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गोली से घायल ठिरिया के पूर्व चेयरमैन के बेटे की मौत
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बरेली। कैंट थाना क्षेत्र की ठिरिया निजावत खां नगर पंचायत के चेयरमैन रहे सफदर खां के बेटे को तीन महीने पहले कुछ लोगों ने गोली मार दी थी। घायल की इलाज के दौरान रविवार सुबह निजी अस्पताल में मौत हो गई। खबर मिलते ही यहां परिचितों की भीड़ लग गई। पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने मामले को अब हत्या की धारा में बदल दिया है।
रईस के भाई मोहम्मद मियां के मुताबिक पदारथपुर निवासी कल्लू खां कई साल पहले ठिरिया निजावत खां में अपनी ससुराल में आकर बस गया था। कल्लू का बेटा शाहिद उर्फ लफड़ा हिस्ट्रीशीटर है। लफड़ा ने रईस से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। 17 जून की शाम लफड़ा ने रईस को रुपये देने अपने घर बुलाया और फिर उनसे झगड़ा शुरू कर दिया। बाद में लफड़ा ने अपने पिता कल्लू के कहने पर रईस के पेट में गोली मार दी। तभी से रईस का इलाज भोजीपुरा के मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मोहम्मद मियां की तहरीर पर पुलिस ने उस वक्त कल्लू और लफड़ा के खिलाफ हत्या की कोशिश के आरोप में रिपोर्ट लिख ली थी। लफड़ा अभी जेल में है, जबकि उसके पिता की जमानत हो गई है। रईस के पिता सफदर अली की पांच साल पहले मृत्यु हो चुकी है। वह वर्ष 2000 में ठिरिया नगर पंचायत के चेयरमैन रहे थे। उनके बेटे की मृत्यु की खबर सुनकर काफी संख्या में लोग अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। देर शाम शव को ठिरिया में ही सुपुर्देखाक कर दिया गया। इंस्पेक्टर कैंट अवनीश यादव ने बताया कि मुकदमे को हत्या में तरमीम कर दिया है।
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रईस के भाई मोहम्मद मियां के मुताबिक पदारथपुर निवासी कल्लू खां कई साल पहले ठिरिया निजावत खां में अपनी ससुराल में आकर बस गया था। कल्लू का बेटा शाहिद उर्फ लफड़ा हिस्ट्रीशीटर है। लफड़ा ने रईस से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। 17 जून की शाम लफड़ा ने रईस को रुपये देने अपने घर बुलाया और फिर उनसे झगड़ा शुरू कर दिया। बाद में लफड़ा ने अपने पिता कल्लू के कहने पर रईस के पेट में गोली मार दी। तभी से रईस का इलाज भोजीपुरा के मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। मोहम्मद मियां की तहरीर पर पुलिस ने उस वक्त कल्लू और लफड़ा के खिलाफ हत्या की कोशिश के आरोप में रिपोर्ट लिख ली थी। लफड़ा अभी जेल में है, जबकि उसके पिता की जमानत हो गई है। रईस के पिता सफदर अली की पांच साल पहले मृत्यु हो चुकी है। वह वर्ष 2000 में ठिरिया नगर पंचायत के चेयरमैन रहे थे। उनके बेटे की मृत्यु की खबर सुनकर काफी संख्या में लोग अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। देर शाम शव को ठिरिया में ही सुपुर्देखाक कर दिया गया। इंस्पेक्टर कैंट अवनीश यादव ने बताया कि मुकदमे को हत्या में तरमीम कर दिया है।
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