{"_id":"5d7160258ebc3e93a170ae23","slug":"crime-bareilly-news-bly3750771114","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाद के बाद पहली बार समारोह में शामिल हुए चिन्मयानंद, कहा शिक्षक भावी भारत के निर्माता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाद के बाद पहली बार समारोह में शामिल हुए चिन्मयानंद, कहा शिक्षक भावी भारत के निर्माता
Sat, 07 Sep 2019 04:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2019 04:34 AM IST
विज्ञापन
स्वामी चिन्मयानंद (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रा के आरोप के बाद पहली बार स्वामी चिन्मयानंद किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षक भावी भारत के निर्माता है। शिक्षण संस्थाओं और गुरुजनों का दायित्व है कि वह चरित्रवान, शीलवान, ऊर्जावान, ज्ञानवान और सामर्थ्यवान युवा पीढ़ी का निर्माण करें।
विज्ञापन
जो देश को नवीन दिशा दे सके और विकास के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करके एक विकसित राष्ट्र के स्वप्न को साकार कर सके। वह शिक्षक दिवस के मौके पर एसएस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
कॉलेज सभागार में हुए समारोह में मुमुक्षु शिक्षा संकुल की सभी शिक्षण संस्थाओं में श्रेष्ठता के आधार पर शिक्षक-शिक्षिकाओं को संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, ददरौल विधायक मानवेंद्र सिंह और प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने शाल ओढ़ाकर, प्रशस्तिपत्र, स्मृति चिन्ह और श्रीफल देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
सम्मानित होने वालों में लिटिल आइंस्टीन प्री स्कूल की मृदुषी मिश्रा, एसएसएमवी की शिल्पी सक्सेना, धर्मानंद सरस्वती कॉलेज से रामनयन वर्मा, संस्कृत महाविद्यालय से बेबी शर्मा, एसएस लॉ कॉलेज से नलनीश चंद्र सिंह और एसएस कॉलेज के डॉ. शालीन कुमार सिंह और डॉ. विनीत श्रीवास्तव को स्वामी शुकदेवानंद शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। संचालन डॉ. अनुराग अग्रवाल ने किया।