। उन्होंने कहा कि चिन्मयानंद पर साजिश के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं। यह हिंदू साधु संतों को बदनाम करने के लिए हो रहा है। वह रविवार को शहर के मोहल्ला इंद्रानगर स्थित ऋषि आश्रम में पत्रकारों से रूबरू हुए।
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उन्होंने कहा कि मालिश कराना कोई अपराध नहीं है। जिस छात्रा ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है, वह संजय समेत पांच-पांच लड़कों के साथ इधर-उधर घूम रही है। उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। कहा कि अंडर सेक्शन 164ए के तहत एफआईआर दर्ज करने से पहले छात्रा का डॉक्टरी परीक्षण किया जाना चाहिए था। तभी दुष्कर्म की पुष्टि हो सकती थी। उन्होंने कहा कि देश में हिंदू संतों को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। कानून और संविधान का उल्लंघन करके सीआईए और ईसाई मिशनरियों ने जाल फैलाया है। चिन्मयानंद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने देंगे। जरूरत पड़ने पर पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए हिंदू समाज और संतों को एकत्रित करने का काम किया जा रहा है। अमेरिका और दिल्ली के कई संत समर्थन में आ रहे हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि उनके पास सशस्त्र ओम सेना है, जरूरत पड़ने पर उसका भी इस्तेमाल किया जाएगा। अयोध्या से आए संत डा. राकेश शरण ने भी स्वामी ओम का समर्थन किया और कहा कि छात्रा की ओर से स्वामी चिन्मयानंद पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं, उन्हें फंसाया जा रहा है।
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शाहजहांपुर। स्वामी ओम ने स्वामी चिन्मयानंद पर लगे आरोपों को अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में बाधा डालने की साजिश करार दिया है। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी पर सीआईए और आईएसआई के लिए काम करने का आरोप लगाया है। बोले कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण छह दिसंबर से कराने का संकल्प संतों ने लिया था। इसमें स्वामी चिन्मयानंद भी शामिल हैं। यहां से जो लोग संजय के साथ में दिल्ली गए थे, वह सोनिया गांधी, प्रियंका और राहुल गांधी से मिले हैं। उन्हीं के दबाव में चिन्मयानंद पर दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसी तरह से आशाराम बापूू के लिए भी कराया गया था।
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