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शेरगढ़ में प्रधान और पूर्व प्रधान पक्ष में तड़तड़ाईं गोलियां
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शेरगढ़। थाना क्षेत्र के मोहद्दीनपुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर प्रधान और पूर्व पक्ष के लोगों में जमकर फायरिंग हुई। लाठियां और पत्थर भी चले, इससे दोनों पक्ष के दस लोग घायल हो गए। पुलिस ने दबिश दी तो हमलावर फरार हो गए। पुलिस घायलों को अस्पताल लाई। एक तमंचा और दो कारतूस मौके से बरामद किए गए हैं।
गांव की प्रधान कुंती देवी चौहान अपने पति संजय सिंह के साथ गांव में ही दावत खाकर लौट रही थीं। रास्ते में पूर्व प्रधान जयपाल सिंह के घर के सामने से गुजरते हुए उनके परिवार की महिलाओं से कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। दोनों पक्ष के लोगों ने लाठियां निकाल लीं और ईट पत्थर चलने लगे। तभी कुछ लोग तमंचे ले आए और हवाई फायरिंग शुरू कर दी। करीब छह फायर हुए। इससे भगदड़ मच गई। पुलिस पहुंची तो हमलावर फरार हो गए।
संजय सिंह के भाई दिनेश सिंह, भतीजा रमन सिंह, भाई अनिरुद्ध सिंह, भाभी सरला देवी, बेटी स्वीटी और भतीजा विपिन पत्थर लगने से घायल हो गए। वहीं जयपाल सिंह के साथ ही उनके बेटे सत्येंद्र की पत्नी सुधा, दूसरे बेटे प्रवीण की पत्नी दीपक रानी, सत्येंद्र की बेटी दीक्षा और परिवार के ही विजेंद्र सिंह घायल हो गए। संजय ने बताया कि पहले जयपाल के भाई विश्राम सिंह के पास गांव का राशन कोटा था। ग्रामीणों की शिकायत पर कोटा खत्म हो गया। अब टिंकू के नाम कोटा आ गया है। जयपाल परिवार के लोग समझते हैं कि कोटा उन्होंने खत्म करा दिया। इसी रंजिश में उन्हें घेरकर हमला किया गया। जयपाल ने बताया कि उनके परिवार की महिलाएं ही घर पर थीं। संजय अपने लोगों के साथ आए और घर पर बिना वजह हमला बोल दिया। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीरों के आधार पर दोनों पक्षों की रिपोर्ट लिखी जाएगी।
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गांव की प्रधान कुंती देवी चौहान अपने पति संजय सिंह के साथ गांव में ही दावत खाकर लौट रही थीं। रास्ते में पूर्व प्रधान जयपाल सिंह के घर के सामने से गुजरते हुए उनके परिवार की महिलाओं से कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। दोनों पक्ष के लोगों ने लाठियां निकाल लीं और ईट पत्थर चलने लगे। तभी कुछ लोग तमंचे ले आए और हवाई फायरिंग शुरू कर दी। करीब छह फायर हुए। इससे भगदड़ मच गई। पुलिस पहुंची तो हमलावर फरार हो गए।
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संजय सिंह के भाई दिनेश सिंह, भतीजा रमन सिंह, भाई अनिरुद्ध सिंह, भाभी सरला देवी, बेटी स्वीटी और भतीजा विपिन पत्थर लगने से घायल हो गए। वहीं जयपाल सिंह के साथ ही उनके बेटे सत्येंद्र की पत्नी सुधा, दूसरे बेटे प्रवीण की पत्नी दीपक रानी, सत्येंद्र की बेटी दीक्षा और परिवार के ही विजेंद्र सिंह घायल हो गए। संजय ने बताया कि पहले जयपाल के भाई विश्राम सिंह के पास गांव का राशन कोटा था। ग्रामीणों की शिकायत पर कोटा खत्म हो गया। अब टिंकू के नाम कोटा आ गया है। जयपाल परिवार के लोग समझते हैं कि कोटा उन्होंने खत्म करा दिया। इसी रंजिश में उन्हें घेरकर हमला किया गया। जयपाल ने बताया कि उनके परिवार की महिलाएं ही घर पर थीं। संजय अपने लोगों के साथ आए और घर पर बिना वजह हमला बोल दिया। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीरों के आधार पर दोनों पक्षों की रिपोर्ट लिखी जाएगी।
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