{"_id":"5d72bc5e8ebc3e93b147b10f","slug":"crime-bareilly-news-bly3751006151","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में हुआ खुलासा- संवासिनी सीढ़ी से कूदी !.. पर सीढ़ी आई कहां से ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में हुआ खुलासा- संवासिनी सीढ़ी से कूदी !.. पर सीढ़ी आई कहां से
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। राजकीय महिला शरणालय के मेन गेट पर सुरक्षा कर्मी खर्राटे भरते रहे और एक संवासिनी सीढ़ी के जरिये आठ फुट ऊंची दीवार फांदकर भाग गई। डीएम के आदेश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) ने सीसीटीवी फुटेज चेक की तो संवासिनी के इस दुस्साहसिक ढंग से गायब होने के राज का खुलासा भी हो गया। दीवार पर सीढ़ी लगी मिली जिसके जरिये संवासिनी दीवार फांदकर भाग निकली। हालांकि जांच टीम ने यह खुलासा नहीं किया कि महिला शरणालय में सीढ़ी आखिर आई कहां से और उसे दीवार पर किसने लगा छोड़ा। बहरहाल स्टाफ की लापरवाही मानते हुए डीपीओ ने अधीक्षिका से स्पष्टीकरण मांगने के साथ डीएम को पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराने की संस्तुति भेज दी है।
प्रेमनगर में बने राजकीय महिला शरणालय से पश्चिम बंगाल की रहने वाली संवासिनी एक सितंबर को लापता हो गई थी। अप्रैल में एसडीएम मीरगंज के आदेश पर लावारिस मिली इस महिला को शरणालय भेजा गया था। शरणालय स्टाफ का दावा है कि उन्होंने रोडवेज स्टेशन और रेलवे सहित दूसरी जगहों पर संवासिनी को ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने डीपीओ नीता अहिरवार को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। डीपीओ ने शरणालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के जब फुटेज देखे तो सामने आया कि गेट पर सुरक्षा के लिए तैनात महिला होमगार्ड गहरी नींद में सो रही थी। सुबह करीब चार बजे यह संवासिनी सीढ़ी के जरिए चढ़कर सात से आठ फुट ऊंची दीवार लांघ गई। दीवार के ऊपर कंटीले तार भी हैं। डीपीओ का कहना है कि इससे शायद संवासिनी को चोट भी लगी होगी। शरणालय की सुरक्षा के लिए नर्सरी शिक्षिका गीतीरानी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोतीलाल, संविदा कर्मी लक्ष्मी और सोनवती, महिला होमगार्ड हीरारानी और बबिता रहते हैं। इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। डीपीओ ने अधीक्षिका को नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम को जांच रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
संविदा और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के भरोसे शरणालय
महिला शरणालय में करीब डेढ़ सौ महिलाएं रह रही हैं। जबकि खाने-पीने और निगरानी का पूरा जिम्मा संविदा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर ही टिका है। अधीक्षिका इसलिए नहीं रुकती, क्योंकि उनके यहां ठहरने के कोई इंतजाम नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि शासन को कई बार इस बारे में चिट्ठी भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
‘मैंने इसकी विभागीय जांच पूरी कर ली है। डीएम से इस पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के लिए संस्तुति भेज दी है। संवासिनी ने बंगाल में अपने घर का जो पता बताया था, वहां भी उसे ढुंढवाने की कोशिश की जा रही है।’
-नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
विज्ञापन
प्रेमनगर में बने राजकीय महिला शरणालय से पश्चिम बंगाल की रहने वाली संवासिनी एक सितंबर को लापता हो गई थी। अप्रैल में एसडीएम मीरगंज के आदेश पर लावारिस मिली इस महिला को शरणालय भेजा गया था। शरणालय स्टाफ का दावा है कि उन्होंने रोडवेज स्टेशन और रेलवे सहित दूसरी जगहों पर संवासिनी को ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने डीपीओ नीता अहिरवार को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। डीपीओ ने शरणालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के जब फुटेज देखे तो सामने आया कि गेट पर सुरक्षा के लिए तैनात महिला होमगार्ड गहरी नींद में सो रही थी। सुबह करीब चार बजे यह संवासिनी सीढ़ी के जरिए चढ़कर सात से आठ फुट ऊंची दीवार लांघ गई। दीवार के ऊपर कंटीले तार भी हैं। डीपीओ का कहना है कि इससे शायद संवासिनी को चोट भी लगी होगी। शरणालय की सुरक्षा के लिए नर्सरी शिक्षिका गीतीरानी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोतीलाल, संविदा कर्मी लक्ष्मी और सोनवती, महिला होमगार्ड हीरारानी और बबिता रहते हैं। इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। डीपीओ ने अधीक्षिका को नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम को जांच रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
विज्ञापन
संविदा और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के भरोसे शरणालय
महिला शरणालय में करीब डेढ़ सौ महिलाएं रह रही हैं। जबकि खाने-पीने और निगरानी का पूरा जिम्मा संविदा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर ही टिका है। अधीक्षिका इसलिए नहीं रुकती, क्योंकि उनके यहां ठहरने के कोई इंतजाम नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि शासन को कई बार इस बारे में चिट्ठी भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
‘मैंने इसकी विभागीय जांच पूरी कर ली है। डीएम से इस पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के लिए संस्तुति भेज दी है। संवासिनी ने बंगाल में अपने घर का जो पता बताया था, वहां भी उसे ढुंढवाने की कोशिश की जा रही है।’
-नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी