{"_id":"5d4c7eaf8ebc3e6cc8026c71","slug":"crime-bareilly-news-bly371695980","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे के बाद पुलिस पर भड़के ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे के बाद पुलिस पर भड़के ग्रामीण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाफिजगंज। छात्र की जान लेने वाली वैन में मौजूद पशु मांस को जांच में पुलिस वैध मान रही है, लेकिन ग्रामीणों के सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं है। ग्रामीण बार बार पूछ रहे थे कि अगर सब ठीक था तो वैन इतनी तेज गति में क्यों भगाई जा रही थी। एक्सीडेंट के बाद यूपी 100 पुलिस सूचना पर भी क्यों नहीं पहुंची। पुलिस की सुस्ती की वजह से लोग भड़क गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस तस्करों को पकड़ना ही नहीं चाहती है। इसलिए मौके पर देर से पहुंचती है।
पुलिस की जांच के मुताबिक बरेली से मांस को पीलीभीत के पूरनपुर ले जाया जा रहा था। लेकिन ग्रामीणों ने इस पर सवाल उठाया है कि जब मांस वैध तरीके से ले जाया जा रहा था। वैन का पीछा भी नहीं हो रहा था तो वैन की गति इतनी तेज क्यों थी। ग्रामीणों ने बताया कि गाड़ी की स्पीड इतनी तेज थी कि ड्राइवर उसको नियंत्रित नहीं कर सका और वह हाईवे से दूर कच्चे में खड़े छात्रों को कुचलती हुई खाई में जा जा गिरी। ग्रामीणों ने बताया कि तस्कर हमेशा वाहनों को छोड़कर भाग जाते हैं और पुलिस बाद में ही पहुंचती है। क्षेत्र में कई जगह पर 100 नंबर की गाड़ियां, चौकी और थाने हैं, लेकिन पुलिस इन्हें चेक ही नहीं करती। एसओ सौरभ सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वैन को कब्जे में लेकर उसमें भरे मांस का सैंपल जांच के लिए भेजा है। बचे मांस को गड्ढा खुदवाकर दफना दिया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
होनहार था प्रशांत, सेना में जाने की तमन्ना थी
हाफिजगंज। प्रशांत कानपुर से बीएससी कर रहा था। वो पढ़ाई में होशियार था। उसकी तमन्ना सेना में अफसर बनने की थी। इसीलिए वह पढ़ाई के साथ ही व्यायाम और दौड़ पर भी पूरा ध्यान देता था। घर के इकलौते बेटे की मौत ने पूरे परिवार को बड़ा झटका दिया है। मां कुसुम रो रोकर बेसुध हो गईं। रक्षाबंधन से पहले भाई की मौत से 13 साल की शिखा भी बेहाल थी। वह रो रही थी कि अब किसे राखी बांधेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस की जांच के मुताबिक बरेली से मांस को पीलीभीत के पूरनपुर ले जाया जा रहा था। लेकिन ग्रामीणों ने इस पर सवाल उठाया है कि जब मांस वैध तरीके से ले जाया जा रहा था। वैन का पीछा भी नहीं हो रहा था तो वैन की गति इतनी तेज क्यों थी। ग्रामीणों ने बताया कि गाड़ी की स्पीड इतनी तेज थी कि ड्राइवर उसको नियंत्रित नहीं कर सका और वह हाईवे से दूर कच्चे में खड़े छात्रों को कुचलती हुई खाई में जा जा गिरी। ग्रामीणों ने बताया कि तस्कर हमेशा वाहनों को छोड़कर भाग जाते हैं और पुलिस बाद में ही पहुंचती है। क्षेत्र में कई जगह पर 100 नंबर की गाड़ियां, चौकी और थाने हैं, लेकिन पुलिस इन्हें चेक ही नहीं करती। एसओ सौरभ सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वैन को कब्जे में लेकर उसमें भरे मांस का सैंपल जांच के लिए भेजा है। बचे मांस को गड्ढा खुदवाकर दफना दिया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन
होनहार था प्रशांत, सेना में जाने की तमन्ना थी
हाफिजगंज। प्रशांत कानपुर से बीएससी कर रहा था। वो पढ़ाई में होशियार था। उसकी तमन्ना सेना में अफसर बनने की थी। इसीलिए वह पढ़ाई के साथ ही व्यायाम और दौड़ पर भी पूरा ध्यान देता था। घर के इकलौते बेटे की मौत ने पूरे परिवार को बड़ा झटका दिया है। मां कुसुम रो रोकर बेसुध हो गईं। रक्षाबंधन से पहले भाई की मौत से 13 साल की शिखा भी बेहाल थी। वह रो रही थी कि अब किसे राखी बांधेगी।
विज्ञापन