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बेटी ही नहीं, मां की मदद का सिला भी यह मिला
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शाहजहांपुर। छात्रा के आरोपों से घिरे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने हरिद्वार से आने के बाद बुधवार को मीडिया से बातचीत की तो उनकी टीस उभर आई। कहा कि
छात्रा गरीब परिवार की थी। इसलिए उसका एडमिशन उन्होंने खुद कराया था। रहने और कैंटीन में खाने की व्यवस्था की। कॉलेज में नौकरी दी। इतना ही नहीं एक बार छात्रा की मां घर से लड़कर आई तो उसे भी हॉस्टल में रहने दिया। पर उन्हें क्या पता था कि इसका सिला उन्हें बदनामी के रूप में मिलेगा।
स्वामी ने पूरे मामले अपने को बेदाग बताया। कहा कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं वह एक षड्यंत्र का हिस्सा है। वह एसआईटी के सामने षड्यंत्रकारियों को बेनकाब करेंगे। उनके पास इस मामले में साक्ष्य मौजूद हैं। बोले कि दिल्ली के द्वारका और राजस्थान के दौसा स्थित होटल को एक ही व्यक्ति ने बुक कराया था। जिसके साक्ष्य भी पुलिस को मिलें हैं। उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों में से कुछ लोगों ने एक होटल में बैठ कर उनसे रुपयों की बात की। 25 अगस्त की रात एक बजे तक वह लोग हमारे यहां के कुछ लोगों से इस मामले में बात करते रहे और इसे मामला सुलझाने के लिए तीन करोड़ से बात शुरू की। रुपये देने से मना कर दिया गया। फिर भी वे रुपयों की मांग कम करते रहे और 25 लाख तक आ गए। इस जब उनसे कोई समझौता नहीं किया गया तो उन्होंने उनके खिलाफ छात्रा और उनके परिवार का इस्तेमाल किया है। एसआईटी जब उनसे पूछताछ करेगी तो इन साक्ष्यों को वह उसके सामने रखेंगे। जिसमें कई लोग बेनकाब होंगे। उन्होंने कहा कि जिस नंबर से पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का मेसेज भेजा गया, उसी नंबर से बनाई गई फेसबुक आईडी से छात्रा का वीडियो वायरल किया गया है।
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स्वामी ने बताया कि वीडियो वायरल करने से पहले एक सज्जन उनके पास आए और बोले कि मेरे पास अश्लील वीडियो है। ले देकर मामले को निपटा लो, फिर उसने मेसेज करके कहा कि अर्जेंट बात करो। जो मैं कह रहा हूं, उसके साक्ष्य मौजूद हैं। इसके बाद व्हाट्सएप पर मेसेज भेजकर पांच करोड़ की रंगदारी मांगी गई। उन्होंने बताया कि फिरौती की मांग करने वाले कुछ लोग राजस्थान के दौसा पहुंचे थे।
स्वामी ने बताया कि उन्होंने रंगदारी मांगे जाने की शिकायत एसपी से की थी, लेकिन एसपी ने इस मामले को गोपनीय रखने को कहा था। ताकि रंगदारी मांगने वाले भाग न जाएं। वह गोपनीय स्तर से जांच कराकर कार्रवाई करेंगे । जैसे ही एसपी की क्राइम ब्रांच टीम एक्टिव हुई, वैसे ही रंगदारी की मांग करने वाले अलर्ट हो गए और छात्रा को षड्यंत्र में शामिल कर उसका वीडियो वायरल कर दिया।
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छात्रा गरीब परिवार की थी। इसलिए उसका एडमिशन उन्होंने खुद कराया था। रहने और कैंटीन में खाने की व्यवस्था की। कॉलेज में नौकरी दी। इतना ही नहीं एक बार छात्रा की मां घर से लड़कर आई तो उसे भी हॉस्टल में रहने दिया। पर उन्हें क्या पता था कि इसका सिला उन्हें बदनामी के रूप में मिलेगा।
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स्वामी ने पूरे मामले अपने को बेदाग बताया। कहा कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं वह एक षड्यंत्र का हिस्सा है। वह एसआईटी के सामने षड्यंत्रकारियों को बेनकाब करेंगे। उनके पास इस मामले में साक्ष्य मौजूद हैं। बोले कि दिल्ली के द्वारका और राजस्थान के दौसा स्थित होटल को एक ही व्यक्ति ने बुक कराया था। जिसके साक्ष्य भी पुलिस को मिलें हैं। उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों में से कुछ लोगों ने एक होटल में बैठ कर उनसे रुपयों की बात की। 25 अगस्त की रात एक बजे तक वह लोग हमारे यहां के कुछ लोगों से इस मामले में बात करते रहे और इसे मामला सुलझाने के लिए तीन करोड़ से बात शुरू की। रुपये देने से मना कर दिया गया। फिर भी वे रुपयों की मांग कम करते रहे और 25 लाख तक आ गए। इस जब उनसे कोई समझौता नहीं किया गया तो उन्होंने उनके खिलाफ छात्रा और उनके परिवार का इस्तेमाल किया है। एसआईटी जब उनसे पूछताछ करेगी तो इन साक्ष्यों को वह उसके सामने रखेंगे। जिसमें कई लोग बेनकाब होंगे। उन्होंने कहा कि जिस नंबर से पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का मेसेज भेजा गया, उसी नंबर से बनाई गई फेसबुक आईडी से छात्रा का वीडियो वायरल किया गया है।
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स्वामी ने बताया कि वीडियो वायरल करने से पहले एक सज्जन उनके पास आए और बोले कि मेरे पास अश्लील वीडियो है। ले देकर मामले को निपटा लो, फिर उसने मेसेज करके कहा कि अर्जेंट बात करो। जो मैं कह रहा हूं, उसके साक्ष्य मौजूद हैं। इसके बाद व्हाट्सएप पर मेसेज भेजकर पांच करोड़ की रंगदारी मांगी गई। उन्होंने बताया कि फिरौती की मांग करने वाले कुछ लोग राजस्थान के दौसा पहुंचे थे।
स्वामी ने बताया कि उन्होंने रंगदारी मांगे जाने की शिकायत एसपी से की थी, लेकिन एसपी ने इस मामले को गोपनीय रखने को कहा था। ताकि रंगदारी मांगने वाले भाग न जाएं। वह गोपनीय स्तर से जांच कराकर कार्रवाई करेंगे । जैसे ही एसपी की क्राइम ब्रांच टीम एक्टिव हुई, वैसे ही रंगदारी की मांग करने वाले अलर्ट हो गए और छात्रा को षड्यंत्र में शामिल कर उसका वीडियो वायरल कर दिया।