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सेना से बर्खास्त कर्मी को गोली लगी, तीन पर रिपोर्ट
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फतेहगंज पूर्वी (बरेली)। थाना क्षेत्र के कादरगंज गांव में सेना से बर्खास्त कर्मी को कंधे में गोली लगने के बाद खासा हंगामा हो गया। घायल के परिवार ने तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट कराई है, ये वही लोग हैं जो खेत पर पीड़ित के पास तीन लाख रुपयों का तकादा करने गए थे। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा भी है। एसपी देहात ने घटनास्थल का मुआयना कर घटना की सत्यता पर संदेह जताया। जांच में चौंकाने वाले नतीजे आने की उम्मीद है।
सेना से निष्कासित 40 वर्षीय राजवीर सिंह यादव उर्फ फौजी शुक्रवार सुबह अपने खेत में बने घर के बाहर बैठा था। आरोप है कि यहां पहुंचे कुछ लोगों ने उस पर राइफल से फायरिंग कर दी। इसमें एक गोली उसके दिल के ऊपर कंधे के पास जा लगी। इससे राजवीर गिर पड़ा। हमलावर मौके से फरार हो गए। जानकारी पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रधान के पति इंद्रपाल ने राजवीर को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी रविकरन सिंह मौके पर पहुंचे और दो लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। राजवीर के परिवार ने बबलू पाल व राजीव शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
एसपी देहात मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया कि राजवीर ने पड़ोस के गांव अमरेख के बबलू पाल नाम के युवक से आठ महीने पहले फसल बोने को बीज तथा उर्वरक आदि खरीदने के लिए तीन लाख पांच हजार रुपये का कर्ज लिया था। बबलू को ये रकम होली से दो माह पहले ब्याज सहित वापस करनी थी। आरोप है कि राजवीर ने होली के छह महीने गुजरने के बाद भी रकम नहीं लौटाई। बबलू अपने साथियों के साथ राजवीर के खेत पर रुपयों का तकादा करने आया था। बताया कि इन लोगों को देखकर राजवीर अंदर भागा और केस बनाने के लिए खुद ही कंधे के पास गोली मार ली। एसपी देहात ने मौके पर मिले तमंचे को सील कराने के साथ ही अस्पताल में भर्ती राजवीर के हैंड वॉश सैंपल कराए।
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- प्राथमिक तौर पर घटना संदिग्ध लग रही है। ग्रामीणों के मुताबिक राजवीर ने ही दूसरों को फंसाने के लिए खुद को गोली मारी है। अभी राजवीर पक्ष की ओर से रिपोर्ट लिख ली है, विवेचना और फिंगरप्रिंट में नई बात सामने आने पर उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात
सेना ने निकाला था, रंगदारी मांगने का भी आरोपी
फतेहगंज पूर्वी। गोली लगने से घायल राजवीर सिंह यादव भी दूध का धुला नहीं है। उसे सेना संदिग्ध गतिविधियों में निकाल चुकी है। कस्बे में भी व्यापारियों से रंगदारी मांगने का मामला उसके खिलाफ पहले से दर्ज है। जानकारी के हिसाब से राजवीर यादव ने सेना में दो साल के कार्यकाल में आर्थिक हेराफेरी की थी। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद उसको सेना ने तीन साल पहले बर्खास्त कर दिया था। तब वह अपने घर कादरगंज वापस आ गया। आरोप है कि उसने कस्बे के तीन प्रतिष्ठित व्यापारियों को धमकी भरे पत्र भेजकर पांच-पांच लाख रुपयों की मांग की थी। इसकी पुष्टि पुलिस की जांच में होने पर उसके विरुद्ध रंगदारी मांगने की धाराओं में दो साल पहले मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। वह मामला अदालत में विचाराधीन है।
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सेना से निष्कासित 40 वर्षीय राजवीर सिंह यादव उर्फ फौजी शुक्रवार सुबह अपने खेत में बने घर के बाहर बैठा था। आरोप है कि यहां पहुंचे कुछ लोगों ने उस पर राइफल से फायरिंग कर दी। इसमें एक गोली उसके दिल के ऊपर कंधे के पास जा लगी। इससे राजवीर गिर पड़ा। हमलावर मौके से फरार हो गए। जानकारी पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रधान के पति इंद्रपाल ने राजवीर को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी रविकरन सिंह मौके पर पहुंचे और दो लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। राजवीर के परिवार ने बबलू पाल व राजीव शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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एसपी देहात मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया कि राजवीर ने पड़ोस के गांव अमरेख के बबलू पाल नाम के युवक से आठ महीने पहले फसल बोने को बीज तथा उर्वरक आदि खरीदने के लिए तीन लाख पांच हजार रुपये का कर्ज लिया था। बबलू को ये रकम होली से दो माह पहले ब्याज सहित वापस करनी थी। आरोप है कि राजवीर ने होली के छह महीने गुजरने के बाद भी रकम नहीं लौटाई। बबलू अपने साथियों के साथ राजवीर के खेत पर रुपयों का तकादा करने आया था। बताया कि इन लोगों को देखकर राजवीर अंदर भागा और केस बनाने के लिए खुद ही कंधे के पास गोली मार ली। एसपी देहात ने मौके पर मिले तमंचे को सील कराने के साथ ही अस्पताल में भर्ती राजवीर के हैंड वॉश सैंपल कराए।
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- प्राथमिक तौर पर घटना संदिग्ध लग रही है। ग्रामीणों के मुताबिक राजवीर ने ही दूसरों को फंसाने के लिए खुद को गोली मारी है। अभी राजवीर पक्ष की ओर से रिपोर्ट लिख ली है, विवेचना और फिंगरप्रिंट में नई बात सामने आने पर उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात
सेना ने निकाला था, रंगदारी मांगने का भी आरोपी
फतेहगंज पूर्वी। गोली लगने से घायल राजवीर सिंह यादव भी दूध का धुला नहीं है। उसे सेना संदिग्ध गतिविधियों में निकाल चुकी है। कस्बे में भी व्यापारियों से रंगदारी मांगने का मामला उसके खिलाफ पहले से दर्ज है। जानकारी के हिसाब से राजवीर यादव ने सेना में दो साल के कार्यकाल में आर्थिक हेराफेरी की थी। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद उसको सेना ने तीन साल पहले बर्खास्त कर दिया था। तब वह अपने घर कादरगंज वापस आ गया। आरोप है कि उसने कस्बे के तीन प्रतिष्ठित व्यापारियों को धमकी भरे पत्र भेजकर पांच-पांच लाख रुपयों की मांग की थी। इसकी पुष्टि पुलिस की जांच में होने पर उसके विरुद्ध रंगदारी मांगने की धाराओं में दो साल पहले मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। वह मामला अदालत में विचाराधीन है।