Bareilly News: मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, 13 मार्च को कोर्ट में पेश करने का आदेश
बरेली में एडीजे प्रथम फास्ट ट्रैक रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने सोमवार को आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सीओ सिटी प्रथम को आदेश दिया है कि 13 मार्च तक मौलाना को वारंट तामील कराकर कोर्ट में हाजिर करें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में एडीजे फास्ट ट्रैक रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने हाजिर न होने पर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने इंस्पेक्टर प्रेमनगर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सीओ प्रथम को आदेश दिया है कि 13 मार्च तक मौलाना को वारंट तामील कराकर कोर्ट में हाजिर करें। प्रेमनगर थाना प्रभारी पर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश एसएसपी को दिया है।
हाल ही में कोर्ट ने मौलाना तौकीर को 2010 के दंगों का मास्टरमाइंड बताकर उनके खिलाफ समन जारी कर 11 मार्च को तलब किया था। इस अवधि में पुलिस यह समन तामील ही नहीं करा सकी। समन की तामील थाना प्रेमनगर के एसआई आनंद प्रकाश के जरिये कराई गई। कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में एसआई की ओर से कहा गया कि समन की तामीला करने वह खुद अभियुक्त के घर गए थे। अभियुक्त घर पर मौजूद नहीं है। इस कारण समन तामील नहीं हो सका।
Phulera Dooj: फुलेरा दूज पर अबूझ मुहूर्त में होंगे शुभ कार्य, गुलाबी कपड़े पहनना होता है शुभ, इस रंग से बचें
इस रिपोर्ट का अवलोकन कर कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रभारी निरीक्षक आशुतोष रघुवंशी ने नियत तारीख से ठीक एक दिन पहले केवल कागजी खानापूरी कर न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल की है। यह इस बात का साक्ष्य है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन अभियुक्त तौकीर रजा खां का सहयोग कर रहा है।
कोर्ट ने कहा कि तीन सप्ताह पहले ही मौलाना तौकीर रजा खां स्थानीय प्रशासन व जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए थे। अब जिले की पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पा रही है। इन बातों से यह साफ है कि मौलाना तौकीर रजा खां इस मामले में कोर्ट के सामने हाजिर नहीं होना चाहते हैं या फिर वह फरार हो गए हैं। कोर्ट ने मौलाना का गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 13 मार्च को पेश करने का आदेश सीओ प्रथम को दिया। आदेश की प्रति एसएसपी व आईजी को भेजने के लिए भी कोर्ट ने कहा है।
यह था मामला
बरेली में वर्ष 2010 में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान शहर में दो समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। कुतुबखाना बाजार चौराहे के पास सब्ज़ी मंडी में दंगाइयों ने करीब 20 दुकानों में आग लगा दी थी। शहर के सभी स्कूल, कॉलेज बंद करने के आदेश दे दिए गए थे और उपद्रवग्रस्त इलाकों में हेलीकॉप्टर से निगरानी की गई थी। पूरे मंडल में इससे सांप्रदायिक सौहार्द खतरे में पड़ गया था। कई दिन तक कर्फ्यू लगा था। इसी मामले में कोर्ट ने आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को दंगे का मुख्य साजिशकर्ता माना है।