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इंस्पेक्टर ने अदालत में रखा पक्ष, उठे सवालों के दिए जवाब
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामले में आरोपी का चालान करने के दौरान की गई लिखापढ़ी में लापरवाही बरतने के आरोप में तलब किए गए इंस्पेक्टर गजरौला नरेश कश्यप ने अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखा। उठाए गए सवालों के जवाब दिए। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी प्रधान पति को चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गजरौला क्षेत्र के प्रधान पति रजा बख्श ने 20 सितंबर को थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर नरेश कश्यप को दस हजार रुपये घूस दी थी। इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी प्रधान पति का चालान कर दिया था। लिखापढ़ी में कई अहम बिंदु छोड़ दिए जाने पर उनको बरेली की एंटी करप्शन कोर्ट ने तलब किया था। उधर, विभागीय स्तर पर भी जांच के आदेश किए गए थे। सोमवार को इंस्पेक्टर ने कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखा। इंस्पेक्टर नरेश कश्यप ने बताया कि न्यायालय को बताया गया कि कुछ बिंदुओं पर लिखापढ़ी इसलिए नहीं की जा सकी, चूंकि उसकी वजह से साक्ष्य से खिलवाड़ होने का खतरा था। इसलिए उनको लिखापढ़ी में शामिल नहीं किया जा सका। अन्य सवालों को लेकर भी जवाब दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके जवाब से संतुष्ट होने के बाद अदालत ने आरोपी प्रधान पति को चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
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सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गजरौला क्षेत्र के प्रधान पति रजा बख्श ने 20 सितंबर को थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर नरेश कश्यप को दस हजार रुपये घूस दी थी। इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी प्रधान पति का चालान कर दिया था। लिखापढ़ी में कई अहम बिंदु छोड़ दिए जाने पर उनको बरेली की एंटी करप्शन कोर्ट ने तलब किया था। उधर, विभागीय स्तर पर भी जांच के आदेश किए गए थे। सोमवार को इंस्पेक्टर ने कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखा। इंस्पेक्टर नरेश कश्यप ने बताया कि न्यायालय को बताया गया कि कुछ बिंदुओं पर लिखापढ़ी इसलिए नहीं की जा सकी, चूंकि उसकी वजह से साक्ष्य से खिलवाड़ होने का खतरा था। इसलिए उनको लिखापढ़ी में शामिल नहीं किया जा सका। अन्य सवालों को लेकर भी जवाब दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके जवाब से संतुष्ट होने के बाद अदालत ने आरोपी प्रधान पति को चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
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